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पंचायत चुनाव आरक्षण पर दूसरे दिन आईं आठ आपत्तियां
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सहारनपुर। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर जारी हुए आरक्षण पर दूसरे दिन ब्लाक कार्यालयों पर आठ आपत्तियां दर्ज हुईं। इनमें अधिकांश आपत्तियां करने वालों का यही तर्क है कि उनके गांव की आबादी के अनुसार आरक्षण होना चाहिए था।
नकुड़ ब्लाक कार्यालय पर गांव नया गांव में प्रधान पद अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हुआ है, जिसको लेकर पिछड़ा वर्ग के व्यक्ति ने आपत्ति दर्ज कराई है। उनका कहना है कि गांव में पिछड़ा वर्ग की आबादी ज्यादा है, इसलिए आरक्षण पिछड़ा वर्ग का होना चाहिए था।
नागल ब्लाक कार्यालय में शुक्रवार को तीन आपत्ति आई। गांव बचीटी के मोहम्मद उमर ने आपत्ति लगाकर कहा कि गांव में पिछड़ा वर्ग की आबादी 10 प्रतिशत से कम है, इसलिए यह पद सामान्य में होना चाहिए था। इसी तरह गांव शीतला खेड़ा निवासी नरेश कुमार और अमित कुमार ने आपत्ति दर्ज कराकर कहा कि उनके गांव में 70 प्रतिशत पिछड़ा वर्ग की आबादी है, लेकिन ग्राम प्रधान का पद अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित कर दिया गया है। गांव मझौल निवासी बालीराम ने क्षेत्र पंचायत सदस्य पद के आरक्षण को लेकर आपत्ति दी है। उनका कहना है कि गांव के वार्ड नंबर एक से 09 तक अनुसूचित जाति के लोग नहीं हैं, लेकिन पद अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित कर दिए गए हैं। उधर, साढ़ौली कदीम ब्लाक कार्यालय पर तीन आपत्तियां आईं। ग्राम नानौली, मिर्जापुर व अमादपुर में प्रधान पद के लिए हुए आरक्षण को गलत बताया है।
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नकुड़ ब्लाक कार्यालय पर गांव नया गांव में प्रधान पद अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हुआ है, जिसको लेकर पिछड़ा वर्ग के व्यक्ति ने आपत्ति दर्ज कराई है। उनका कहना है कि गांव में पिछड़ा वर्ग की आबादी ज्यादा है, इसलिए आरक्षण पिछड़ा वर्ग का होना चाहिए था।
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नागल ब्लाक कार्यालय में शुक्रवार को तीन आपत्ति आई। गांव बचीटी के मोहम्मद उमर ने आपत्ति लगाकर कहा कि गांव में पिछड़ा वर्ग की आबादी 10 प्रतिशत से कम है, इसलिए यह पद सामान्य में होना चाहिए था। इसी तरह गांव शीतला खेड़ा निवासी नरेश कुमार और अमित कुमार ने आपत्ति दर्ज कराकर कहा कि उनके गांव में 70 प्रतिशत पिछड़ा वर्ग की आबादी है, लेकिन ग्राम प्रधान का पद अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित कर दिया गया है। गांव मझौल निवासी बालीराम ने क्षेत्र पंचायत सदस्य पद के आरक्षण को लेकर आपत्ति दी है। उनका कहना है कि गांव के वार्ड नंबर एक से 09 तक अनुसूचित जाति के लोग नहीं हैं, लेकिन पद अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित कर दिए गए हैं। उधर, साढ़ौली कदीम ब्लाक कार्यालय पर तीन आपत्तियां आईं। ग्राम नानौली, मिर्जापुर व अमादपुर में प्रधान पद के लिए हुए आरक्षण को गलत बताया है।
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