{"_id":"7097d5b1c5c42a4cd09e370ddeb02509","slug":"farmers-protesters-beaten-by-police-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रदर्शनकारी किसानों को पुलिस ने दौड़ा दौड़ाकर पीटा ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रदर्शनकारी किसानों को पुलिस ने दौड़ा दौड़ाकर पीटा
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Wed, 09 Sep 2015 12:11 AM IST
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बकाया गन्ना मूल्य भुगतान को लेकर किसानों ने मंगलवार को रेलवे ट्रैक जाम कर दिया। इस दौरान त्रिवेणी मिल प्रबंधतंत्र द्वारा वार्ता के लिए बुलाए गए किसानों को पुलिस ने दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। किसानों पर न सिर्फ लाठियां भांजी गई बल्कि पथराव भी किया गया। जिसमें दो दर्जन से अधिक किसान घायल हो गए।
वहीं किसानों के साथ हुई झड़प में कई पुलिसकर्मी भी चोटिल हुए हैं। पुलिस ने कई किसानों को गिरफ्तार कर लिया है। इससे गुस्साए किसान शाम को एसडीएम कार्यालय के सामने धरने पर बैठ गए और गिरफ्तार लोगों को छोड़ने की मांग की। देर शाम तक वह वहीं जमे रहे। उधर, पुलिस ने तीन किसानों को नामजद करते हुए कई पर अज्ञात में भी मामला दर्ज किया है।
मंगलवार को बकाया गन्ना मूल्य भुगतान को लेकर भारतीय किसान मजदूर मोर्चा के संयोजक ठा. अनिल सिंह के नेतृत्व में करीब 10. 30 बजे कई गांवों के सैकड़ों किसान त्रिवेणी शुगर मिल पर धरना-प्रदर्शन करने के लिए पहुंचे थे। कई घंटे बाद भी मिल प्रबंधतंत्र की ओर से किसी को वार्ता करने के लिए नहीं भेजा गया।
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जिससे गुस्साए किसानों ने शुगर मिल के गोदामों में घुसकर तोड़फोड़ कर दी और उनमें ताले डाल दिए। जिसके बाद किसानों ने रेलवे स्टेशन की तरफ रुख किया और वहां पहुंचकर ट्रैक पर बैठ गए। किसानों के आंदोलन को देखते हुए रेल अधिकारियों ने सहारनपुर से दिल्ली की ओर जा रही पैसेंजर ट्रेन को भायला फाटक पर ही रोक लिया, लेकिन किसान वहां भी जा पहुंचे और ट्रेन पर कब्जा कर लिया।
जैसे ही इसकी जानकारी अधिकारियों को लगी तो आनन फानन में अधिकारी पुलिस एवं पीएसी बल को लेकर रेलवे स्टेशन पर पहुंच गए, जहां अधिकारियों के समझाने पर किसान रेलवे ट्रैक से हटकर पुन: शुगर मिल पहुंच गए और मिल उपाध्यक्ष डीएन मिश्रा के आवास के बाहर धरना देकर बैठ गए। किसान मिल उपाध्यक्ष को मौके पर बुलाए जाने की मांग कर रहे थे। इसके कुछ देर बाद उपाध्यक्ष किसानों के बीच पहुंचे, लेकिन कोई सार्थक बात नहीं हो पाई।
इसके बाद पुलिस ने किसानों को वहां से हटाने की कोशिश की, लेकिन किसान नहीं माने। इस पर पुुलिस ने किसानों पर लाठियां फटकारनी शुरू कर दी, जिससे वहां भगदड़ मच गई। पुलिस ने भागते किसानों पर भी जमकर हाथ साफ किए। इतना ही नहीं पुलिस ने किसानों पर पत्थर भी फेंके।
जिसमें करीब दो दर्जन से अधिक किसान घायल हो गए। उधर, किसानों के साथ हुई झड़प में एसआई लेखराज सिंह, संदीप कुमार, सचिन शर्मा समेत कांस्टेबिल अमरदीप और अमित पुनिया समेत कई पुलिसकर्मी भी चोटिल हुए हैं। इस दौरान पुलिस ने भारतीय किसान मजदूर मोर्चा के संयोजक ठा. अनिल सिंह, दिनेश फौजी और अर्जुन सिंह को हिरासत में ले लिया है।
शाम को किसान एसडीएम आफिस के सामने धरने पर बैठ गए। एसपी देहात जगदीश शर्मा मौके पर पहुंचे और किसानों को समझाने को प्रयास किया, लेकिन किसानों ने कहा कि या तो हिरासत में लिए गए लोगों को छोड़ो यह हमें भी गिरफ्तार करो। भारतीय किसान मजदूर मोर्चा के संयोजक ठा. अनिल सिंह, अर्जुन सिंह और दिनेश फौजी को छोड़े जाने की मांग को लेकर किसान देर शाम तक एसडीएम कार्यालय पर जमे रहे।
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वहीं किसानों के साथ हुई झड़प में कई पुलिसकर्मी भी चोटिल हुए हैं। पुलिस ने कई किसानों को गिरफ्तार कर लिया है। इससे गुस्साए किसान शाम को एसडीएम कार्यालय के सामने धरने पर बैठ गए और गिरफ्तार लोगों को छोड़ने की मांग की। देर शाम तक वह वहीं जमे रहे। उधर, पुलिस ने तीन किसानों को नामजद करते हुए कई पर अज्ञात में भी मामला दर्ज किया है।
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मंगलवार को बकाया गन्ना मूल्य भुगतान को लेकर भारतीय किसान मजदूर मोर्चा के संयोजक ठा. अनिल सिंह के नेतृत्व में करीब 10. 30 बजे कई गांवों के सैकड़ों किसान त्रिवेणी शुगर मिल पर धरना-प्रदर्शन करने के लिए पहुंचे थे। कई घंटे बाद भी मिल प्रबंधतंत्र की ओर से किसी को वार्ता करने के लिए नहीं भेजा गया।
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जिससे गुस्साए किसानों ने शुगर मिल के गोदामों में घुसकर तोड़फोड़ कर दी और उनमें ताले डाल दिए। जिसके बाद किसानों ने रेलवे स्टेशन की तरफ रुख किया और वहां पहुंचकर ट्रैक पर बैठ गए। किसानों के आंदोलन को देखते हुए रेल अधिकारियों ने सहारनपुर से दिल्ली की ओर जा रही पैसेंजर ट्रेन को भायला फाटक पर ही रोक लिया, लेकिन किसान वहां भी जा पहुंचे और ट्रेन पर कब्जा कर लिया।
जैसे ही इसकी जानकारी अधिकारियों को लगी तो आनन फानन में अधिकारी पुलिस एवं पीएसी बल को लेकर रेलवे स्टेशन पर पहुंच गए, जहां अधिकारियों के समझाने पर किसान रेलवे ट्रैक से हटकर पुन: शुगर मिल पहुंच गए और मिल उपाध्यक्ष डीएन मिश्रा के आवास के बाहर धरना देकर बैठ गए। किसान मिल उपाध्यक्ष को मौके पर बुलाए जाने की मांग कर रहे थे। इसके कुछ देर बाद उपाध्यक्ष किसानों के बीच पहुंचे, लेकिन कोई सार्थक बात नहीं हो पाई।
इसके बाद पुलिस ने किसानों को वहां से हटाने की कोशिश की, लेकिन किसान नहीं माने। इस पर पुुलिस ने किसानों पर लाठियां फटकारनी शुरू कर दी, जिससे वहां भगदड़ मच गई। पुलिस ने भागते किसानों पर भी जमकर हाथ साफ किए। इतना ही नहीं पुलिस ने किसानों पर पत्थर भी फेंके।
जिसमें करीब दो दर्जन से अधिक किसान घायल हो गए। उधर, किसानों के साथ हुई झड़प में एसआई लेखराज सिंह, संदीप कुमार, सचिन शर्मा समेत कांस्टेबिल अमरदीप और अमित पुनिया समेत कई पुलिसकर्मी भी चोटिल हुए हैं। इस दौरान पुलिस ने भारतीय किसान मजदूर मोर्चा के संयोजक ठा. अनिल सिंह, दिनेश फौजी और अर्जुन सिंह को हिरासत में ले लिया है।
शाम को किसान एसडीएम आफिस के सामने धरने पर बैठ गए। एसपी देहात जगदीश शर्मा मौके पर पहुंचे और किसानों को समझाने को प्रयास किया, लेकिन किसानों ने कहा कि या तो हिरासत में लिए गए लोगों को छोड़ो यह हमें भी गिरफ्तार करो। भारतीय किसान मजदूर मोर्चा के संयोजक ठा. अनिल सिंह, अर्जुन सिंह और दिनेश फौजी को छोड़े जाने की मांग को लेकर किसान देर शाम तक एसडीएम कार्यालय पर जमे रहे।