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दोहरे हत्याकांड पर फूटा आक्रोश, कई जगह प्रदर्शन

Thu, 29 Oct 2015 12:16 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, सहारनपुर
ब्यूरो/ अमर उजाला, सहारनपुर Updated Thu, 29 Oct 2015 12:16 AM IST
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Fair indignation on the double murder, multiple display
शहर में हुए दोहरे हत्याकांड के विरोध में परिजनों के साथ ही व्यापारियों और अन्य नागरिकों ने अलग अलग जगहों पर प्रदर्शन किया और जाम लगाकर आक्रोश जताया। मृतकों के आश्रितों के लिए 10-10 लाख रुपये का मुआवजा दिलाने और परिवार के कम से कम एक सदस्य को नौकरी दिलाने की मांग उठाई गई।
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सबसे पहले सदर कोतवाली, इसके बाद सदर तिराहा, कोर्ट रोड, घंटाघर चौक और देहरादून रोड पर प्रदर्शन होते रहे। नगर विधायक राजीव गुंबर, सपा नेता शयान मसूद, सिटी मजिस्ट्रेट आरके गुप्ता सहित अन्य अफसरों ने मुआवजे और नौकरी की मांग शासन तक पहुंचाने के आश्वासन दिया।
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मृतकों के परिवारों के लोगों के साथ स्थानीय व्यापारी और नागरिक बुधवार को पहले सदर कोतवाली पहुंचे। यहां सुबह आठ बजे से ग्यारह बजे तक भीड़ जुटी रही। बाद में कोतवाली में हंगामा करते हुए बाहर सदर रोड पर जाम लगाया गया। इस दौरान नगर विधायक राजीव गुंबर, पूर्व सभासद प्रवेश धवन सहित अन्य ने भी पीड़ितों के पक्ष में आवाज उठाते हुए उनकी बात सरकार तक पहुंचाने का भरोसा दिलाया।
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सदर रोड के बाद कोर्ट रोड पर दीवानी कचहरी के पास जाम लगाकर प्रदर्शन किया गया। इसके बाद घंटाघर चौक पर दोपहर बारह बजे से दो घंटे तक जाम और विरोध प्रदर्शन किया गया। यहां के बाद देहरादून रोड पर भी  प्रदर्शन किया गया। घंटाघर पर एडीएम-ई ओपी वर्मा, एसपी सिटी महेंद्र सिंह यादव, सिटी मजिस्ट्रेट आरके गुप्ता, सीओ अमित नागर ने लोगों को शांत कराया। सपा नेता शयान मसूद ने भी अपनी ओर से भी परिजनों की बात शासन तक पहुंचाने की बात कही। इस जाम और प्रदर्शन के कारण ही शाम तक शवों का पोस्टमार्टम भी नहीं हो पाया था।

सिविल ड्रेस में झगड़ा, वर्दी में बरसाई गोलियां
खाने के बिल को लेकर हुए झगड़े के बाद डीएम की गारद में तैनात सिपाही उस वक्त तो लौट गया था, लेकिन करीब एक घंटे बाद वह पूरी वर्दी पहनकर हाथों में पिस्टल लेकर पहुंचा। वहां मौजूद लोग कुछ समझ पाते तब तक उसने होटल व्यवसायी पर फायर झोंक दिया। इस बीच जैसे ही कर्मचारी ने उसे रोकने की कोशिश की तो बिना देरी किए उस सिपाही ने उसे भी निशाने पर ले लिया। वारदात को सिपाही ने प्लानिंग से अंजाम दिया।

डीएम की गारद में तैनात सिपाही कपिल मलिक रात करीब 10 बजे खाना खाने शेरे-पंजाब होटल पहुंचा था। खाने का बिल 270 रुपये आने पर वह काउंटर पर जाकर 200 रुपये देने लगा। इस पर होटल मालिक शिवकुमार ने विरोध किया। सिविल ड्रेस में होने के बावजूद सिपाही ने पहले उसे पुलिस और फिर डीएम की गारद का रौब दिखाया। इस पर होटल मालिक ने उससे 250 रुपये देने को कहा लेकिन गालियां देते हुए सिपाही ने 200 रुपये काउंटर की ओर फेंक दिए। इस पर शिवकुमार ने उसे गाली देने से रोका तो वह सबक सिखाने की धमकी देते हुए वहां से चला गया। इसके बाद रात करीब पौने 12 बजे वह दोबारा आया। पहले उसने शिव कुमार के सिर पर गोली मारी, इसके बाद उसे रोकने की कोशिश करने पर कर्मचारी हिटलर पर भी फायर झोंक दिया। इसके बाद वह पब्लिक पर गोलियां बरसात हुआ फरार हुआ।
 
वह गोलियां बरसाता रहा, पब्लिक पीछे भागती रही
रेलवे स्टेशन और रोडवेज अड्डे के बीच स्थित होटल में बिल के विवाद में होटल मालिक शिवकुमार उर्फ भोला और कर्मचारी हिटलर को गोली मारने के बाद भी आरोपी सिपाही कपिल मलिक के सिर पर खून सवार था। वह होटल से निकलने के बाद भी पीछे दौड़ती पब्लिक की ओर गोलियां बरसाता रहा।

सिपाही की गोली से होटल मालिक की मौत के बाद ही आसपास की भीड़ ने हत्यारोपी का पीछा किया तो वह भागते भागते गोलियां बरसाता रहा। इसके बावजूद पब्लिक ने उसका लगातार पीछा किया। कुछ प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक होटल से भागते समय सिपाही को पकड़ने की कोशिश कर रहे कर्मचारी हिटलर दूसरी गोली का शिकार बना। इसके बाद तो आसपास मौजूद काफी लोग उसके पीछे दौड़ लिए।


अपने पीछे आती भीड़ को देख आपा खो चुके सिपाही ने होटल से कुछ दूर आगे ही फिर फायरिंग की। इसके बाद स्टेशन की पार्किंग एरिया में तीन फायर किए और फिर वेटिंग रूम से होते हुए प्लेटफार्म नंबर एक पर जाने तक पिस्टल  की पूरी मैगजीन ही खाली कर दी। लोगों से बचने की कोशिश में वह स्टेशन पर ही दो बार नीचे भी गिरा और फिर उठकर भागने लगा। भीड़ के शोर के बीच जीआरपी थाना प्रभारी सत्यपाल सहित अन्य जवानों ने भी पीछा किया। खाकी वर्दी और हाथ में पिस्टल देख जवान तक उस पर हाथ डालने से घबराते रहे लेकिन बाद में कुछ सेना के जवानों की मदद से आरोपी को पकड़ लिया गया। थाना जीआरपी प्रभारी सत्यपाल शर्मा का कहना है कि पब्लिक के साथ ने हौसला बढ़ाया और हत्यारोपी को समय रहते पकड़ लिया गया।
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