{"_id":"613e3f568ebc3ebd87700a9a","slug":"drug-shortage-saharanpur-news-mrt5559257195","type":"story","status":"publish","title_hn":"दूर हुई दवाओं की किल्लत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दूर हुई दवाओं की किल्लत
विज्ञापन
दूर हुई दवाओं की किल्लत
सहारनपुर। एसबीडी जिला अस्पताल और जिला महिला अस्पताल में दवाओं की किल्लत काफी हद तक दूर हो गई है। दोनों जगहों पर कुल तीन लाख रुपये की दवाएं फिलहाल खरीदी गई हैं। अब मरीजों को दवाओं के लिए बाहर मेडिकल स्टोरों पर नहीं भटकना होगा।
दवाओं की किल्लत का मामला अपर मुख्य सचिव रजनीश दुबे के सामने आया था, जिसके बाद उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए थे। उसके बाद मंडलायुक्त लोकेश एम ने भी दोनों अस्पतालों के औषधि भंडार केंद्रों पर जाकर दवाओं की जानकारी ली थी। उन्होंने दवाओं के लिए सीएमओ डॉ. संजीव मांगलिक की बात लखनऊ भी कराई थी। जिन दवाओं की कमी है, फिलहाल उनको स्थानीय स्तर पर खरीदने के निर्देश दिए थे। इसके तुरंत बाद दोनों अस्पतालों की ओर से दवाओं की खरीद के लिए कदम उठाए गए। जिला महिला अस्पताल ने एक लाख रुपये की दवाएं खरीदी हैं। यहां लंबे समय से जीवन रक्षक दवाओं की कमी की शिकायत थी। सामान्य मरीजों को भी अस्पताल में दवा नहीं मिलने पर बाहर निजी मेडिकल स्टोरों से महंगे दाम पर दवाएं खरीदनी पड़ती थी। मगर अब दावा है कि अब दवाओं की कोई कमी नहीं है। उधर, एसबीडी जिला अस्पताल ने दो लाख रुपये की दवाएं खरीदी हैं, जो दो से चार दिन में मिलने की उम्मीद है। इन दवाओं में बुखार, खांसी, जुकाम के साथ ही दिल और किडनी के रोगों की भी दवाएं शामिल हैं।
जन औषधि केंद्र पर अधिकतम दवाएं
एसबीडी जिला अस्पताल में इमरजेंसी वार्ड के सामने बने प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र पर भी इस समय अधिकतम दवाएं हैं। यह मेडिकल स्टोर कोरोना काल में करीब एक साल बंद रहा, मगर अब यह पुन: चालू हुआ है। स्टोर संचालक ने बताया कि कुल 750 प्रकार की दवाएं होती हैं, जिनमें से ज्यादातर और जरूरी दवाएं उनके पास उपलब्ध हैं। बीते वर्ष तक हालत यह थे कि 750 प्रकार की दवाओं में से मुश्किल से 150 ही प्रकार की दवाएं होती थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
सहारनपुर। एसबीडी जिला अस्पताल और जिला महिला अस्पताल में दवाओं की किल्लत काफी हद तक दूर हो गई है। दोनों जगहों पर कुल तीन लाख रुपये की दवाएं फिलहाल खरीदी गई हैं। अब मरीजों को दवाओं के लिए बाहर मेडिकल स्टोरों पर नहीं भटकना होगा।
दवाओं की किल्लत का मामला अपर मुख्य सचिव रजनीश दुबे के सामने आया था, जिसके बाद उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए थे। उसके बाद मंडलायुक्त लोकेश एम ने भी दोनों अस्पतालों के औषधि भंडार केंद्रों पर जाकर दवाओं की जानकारी ली थी। उन्होंने दवाओं के लिए सीएमओ डॉ. संजीव मांगलिक की बात लखनऊ भी कराई थी। जिन दवाओं की कमी है, फिलहाल उनको स्थानीय स्तर पर खरीदने के निर्देश दिए थे। इसके तुरंत बाद दोनों अस्पतालों की ओर से दवाओं की खरीद के लिए कदम उठाए गए। जिला महिला अस्पताल ने एक लाख रुपये की दवाएं खरीदी हैं। यहां लंबे समय से जीवन रक्षक दवाओं की कमी की शिकायत थी। सामान्य मरीजों को भी अस्पताल में दवा नहीं मिलने पर बाहर निजी मेडिकल स्टोरों से महंगे दाम पर दवाएं खरीदनी पड़ती थी। मगर अब दावा है कि अब दवाओं की कोई कमी नहीं है। उधर, एसबीडी जिला अस्पताल ने दो लाख रुपये की दवाएं खरीदी हैं, जो दो से चार दिन में मिलने की उम्मीद है। इन दवाओं में बुखार, खांसी, जुकाम के साथ ही दिल और किडनी के रोगों की भी दवाएं शामिल हैं।
विज्ञापन
जन औषधि केंद्र पर अधिकतम दवाएं
एसबीडी जिला अस्पताल में इमरजेंसी वार्ड के सामने बने प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र पर भी इस समय अधिकतम दवाएं हैं। यह मेडिकल स्टोर कोरोना काल में करीब एक साल बंद रहा, मगर अब यह पुन: चालू हुआ है। स्टोर संचालक ने बताया कि कुल 750 प्रकार की दवाएं होती हैं, जिनमें से ज्यादातर और जरूरी दवाएं उनके पास उपलब्ध हैं। बीते वर्ष तक हालत यह थे कि 750 प्रकार की दवाओं में से मुश्किल से 150 ही प्रकार की दवाएं होती थी।
विज्ञापन