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पढ़ाई छोड़ चूल्हा बनाया, गुरुजी के लिए चाय बनाई
ब्यूरो/ अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Thu, 19 Nov 2015 12:14 AM IST
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जनपद के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षक बच्चों को पढ़ाने के बजाय उनसे अपने निजी काम ले रहे हैं। इसका ताजा उदाहरण मुजफ्फराबाद ब्लॉक के गांव भट्टपुरा स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय में देखने को मिला। यहां पढ़ने वाली छात्राओं से चाय बनवाने से लेकर झाडू तक लगवाई जाती है।
सरकार की ओर से बालिकाओं को बेहतर पढ़ाई के साथ अन्य सुविधाएं देने के लिए जहां विभिन्न योजनाएं चलायी जा रही हैं, वहीं उनकी सरकारी मशीनरी ही योजनाओं को पलीता लगाने में जुटी है। सूत्रों की मानें तो ज्यादातर विद्यालयों में शिक्षक पढ़ाई कराने के बजाय छात्र-छात्राओं से अन्य काम करवा रहे है। बुधवार को मुजफ्फराबाद ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय भट्टपुरा में छात्राएं ईंट का चूल्हा बनाकर गुरुजी के लिए चाय बनाती नजर आईं। इतना ही नहीं छात्राओं से झाडू आदि तक लगवाई जाती है।
इस संदर्भ में स्कूल के हेडमास्टर सुखपाल सिंह से बातचीत की गई तो उन्होंने स्कूल में छात्राओं से चाय बनवाने की बात को स्वीकार करते हुए कहा कि छात्राओं से अपने लिए चाय बनवा लेते हैं। कमोवेश ऐसी स्थिति जनपद के कई विद्यालयों की है। जिसको लेकर शिक्षा विभाग के अफसर जानकारी होते हुए भी अनजान बने है।
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कैसे बन पाएंगी साइना और कल्पना चावला
सहारनपुर। एक ओर जहां बेटियां हर क्षेत्र में पुरुषों के बराबर कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रही हैं। वहीं दूसरी ओर हमारे परिषदीय विद्यालयों में बेटियों से चूल्हा और झाडू पोंछा करवाया जा रहा है। जिसके लिए कहीं न कहीं शिक्षक और विभागीय अफसर जिम्मेदार है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि घर के बाहर स्कूल में भी झाडू और पोंछा कर बेटियां कैसे साइना नेहवाल और कल्पना चावला की तरह बन पाएंगी।
दोषियों के विरुद्घ होगी कार्रवाई
यह गंभीर मामला है। मामले का जांच कराकर दोषियों के विरुद्घ कार्यवाही की जाएगी।
बुद्धप्रिय सिंह, बीएसए, सहारनपुर
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सरकार की ओर से बालिकाओं को बेहतर पढ़ाई के साथ अन्य सुविधाएं देने के लिए जहां विभिन्न योजनाएं चलायी जा रही हैं, वहीं उनकी सरकारी मशीनरी ही योजनाओं को पलीता लगाने में जुटी है। सूत्रों की मानें तो ज्यादातर विद्यालयों में शिक्षक पढ़ाई कराने के बजाय छात्र-छात्राओं से अन्य काम करवा रहे है। बुधवार को मुजफ्फराबाद ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय भट्टपुरा में छात्राएं ईंट का चूल्हा बनाकर गुरुजी के लिए चाय बनाती नजर आईं। इतना ही नहीं छात्राओं से झाडू आदि तक लगवाई जाती है।
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इस संदर्भ में स्कूल के हेडमास्टर सुखपाल सिंह से बातचीत की गई तो उन्होंने स्कूल में छात्राओं से चाय बनवाने की बात को स्वीकार करते हुए कहा कि छात्राओं से अपने लिए चाय बनवा लेते हैं। कमोवेश ऐसी स्थिति जनपद के कई विद्यालयों की है। जिसको लेकर शिक्षा विभाग के अफसर जानकारी होते हुए भी अनजान बने है।
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कैसे बन पाएंगी साइना और कल्पना चावला
सहारनपुर। एक ओर जहां बेटियां हर क्षेत्र में पुरुषों के बराबर कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रही हैं। वहीं दूसरी ओर हमारे परिषदीय विद्यालयों में बेटियों से चूल्हा और झाडू पोंछा करवाया जा रहा है। जिसके लिए कहीं न कहीं शिक्षक और विभागीय अफसर जिम्मेदार है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि घर के बाहर स्कूल में भी झाडू और पोंछा कर बेटियां कैसे साइना नेहवाल और कल्पना चावला की तरह बन पाएंगी।
दोषियों के विरुद्घ होगी कार्रवाई
यह गंभीर मामला है। मामले का जांच कराकर दोषियों के विरुद्घ कार्यवाही की जाएगी।
बुद्धप्रिय सिंह, बीएसए, सहारनपुर