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Saharanpur News: सुलह समझौते से विवाद निपटा रहे उद्यमी, मिले 2.71 करोड़ रुपये
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सहारनपुर। मंडलीय सूक्ष्म एवं लघु उद्यम फैसिलिटेशन काउंसिल छोटे उद्यमियों के लिए वरदान साबित हो रही है। इसकी मध्यस्थता में अब तक 47 लघु उद्यमियों को फंसी हुई 2.71 करोड़ रुपये की धनराशि का भुगतान हो चुका है।
कई बार छोटी-छोटी खामियों या सर्विस को लेकर छोटे उद्यमियों और सप्लायर या खरीदार के बीच विवाद शुरू हो जाता है। जिससे चलते उद्यमियों का भुगतान फंस जाता है। ऐसी स्थिति को देखते हुए पांच सदस्यीय काउंसिल का गठन किया गया है। इनमें मंडलायुक्त अध्यक्ष और संयुक्त आयुक्त उद्योग सदस्य सचिव होते हैं। इनके साथ ही काउंसिल में जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक और दो सदस्य उद्योग संगठनों के होते हैं। मंडलीय सूक्ष्म एवं लघु उद्यम फैसिलिटेशन काउंसिल की बैठक में दोनों पक्षाें को बैठाकर उनकी समस्याओं का सुनते हैं और सुलह समझौते के आधार पर उसका समाधान कराते हैं। सुलह के आधार पर अब तक 47 उद्यमियों की फंसी हुई 2.71 करोड़ रुपये की धनराशि का भुगतान हो चुका है। कई अन्य मामले अभी प्रक्रिया में हैं।
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-- ऑनलाइन दर्ज होते हैं मामले
विवाद के समाधान के लिए लघु उद्यमी मामले को ऑनलाइन दर्ज करते हैं। इसके लिए भारत सरकार का एमएसएमई समाधान विलंबित भुगतान पोर्टल पर पंजीकरण करना पड़ता है। साथ ही मामले से संबंधित प्रपत्रों के पांच सेट जमा करने होते हैं। इसमें से एक सेट दूसरे पक्ष को भेजा जाता है, यदि दूसरा पक्ष सुलह चाहता है तो सहमति देता है और यदि कोई आपत्ति हो तो उसे 15 दिनों के अंदर देना होता है। काउंसिल की बैठक प्रतिमाह होती है।
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-- वर्जन --
काउंसिल में मामला आने के बाद इसका निपटारा सुलह समझौते के आधार पर कराने का पूरा प्रयास किया जाता है। जिससे लघु उद्यमी की फंसी हुए रकम का भुगतान हो सके। काउंसिल अब तक 47 उद्यमियों को फंसे हुए 2.71 करोड़ रुपये का भुगतान करा चुकी है।
- अंजू रानी, संयुक्त आयुक्त उद्योग
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कई बार छोटी-छोटी खामियों या सर्विस को लेकर छोटे उद्यमियों और सप्लायर या खरीदार के बीच विवाद शुरू हो जाता है। जिससे चलते उद्यमियों का भुगतान फंस जाता है। ऐसी स्थिति को देखते हुए पांच सदस्यीय काउंसिल का गठन किया गया है। इनमें मंडलायुक्त अध्यक्ष और संयुक्त आयुक्त उद्योग सदस्य सचिव होते हैं। इनके साथ ही काउंसिल में जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक और दो सदस्य उद्योग संगठनों के होते हैं। मंडलीय सूक्ष्म एवं लघु उद्यम फैसिलिटेशन काउंसिल की बैठक में दोनों पक्षाें को बैठाकर उनकी समस्याओं का सुनते हैं और सुलह समझौते के आधार पर उसका समाधान कराते हैं। सुलह के आधार पर अब तक 47 उद्यमियों की फंसी हुई 2.71 करोड़ रुपये की धनराशि का भुगतान हो चुका है। कई अन्य मामले अभी प्रक्रिया में हैं।
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विवाद के समाधान के लिए लघु उद्यमी मामले को ऑनलाइन दर्ज करते हैं। इसके लिए भारत सरकार का एमएसएमई समाधान विलंबित भुगतान पोर्टल पर पंजीकरण करना पड़ता है। साथ ही मामले से संबंधित प्रपत्रों के पांच सेट जमा करने होते हैं। इसमें से एक सेट दूसरे पक्ष को भेजा जाता है, यदि दूसरा पक्ष सुलह चाहता है तो सहमति देता है और यदि कोई आपत्ति हो तो उसे 15 दिनों के अंदर देना होता है। काउंसिल की बैठक प्रतिमाह होती है।
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काउंसिल में मामला आने के बाद इसका निपटारा सुलह समझौते के आधार पर कराने का पूरा प्रयास किया जाता है। जिससे लघु उद्यमी की फंसी हुए रकम का भुगतान हो सके। काउंसिल अब तक 47 उद्यमियों को फंसे हुए 2.71 करोड़ रुपये का भुगतान करा चुकी है।
- अंजू रानी, संयुक्त आयुक्त उद्योग