{"_id":"5d262d668ebc3e6c9b47ffc2","slug":"establishment-of-a-university-in-a-patchwork-saharanpur-news-mrt432551139","type":"story","status":"publish","title_hn":"खटाई में पड़ी पुंवारका में यूनिवर्सिटी की स्थापना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खटाई में पड़ी पुंवारका में यूनिवर्सिटी की स्थापना
विज्ञापन
सहारनपुर। राज्य विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए पुंवारका गांव में राजकीय महाविद्यालय के पास जमीन नहीं मिल पा रही है। वहां के किसान सर्किल रेट से दोगुना पर भी जमीन देने को तैयार नहीं हुए, जिस कारण अब प्रशासन ने रामपुर मनिहारान और बेहट तहसील क्षेत्र में जमीन तलाशी है।
पूर्व में राज्य विश्वविद्यालय की स्थापना सदर तहसील के गांव पुंवारका स्थित राजकीय महाविद्यालय के पास कराई जानी प्रस्तावित थी, जिसके लिए जमीन चिह्नित की गई थी। राजकीय महाविद्यालय से लगी हुई भूमि को बैनामा करके खरीदा जाना था, लेकिन ग्राम पुंवारका के किसानों ने भूमि का अधिक मूल्य मांगा, जिससे भूमि की खरीद नहीं हो पाई है। मालूम चला है कि वहां के किसानों को सर्किल रेट से दोगुने दाम पर भूमि खरीदने का मुआवजा देने का ऑफर दिया था, लेकिन वह भी नहीं माना गया। किसान तीन गुना मुआवजा की मांग करने लगे। इसके बाद अब प्रशासन ने यूनिवर्सिटी की स्थापना के लिए रामपुर मनिहारान और बेहट तहसील क्षेत्र में एक-एक स्थान और देवबंद तहसील क्षेत्र में दो स्थानों पर भूमि देखी है, जिसको लेकर किसानों से वार्ता की जा रही है। इनमें से रामपुर मनिहारान और बेहट तहसील क्षेत्र में प्रस्तावित स्थानों को उपयुक्त पाया गया है। इस तरह से अब यूनिवर्सिटी की स्थापना रामपुर मनिहारान अथवा बेहट तहसील क्षेत्र में हो सकती है। एसडीएम सदर अनिल कुमार सिंह का कहना है कि रामपुर मनिहारान और बेहट क्षेत्र में देखी गई जमीन को लेकर 90 प्रतिशत किसानों ने सर्किल रेट से दोगुने दाम पर मुआवजा लेकर जमीन देने पर सहमति जताई है, बाकी 10 प्रतिशत किसानों से वार्ता चल रही है। उन्होंने बताया कि पुंवारका गांव के किसानों से कई दौर की वार्ता हुई, लेकिन वह सर्किल रेट से दोगुने दाम पर जमीन देने को तैयार नहीं हुए, जबकि शासन की गाइडलाइन है कि इससे ज्यादा मुआवजा नहीं दिया जा सकता है।
- मुख्यमंत्री कहकर गए थे, जमीन तलाश कर जल्दी कराएं स्थापना
सहारनपुर में राज्य विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए शासन की तरफ से हरी झंडी है। शासन ने इसके लिए 10 करोड़ रुपये बजट का प्राविधान भी किया है। वहीं, गत 29 जून को जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहारनपुर में भ्रमण पर आए थे, तब भी उन्होंने कहा था कि यूनिवर्सिटी की स्थापना के लिए जमीन चिह्नित कर तेजी से कार्य कराने का निर्देश दिया गया है।
विज्ञापन
- अस्थायी संचालन होना भी जरूरी
दरअसल, शासन ने सहारनपुर राज्य विश्वविद्यालय के लिए तीन मुख्य पदों का सृजन कर दिया है। जून माह के अंतिम सप्ताह में ही रजिस्ट्रार की तैनाती भी कर दी गई थी, लेकिन रजिस्ट्रार की तैनाती को लेकर अगले ही दिन शासन से संशोधन का आदेश आ गया था। उधर, जब तक सहारनपुर में राज्य विश्वविद्यालय की स्थापना होती है, तब तक इसका अस्थायी संचालन होना भी जरूरी है। इसके लिए पुंवारका राजकीय महाविद्यालय को उपयुक्त माना गया था, लेकिन संचालन शुरू नहीं हो पा रहा है।
विज्ञापन
पूर्व में राज्य विश्वविद्यालय की स्थापना सदर तहसील के गांव पुंवारका स्थित राजकीय महाविद्यालय के पास कराई जानी प्रस्तावित थी, जिसके लिए जमीन चिह्नित की गई थी। राजकीय महाविद्यालय से लगी हुई भूमि को बैनामा करके खरीदा जाना था, लेकिन ग्राम पुंवारका के किसानों ने भूमि का अधिक मूल्य मांगा, जिससे भूमि की खरीद नहीं हो पाई है। मालूम चला है कि वहां के किसानों को सर्किल रेट से दोगुने दाम पर भूमि खरीदने का मुआवजा देने का ऑफर दिया था, लेकिन वह भी नहीं माना गया। किसान तीन गुना मुआवजा की मांग करने लगे। इसके बाद अब प्रशासन ने यूनिवर्सिटी की स्थापना के लिए रामपुर मनिहारान और बेहट तहसील क्षेत्र में एक-एक स्थान और देवबंद तहसील क्षेत्र में दो स्थानों पर भूमि देखी है, जिसको लेकर किसानों से वार्ता की जा रही है। इनमें से रामपुर मनिहारान और बेहट तहसील क्षेत्र में प्रस्तावित स्थानों को उपयुक्त पाया गया है। इस तरह से अब यूनिवर्सिटी की स्थापना रामपुर मनिहारान अथवा बेहट तहसील क्षेत्र में हो सकती है। एसडीएम सदर अनिल कुमार सिंह का कहना है कि रामपुर मनिहारान और बेहट क्षेत्र में देखी गई जमीन को लेकर 90 प्रतिशत किसानों ने सर्किल रेट से दोगुने दाम पर मुआवजा लेकर जमीन देने पर सहमति जताई है, बाकी 10 प्रतिशत किसानों से वार्ता चल रही है। उन्होंने बताया कि पुंवारका गांव के किसानों से कई दौर की वार्ता हुई, लेकिन वह सर्किल रेट से दोगुने दाम पर जमीन देने को तैयार नहीं हुए, जबकि शासन की गाइडलाइन है कि इससे ज्यादा मुआवजा नहीं दिया जा सकता है।
विज्ञापन
- मुख्यमंत्री कहकर गए थे, जमीन तलाश कर जल्दी कराएं स्थापना
सहारनपुर में राज्य विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए शासन की तरफ से हरी झंडी है। शासन ने इसके लिए 10 करोड़ रुपये बजट का प्राविधान भी किया है। वहीं, गत 29 जून को जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहारनपुर में भ्रमण पर आए थे, तब भी उन्होंने कहा था कि यूनिवर्सिटी की स्थापना के लिए जमीन चिह्नित कर तेजी से कार्य कराने का निर्देश दिया गया है।
विज्ञापन
- अस्थायी संचालन होना भी जरूरी
दरअसल, शासन ने सहारनपुर राज्य विश्वविद्यालय के लिए तीन मुख्य पदों का सृजन कर दिया है। जून माह के अंतिम सप्ताह में ही रजिस्ट्रार की तैनाती भी कर दी गई थी, लेकिन रजिस्ट्रार की तैनाती को लेकर अगले ही दिन शासन से संशोधन का आदेश आ गया था। उधर, जब तक सहारनपुर में राज्य विश्वविद्यालय की स्थापना होती है, तब तक इसका अस्थायी संचालन होना भी जरूरी है। इसके लिए पुंवारका राजकीय महाविद्यालय को उपयुक्त माना गया था, लेकिन संचालन शुरू नहीं हो पा रहा है।