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अत्यंत कुपोषित बच्चे 2746, अस्पताल में बेड मात्र दस

Wed, 01 Sep 2021 11:42 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 01 Sep 2021 11:42 PM IST
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Extremely malnourished children 2746, hospital beds only ten
पोषण पुनर्वास केंद्र में कुपोषित बच्चे के साथ उसकी मां वसीमा - फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। जिले में अत्यंत कुपोषित 2746 बच्चे हैं, लेकिन जिला अस्पताल में बने पोषण पुनर्वास केंद्र में इन बच्चों को दाखिल कर उपचार देने के लिए मात्र दस ही बेड हैं, जबकि सभी बच्चों को तत्काल प्रभाव से इलाज दिलाने देने के निर्देश हैं। पुनर्वास केंद्र में सिर्फ छह बच्चों का ही उपचार चल रहा है।
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जिले में राष्ट्रीय पोषण माह बुधवार से शुरू हो गया है। बीते दिनों संभव अभियान के तहत हुए सर्वे में जनपद में 2746 अत्यंत कुपोषित बच्चे मिले थे। शासन के निर्देश हैं कि अत्यंत कुपोषित बच्चों को तत्काल प्रभाव से पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराकर उपचार दिया जाए, लेकिन जिला अस्पताल में बने केंद्र में मात्र दस ही बेड हैं।
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घरों पर निगरानी का दावा
विभाग के मुुताबिक समय-समय पर सभी बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराकर उपचार दिया जाता है। इनमें जो ज्यादा गंभीर है, उनको पहले इलाज दिलाया जा रहा है। इसके अलावा बाकी अत्यंत कुपोषित बच्चों की घरों पर ही निगरानी की जाती है। उनके अभिभावकों को पोषाहार देने के साथ ही डाइट चार्ट भी बनाकर दिया गया है। जरूरत पड़ने पर अस्पताल में दाखिल कराया जाता है। वहीं, सवाल खड़ा होता है कि अगर इनमें से किसी बच्चों की हालत बिगड़ जाए तो कौन जिम्मेदार होगा। क्योंकि, शासन के निर्देश सभी बच्चों को तत्काल प्रभाव से उपचार दिए जाने के हैं।
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हालत में हुआ सुधार, छह बच्चों को मिल रहा उपचार
रामपुर मनिहारान क्षेत्र के गांव ददासपुर निवासी 11 माह की नाब्या आठ दिन से पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती है। उसकी मां गुलफ्सा ने बताया कि उसकी बेटी के स्वास्थ्य में पहले से सुधार हुआ है। चिलकाना क्षेत्र के गांव घाटेड़ा निवासी 10 वर्षीय अलीशान की मां शहनाज ने बताया कि उनके बेटे की हालत पहले ज्यादा खराब थी। वह सही तरह से बैठ भी नहीं पाता था, लेकिन भर्ती कराने के बाद अलीशान की सेहत में सुधार हुआ है। रामपुर निवासी नौ वर्षीय बच्चे की मां वसीमा ने बताया कि दाल, दलिया और दूध अस्पताल की ओर से दिया जा रहा है। इसके अलावा ग्लूकोज और दवाएं भी समय पर दी जा रही हैं।

वर्जन
बेड बढ़ाने की गई है मांग: त्रिपाठी
जिला कार्यक्रम अधिकारी आशा त्रिपाठी का कहना है कि सभी अत्यंत कुपोषित बच्चे विभाग की निगरानी में है, जिनकी हालत ज्यादा खराब थी, उनको उपचार दिलाया जा रहा है। पुनर्वास केंद्र में बेड की संख्या बढ़ाने को शासन और उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा गया है।

जिला अस्पताल में बने पोषण पुनर्वास केंद्र में कुपोषित बच्चे के साथ उसकी मां शहनाज

जिला अस्पताल में बने पोषण पुनर्वास केंद्र में कुपोषित बच्चे के साथ उसकी मां शहनाज- फोटो : SAHARANPUR

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