{"_id":"581ce0b34f1c1b903b435ae6","slug":"encompass-at-tehsil-in-th-cremation-ground-dispute","type":"story","status":"publish","title_hn":"श्मशान भूमि के विवाद में तहसील पर धरना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
श्मशान भूमि के विवाद में तहसील पर धरना
ब्यूरो/अमर उजाला, बेहट
Updated Sat, 05 Nov 2016 01:08 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पिछले कई महीने से चल रहे डूडू माजरा गांव के श्मशान की भूमि का विवाद तूल पकड़ रहा है। शुक्रवार को डूडू माजरा के ग्रामीणों ने भाकियू अंबावत के बैनर तले तहसील मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन किया।
उनका आरोप था कि उनकी श्मशान की भूमि और उसके रास्ते को अवैध खनन कर खुर्द बुर्द कर दिया गया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने गंभीरता से उनकी समस्या का समाधान नहीं किया तो वे उग्र आंदोलन करेंगे।
तहसील परिसर में आयोजित धरना प्रदर्शन में भाकियू (अ) के वेस्ट यूपी के अध्यक्ष चौधरी कंवरपाल ने कहा कि एनजीटी और सर्वोच्च न्यायालय की रोक के बावजूद तहसील बेहट क्षेत्र में अवैध खनन धड़ल्ले से किया जा रहा है। खनन माफिया खुलेआम यमुना सहित क्षेत्र की बरसाती नदियों में अवैध खनन कर रहे हैं। दिन ढलते ही स्टोन क्रेशर चला दिए जाते हैं।
विज्ञापन
खेड़ी मुस्तकहम के मजरे डूडू माजरा गांव के श्मशान की भूमि और उसके रास्ते को स्टोन क्रेशर मालिक खेड़ी ढाब्बा के पूर्व प्रधान द्वारा अवैध खनन करके खुर्द बुर्द कर दिया है। जहां श्मशान था, वहां 20 फीट गहरे गड्ढ़े हैं। ऐसे में गांव में किसी की मौत होने पर ग्रामीण शव का अंतिम संस्कार करने के लिए भटकते हैं।
हर बार प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचकर कोरा आश्वासन देकर शव का नदी नालों में अंतिम संस्कार कराकर आ जाते हैं, लेकिन समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। जिलाध्यक्ष नीरज चौधरी, जिला प्रभारी पदम प्रकाश शर्मा और तहसील अध्यक्ष ठाकुर जयपाल सिंह चौहान ने कहा कि प्रशासन ने श्मशान के मामले का जल्द निपटारा नहीं किया, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे। धरना प्रदर्शन में महावीर सैनी, सुनीता, मेघराज सिंह, वहीद, महफूज, यशपाल, सुशीला, कबूल सिंह, मोतीराम चौहान, लाखन, जल सिंह, प्रवीण राठौर, मामो देवी, शीला, सुशीला, रामनिवास आदि शामिल रहे।
विज्ञापन
उनका आरोप था कि उनकी श्मशान की भूमि और उसके रास्ते को अवैध खनन कर खुर्द बुर्द कर दिया गया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने गंभीरता से उनकी समस्या का समाधान नहीं किया तो वे उग्र आंदोलन करेंगे।
विज्ञापन
तहसील परिसर में आयोजित धरना प्रदर्शन में भाकियू (अ) के वेस्ट यूपी के अध्यक्ष चौधरी कंवरपाल ने कहा कि एनजीटी और सर्वोच्च न्यायालय की रोक के बावजूद तहसील बेहट क्षेत्र में अवैध खनन धड़ल्ले से किया जा रहा है। खनन माफिया खुलेआम यमुना सहित क्षेत्र की बरसाती नदियों में अवैध खनन कर रहे हैं। दिन ढलते ही स्टोन क्रेशर चला दिए जाते हैं।
विज्ञापन
खेड़ी मुस्तकहम के मजरे डूडू माजरा गांव के श्मशान की भूमि और उसके रास्ते को स्टोन क्रेशर मालिक खेड़ी ढाब्बा के पूर्व प्रधान द्वारा अवैध खनन करके खुर्द बुर्द कर दिया है। जहां श्मशान था, वहां 20 फीट गहरे गड्ढ़े हैं। ऐसे में गांव में किसी की मौत होने पर ग्रामीण शव का अंतिम संस्कार करने के लिए भटकते हैं।
हर बार प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचकर कोरा आश्वासन देकर शव का नदी नालों में अंतिम संस्कार कराकर आ जाते हैं, लेकिन समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। जिलाध्यक्ष नीरज चौधरी, जिला प्रभारी पदम प्रकाश शर्मा और तहसील अध्यक्ष ठाकुर जयपाल सिंह चौहान ने कहा कि प्रशासन ने श्मशान के मामले का जल्द निपटारा नहीं किया, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे। धरना प्रदर्शन में महावीर सैनी, सुनीता, मेघराज सिंह, वहीद, महफूज, यशपाल, सुशीला, कबूल सिंह, मोतीराम चौहान, लाखन, जल सिंह, प्रवीण राठौर, मामो देवी, शीला, सुशीला, रामनिवास आदि शामिल रहे।