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किसानों ने पूर्वी यमुना नहर में पानी रोक रजबाहे के गेट खोले
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बेहट क्षेत्र में किसानों द्वारा पूर्वी यमुना नहर में बंधा लगाकर रोका गया पानी
- फोटो : SAHARANPUR
किसानों ने पूर्वी यमुना नहर में पानी रोक रजबाहे के गेट खोले
बेहट। रजबाहों में पानी नहीं छोड़े जाने के विरोध में शुक्रवार को किसानों ने आलमपुर अमादपुर के पास पूर्वी यमुना नहर में बांध लगाकर पानी रोक दिया और रजबाहे के गेट खोल दिए। सिंचाई विभाग के अधिकारी किसानों को समझाने पहुंचे लेकिन किसानों ने एक नहीं सुनी।
हथनीकुंड बैराज से यूपी को उसके हिस्से का पानी देने के लिए पूर्वी यमुना नहर निकाली गई है। इससे जुड़े रजबाहों में एक माह से पानी नहीं छोड़ा गया। इससे सिंचाई प्रभावित हो रही है। संबंधित विभाग के अधिकारियों से मौखिक और लिखित शिकायत के बाद भी जब ध्यान नहीं दिया गया तो शुक्रवार को क्षेत्रीय किसानों का सब्र जवाब दे गया। किसानों ने आलमपुर अमादपुर के पास नहर में मिट्टी के कट्टे भरकर व पत्थर लगाकर पानी रोक लिया। इसके बाद आलमपुर अमादपुर रजबाहे के गेट खोल दिए।
सूचना मिलते ही सिंचाई विभाग के जिलेदार मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसानों को समझाने का प्रयास किया लेकिन किसानों ने उनकी एक नहीं सुनी। किसान परवीन कुमार, विनोद कुमार, शुभम चौहान, शीशपाल, सुबोध कुमार, अंकित, पंकज, अनूप, सुनील, मान सिंह, पिंटू, आदेश कुमार, जयवीर सिंह, हाजी हनीफ, नरेश, चौधरी नरेन्द्र, राजेन्द्र पाल आदि का कहना है, कि उनकी फसलें सिंचाई के अभाव में सूख रही है, लेकिन विभागीय अधिकारी उनकी समस्या के समाधान के लिए कोई प्रयास नहीं कर रहे है। उन्हें मजबूरी में नहर में पानी रोक कर रजबहा चालू करना पड़ा। उधर सिंचाई विभाग के जिलेदार तौफीक अहमद का कहना है कि बैराज से शेयर के हिसाब से पानी नहीं मिल पा रहा है। बहुत कम पानी नहर में छोड़ा जा रहा है। उन्होंने इस संबंध में उच्चाधिकारियों से बात की है। जल्दी समस्या का समाधान निकाला जाएगा।
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बेहट। रजबाहों में पानी नहीं छोड़े जाने के विरोध में शुक्रवार को किसानों ने आलमपुर अमादपुर के पास पूर्वी यमुना नहर में बांध लगाकर पानी रोक दिया और रजबाहे के गेट खोल दिए। सिंचाई विभाग के अधिकारी किसानों को समझाने पहुंचे लेकिन किसानों ने एक नहीं सुनी।
हथनीकुंड बैराज से यूपी को उसके हिस्से का पानी देने के लिए पूर्वी यमुना नहर निकाली गई है। इससे जुड़े रजबाहों में एक माह से पानी नहीं छोड़ा गया। इससे सिंचाई प्रभावित हो रही है। संबंधित विभाग के अधिकारियों से मौखिक और लिखित शिकायत के बाद भी जब ध्यान नहीं दिया गया तो शुक्रवार को क्षेत्रीय किसानों का सब्र जवाब दे गया। किसानों ने आलमपुर अमादपुर के पास नहर में मिट्टी के कट्टे भरकर व पत्थर लगाकर पानी रोक लिया। इसके बाद आलमपुर अमादपुर रजबाहे के गेट खोल दिए।
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सूचना मिलते ही सिंचाई विभाग के जिलेदार मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसानों को समझाने का प्रयास किया लेकिन किसानों ने उनकी एक नहीं सुनी। किसान परवीन कुमार, विनोद कुमार, शुभम चौहान, शीशपाल, सुबोध कुमार, अंकित, पंकज, अनूप, सुनील, मान सिंह, पिंटू, आदेश कुमार, जयवीर सिंह, हाजी हनीफ, नरेश, चौधरी नरेन्द्र, राजेन्द्र पाल आदि का कहना है, कि उनकी फसलें सिंचाई के अभाव में सूख रही है, लेकिन विभागीय अधिकारी उनकी समस्या के समाधान के लिए कोई प्रयास नहीं कर रहे है। उन्हें मजबूरी में नहर में पानी रोक कर रजबहा चालू करना पड़ा। उधर सिंचाई विभाग के जिलेदार तौफीक अहमद का कहना है कि बैराज से शेयर के हिसाब से पानी नहीं मिल पा रहा है। बहुत कम पानी नहर में छोड़ा जा रहा है। उन्होंने इस संबंध में उच्चाधिकारियों से बात की है। जल्दी समस्या का समाधान निकाला जाएगा।
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