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इलाज के अभाव में कमजोर पड़ रही जीने की उम्मीद

Sun, 21 Mar 2021 11:23 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 21 Mar 2021 11:23 PM IST
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Expecting to live weakening due to lack of treatment
भगवानदास। - फोटो : SAHARANPUR
इलाज के अभाव में कमजोर पड़ रही जीने की उम्मीद
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सहारनपुर। एक ओर सरकार आयुष्मान भारत योजना और मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान जैसी महत्वाकांक्षी योजनाएं चलाकर गरीबों को बेहतर इलाज मुहैया करा रही है। वहीं दूसरी ओर समाज में ऐसे भी लोग हैं, जो इलाज के अभाव में बीमारी से इतने परेशान हो चुके हैं कि उनकी जीने की उम्मीद भी कमजोर पड़ती नजर आ रही है। ऐसे दो पीड़ितों ने अमर उजाला से संपर्क कर शासन, प्रशासन और आमजन से मदद कराने की गुहार लगाई है।
दोनों पैरों में इंफेक्शन, इलाज की दरकार
न्यू गोपाल नगर निवासी भगवानदास तीन साल पहले तक रायवाला कपड़ा मार्केट में कपड़ों की पैकिंग का काम करते थे। दोनों पैरों में इंफेक्शन होने की वजह से वह तीन साल से व्हील चेयर पर हैं। घर में पत्नी और बेरोजगार बेटा है। इलाज तो दूर, खाने तक के पैसे परिवार के पास नहीं हैं। भगवानदास ने बताया कि डॉक्टर इलाज के लिए करीब चार लाख रुपये खर्च आने की बात कह रहे हैं। वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से लखनऊ में मिलकर इलाज की गुहार लगा चुके हैं, मगर सुनवाई नहीं हुई है। ऐसे में वह अपने शरीर के अंग बेचकर इलाज कराना चाहते हैं।
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दंपती के साथ बेटा भी गंभीर बीमार
नवादा रोड स्थित अभिषेक नगर निवासी 34 वर्षीय सोनू बीते चार साल और उसकी पत्नी मीनाक्षी डेढ़ साल से किडनी की बीमारी से जूझ रही है। सोनू की दोनों और पत्नी की एक किडनी पूरी तरह खराब हो चुकी है। दो माह से आठ वर्षीय बेटे अर्णव के गले में गांठ हो गई है, जिसका इलाज चल रहा है। सोनू जिला पंचायत कार्यालय में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी है। पूरा वेतन खर्च करने के बाद भी इलाज नहीं हो पा रहा है। आलम यह है कि जनवरी 2021 से सोनू की दवा बंद है। वह केवल पत्नी और बेटे का ही इलाज करा पा रहा है। एक साथ तीन जिंदगी बचाने में जुटा सोनू हार चुका है। वह शासन और प्रशासन से मदद की गुहार लगा रहा है।
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मुख्यमंत्री राहत कोष से इलाज संभव : सीएमओ
सीएमओ डॉ. बीएस सोढ़ी का कहना है कि यदि कोई व्यक्ति आर्थिक तंगी की वजह से इलाज कराने में असमर्थ है और उसे कोई गंभीर बीमारी है तो उसे मुख्यमंत्री राहत कोष से लाभ मिल सकता है। इसके लिए मरीज जिस अस्पताल में इलाज कराए, वहां से बिल लेगा, जिसे चिकित्सा विभाग सत्यापित करके शासन को भेजेगा। इसके बाद मुख्यमंत्री राहत कोष से पैसे का भुगतान होगा।

किडनी की बीमारी से ग्रसित सोनू और पत्नी मीनाक्षी।

किडनी की बीमारी से ग्रसित सोनू और पत्नी मीनाक्षी।- फोटो : SAHARANPUR

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