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12 साल बाद भी तहसील का नहीं हुआ स्थायीकरण
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अधिवक्ता अनिल गुर्जर
- फोटो : SAHARANPUR
रामपुर मनिहारान (सहारनपुर)। रामपुर मनिहारान तहसील को बने 12 वर्ष से अधिक का समय बीत चुका है। इसके बावजूद आज तक तहसील का स्थायीकरण नहीं हो पाया है। इतना ही नहीं शासनादेशों के बाद भी तहसील भवन के लिए कोई भूमि तक चिह्नित नहीं की गई है। तहसील आज भी अस्थाई रूप से मंडी समिति के भवन में संचालित है। इससे ग्रामीणों को खासी परेशानी हो रही है।
12 वर्ष पूर्व प्रदेश की तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती ने रामपुर मनिहारान को तहसील का दर्जा दिया था। उस समय नवसृजित तहसील का अस्थाई रूप से देवबंद रोड स्थित मंडी समिति के भवन में संचालन शुरू किया गया था। यहां कोषागार और सीओ कार्यालय नहीं बन सका है। कोषागार देवबंद से अटैच किया गया है, जबकि सीओ नकुड़ में बैठते हैं। कोषागार के काम के लिए जहां ग्रामीणों का देवबंद की दौड़ लगानी पड़ती है वहीं पुलिस संबंधित कार्यों के लिए नकुड़ जाना पड़ता है। इससे धन और समय दोनों का अपव्यय होता है।
तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल गुर्जर का कहना है कि तहसील स्थापना को 12 वर्ष बीत चुके हैं आज तक इसका शासन स्तर पर स्थायीकरण नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि जहां एक ओर वर्तमान सरकार जनपद सहारनपुर में विकास कराने की बात करती है वहीं आज भी यह तहसील उधार की बिल्डिंग में चल रही है।
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वरिष्ठ अधिवक्ता चौधरी नकली राम का कहना है कि तहसील के पास अपना भवन न होने के कारण अभी तक इस तहसील में कोषागार व पुलिस क्षेत्राधिकारी की नियुक्ति नहीं हो पाई है। अधिवक्ता ठाकुर अंजली ने कहा कि बार एसोसिएशन तहसील स्थायीकरण को लेकर कई बार एसडीएम को ज्ञापन दे चुकी है और इस मांग को लेकर अधिवक्ता समय-समय पर कार्य से विरत होने का अभियान भी चला चुके हैं। बावजूद इसके शासन में बैठे अफसरों की नींद नहीं खुल रही है।
अधिवक्ता अक्षय पुंडीर का कहना है कि तहसील बिल्डिंग के लिए शासन स्तर से आदेश मिलने के बाद भी तहसील प्रशासन आज तक भूमि चिह्नित नहीं कर पाया है। उन्होंने कहा कि तहसील प्रशासन कईबार तहसील बिल्डिंग के लिए भूमि देख चुका है परंतु आज तक कोई भी भूमि फाइनल नहीं हो सकी है।
एसडीएम एसएन शर्मा का कहना है कि तहसील की बिल्डिंग के लिए भूमि की तलाश की जा रही है भूमि का चयन होते ही इसका प्रस्ताव शासन को भेज दिया जाएगा।
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12 वर्ष पूर्व प्रदेश की तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती ने रामपुर मनिहारान को तहसील का दर्जा दिया था। उस समय नवसृजित तहसील का अस्थाई रूप से देवबंद रोड स्थित मंडी समिति के भवन में संचालन शुरू किया गया था। यहां कोषागार और सीओ कार्यालय नहीं बन सका है। कोषागार देवबंद से अटैच किया गया है, जबकि सीओ नकुड़ में बैठते हैं। कोषागार के काम के लिए जहां ग्रामीणों का देवबंद की दौड़ लगानी पड़ती है वहीं पुलिस संबंधित कार्यों के लिए नकुड़ जाना पड़ता है। इससे धन और समय दोनों का अपव्यय होता है।
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तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल गुर्जर का कहना है कि तहसील स्थापना को 12 वर्ष बीत चुके हैं आज तक इसका शासन स्तर पर स्थायीकरण नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि जहां एक ओर वर्तमान सरकार जनपद सहारनपुर में विकास कराने की बात करती है वहीं आज भी यह तहसील उधार की बिल्डिंग में चल रही है।
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वरिष्ठ अधिवक्ता चौधरी नकली राम का कहना है कि तहसील के पास अपना भवन न होने के कारण अभी तक इस तहसील में कोषागार व पुलिस क्षेत्राधिकारी की नियुक्ति नहीं हो पाई है। अधिवक्ता ठाकुर अंजली ने कहा कि बार एसोसिएशन तहसील स्थायीकरण को लेकर कई बार एसडीएम को ज्ञापन दे चुकी है और इस मांग को लेकर अधिवक्ता समय-समय पर कार्य से विरत होने का अभियान भी चला चुके हैं। बावजूद इसके शासन में बैठे अफसरों की नींद नहीं खुल रही है।
अधिवक्ता अक्षय पुंडीर का कहना है कि तहसील बिल्डिंग के लिए शासन स्तर से आदेश मिलने के बाद भी तहसील प्रशासन आज तक भूमि चिह्नित नहीं कर पाया है। उन्होंने कहा कि तहसील प्रशासन कईबार तहसील बिल्डिंग के लिए भूमि देख चुका है परंतु आज तक कोई भी भूमि फाइनल नहीं हो सकी है।
एसडीएम एसएन शर्मा का कहना है कि तहसील की बिल्डिंग के लिए भूमि की तलाश की जा रही है भूमि का चयन होते ही इसका प्रस्ताव शासन को भेज दिया जाएगा।

अधिवक्ता ठाकुर अंजली- फोटो : SAHARANPUR

अधिवक्ता चौधरी नकली राम- फोटो : SAHARANPUR

अधिवक्ता अक्षय पुंडीर- फोटो : SAHARANPUR

एसडीएम रामपुर मनिहारान एसएन शर्मा- फोटो : SAHARANPUR

अस्थाई रुप से इस इमारत में चलाई जा रही रामपुर मनिहारान तहसील- फोटो : SAHARANPUR