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इंजीनियर्स की हड़ताल आज से
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Wed, 24 Feb 2016 11:54 PM IST
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कार्य बहिष्कार करने के बावजूद सुनवाई नहीं होने से नाराज उत्तर प्रदेश डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ बृहस्पतिवार से बेमियादी हड़ताल शुरू करेगा। उन्होंने कहा कि मांगे पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
बुधवार को कार्य बहिष्कार के सातवें दिन उत्तर प्रदेश डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ ने जल निगम कार्यालय परिसर में गेट मीटिंग की। वक्ताओं ने कहा कि महासंघ के सभी सदस्यों ने माप पुस्तिकाएं उपखंड कार्यालयों में जमा करा दी हैं। सभी स्टोरों से सामग्री आपूर्ति बाधित हो चुकी है।
निर्माण कार्यों पर हमारा कोई भी सदस्य प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कार्य नहीं कर रहा है। उन्होंने कहा कि यदि इस अवधि में कोई भी अधोमानक निर्माण कार्य होता है तो उसकी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की होगी। कोई भी जूनियर इंजीनियर उस कार्य की माप पुस्तिकाओं में दर्ज नहीं करेगा।
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उन्होंने आरोप लगाया कि शासन द्वारा गठित उच्चस्तरीय समिति द्वारा संस्तुति के बावजूद जूनियर इंजीनियर का प्रारंभिक ग्रेड पे 4800 रुपये का शासनादेश नहीं किया जा रहा है। अध्यक्षता संघर्ष समिति के चेयरमैन सीपी सिंह और संचालन आनंद कुमार ने किया।
इस दौरान बीबीएल अग्रवाल, एसके गर्ग, उमेशचंद शर्मा, नेत्रपाल, विपिन गौतम, बाबूराम, रामकुमार सैनी, एके माथुर, एसएसपी गौड़, रमेशचंद, पीके तिवारी, एसपी सिंह आदि ने भी विचार रखे।
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बुधवार को कार्य बहिष्कार के सातवें दिन उत्तर प्रदेश डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ ने जल निगम कार्यालय परिसर में गेट मीटिंग की। वक्ताओं ने कहा कि महासंघ के सभी सदस्यों ने माप पुस्तिकाएं उपखंड कार्यालयों में जमा करा दी हैं। सभी स्टोरों से सामग्री आपूर्ति बाधित हो चुकी है।
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निर्माण कार्यों पर हमारा कोई भी सदस्य प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कार्य नहीं कर रहा है। उन्होंने कहा कि यदि इस अवधि में कोई भी अधोमानक निर्माण कार्य होता है तो उसकी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की होगी। कोई भी जूनियर इंजीनियर उस कार्य की माप पुस्तिकाओं में दर्ज नहीं करेगा।
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उन्होंने आरोप लगाया कि शासन द्वारा गठित उच्चस्तरीय समिति द्वारा संस्तुति के बावजूद जूनियर इंजीनियर का प्रारंभिक ग्रेड पे 4800 रुपये का शासनादेश नहीं किया जा रहा है। अध्यक्षता संघर्ष समिति के चेयरमैन सीपी सिंह और संचालन आनंद कुमार ने किया।
इस दौरान बीबीएल अग्रवाल, एसके गर्ग, उमेशचंद शर्मा, नेत्रपाल, विपिन गौतम, बाबूराम, रामकुमार सैनी, एके माथुर, एसएसपी गौड़, रमेशचंद, पीके तिवारी, एसपी सिंह आदि ने भी विचार रखे।