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Saharanpur News: छह दिन से ठप पड़ी है तीन गांवों की पेयजल आपूर्ति, धरने पर बैठे ग्रामीण
Tue, 20 May 2025 12:11 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Tue, 20 May 2025 12:11 AM IST
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जल निगम की बादशाही बाग परियोजना पर धरने पर बैठे ग्रामीण। श्रोत-ग्रामीण
मिर्जापुर। जल निगम की बादशाही बाग परियोजना से जुड़े तीन गांवों की पांच हजार की आबादी मोटर खराब होने के चलते छह दिन से गंभीर पेयजल संकट से जूझ रही है। सोमवार को ग्रामीणों के सब्र का बांध टूट गया और उन्होंने जल निगम के खिलाफ धरना देकर अपना आक्रोश जताया।
जल निगम की बादशाही बाग परियोजना का निर्माण लगभग 40 वर्ष पूर्व हुआ था। इस परियोजना से बादशाही बाग, गंजीपुर एवं शफीपुर गांवों को पेयजल आपूर्ति की जाती है। पेयजल योजना पर ट्यूबवेल पिछले सात वर्ष से तकनीकी खराबी के चलते बंद है। दूसरे ट्यूबवेल की मोटर भी खराब होने से छह दिनों से पेयजल आपूर्ति ठप पड़ी है। ग्रामीणों का आरोप है कि परियोजना से विभागीय अधिकारी स्टैबलाइजर को चार वर्ष पूर्व उतारकर ले गए थे। उसको भी अभी तक वापस नहीं भिजवाया। ग्रामीण दूरदराज से पानी के टैंकर मंगाकर पानी की आपूर्ति कर रहे हैं। भीषण गर्मी में ग्रामीण बेहाल हैं। कोई भी सुध लेने वाला नहीं है।
बुधवार को ग्रामीणों के सब्र का बांध टूट गया और ग्रामीण परियोजना पर धरने पर बैठ गए। धरने की सूचना जल निगम के अधिकारियों को मिलने के बाद भी कोई अधिकारी ग्रामीणों की समस्या को हल करने के लिए मौके पर नहीं पहुंचा। इसे लेकर भी ग्रामीणों में जल निगम के प्रति भरी रोष बना है। धरने पर बैठने वालों में ब्रह्मपाल, खालिद, पूर्व प्रधान अशोक कुमार, लोकेश गुप्ता, सुरेंद्र गुप्ता, महावीर सिंह प्रधान, पूर्व प्रधान इख़लाख आदि शामिल रहे।
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जल्द ही खराब हुई मोटर को ठीक कराकर पेयजल आपूर्ति बहाल करा दी जाएगी।-- दुष्यंत कुमार, जेई जल निगम
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जल निगम की बादशाही बाग परियोजना का निर्माण लगभग 40 वर्ष पूर्व हुआ था। इस परियोजना से बादशाही बाग, गंजीपुर एवं शफीपुर गांवों को पेयजल आपूर्ति की जाती है। पेयजल योजना पर ट्यूबवेल पिछले सात वर्ष से तकनीकी खराबी के चलते बंद है। दूसरे ट्यूबवेल की मोटर भी खराब होने से छह दिनों से पेयजल आपूर्ति ठप पड़ी है। ग्रामीणों का आरोप है कि परियोजना से विभागीय अधिकारी स्टैबलाइजर को चार वर्ष पूर्व उतारकर ले गए थे। उसको भी अभी तक वापस नहीं भिजवाया। ग्रामीण दूरदराज से पानी के टैंकर मंगाकर पानी की आपूर्ति कर रहे हैं। भीषण गर्मी में ग्रामीण बेहाल हैं। कोई भी सुध लेने वाला नहीं है।
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बुधवार को ग्रामीणों के सब्र का बांध टूट गया और ग्रामीण परियोजना पर धरने पर बैठ गए। धरने की सूचना जल निगम के अधिकारियों को मिलने के बाद भी कोई अधिकारी ग्रामीणों की समस्या को हल करने के लिए मौके पर नहीं पहुंचा। इसे लेकर भी ग्रामीणों में जल निगम के प्रति भरी रोष बना है। धरने पर बैठने वालों में ब्रह्मपाल, खालिद, पूर्व प्रधान अशोक कुमार, लोकेश गुप्ता, सुरेंद्र गुप्ता, महावीर सिंह प्रधान, पूर्व प्रधान इख़लाख आदि शामिल रहे।
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जल्द ही खराब हुई मोटर को ठीक कराकर पेयजल आपूर्ति बहाल करा दी जाएगी।