फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   Doctors not getting patients in government hospital

सरकारी अस्पताल में मरीजों को नहीं मिल रहीं दवाइयां

Wed, 22 Mar 2017 12:10 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर Updated Wed, 22 Mar 2017 12:10 AM IST
विज्ञापन
Doctors not getting patients in government hospital
सांकेतिक चित्र
सहारनपुर जिला अस्पताल में दवाओं की भारी किल्लत के चलते इलाज में बाधा उत्पन्न हो रही है। आलम यह है कि अस्पताल से जरूरी दवाएं न मिलने के कारण मरीज बाहर से मोटे दाम पर दवाइयां खरीदने को मजबूर है।
विज्ञापन

 
ऐसे में मेडिकल स्टोर संचालकों की चांदी कट रही है। दवाओं की कमी की वजह वर्षों से दवा की सप्लाई करती आ रही दो कंपनियों को प्रतिबंधित किया जाना बताया जा रहा है। स्थिति कब सामान्य होगी, यह बताने को कोई तैयार नहीं है। 
विज्ञापन


जिला अस्पताल में ओपीडी के बाहर पहले की तरह मरीजों की कतार लग रही है। हैरत की बात यह है कि चिकित्सक मरीजों को जो दवाई लिख रहे है वह अस्पताल के मेडिकल स्टोर में उपलब्ध ही नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन


यानि चिकित्सकों को भी मालूम नहीं है कि कौन सी दवा उपलब्ध है और कौन सी नहीं। ऐसे में मरीज अस्पताल से बैरंग लौट रहे है। कई मरीजों को बाहर से दवा खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।

सूूत्रों ने बताया कि वर्षों से जो कंपनियां दवाई सप्लाई कर रही थी, उनकी दवाएं मानकों के अनुरूप नहीं थी। ऐसे में दोनों कंपनियों से दवाईयों का अनुबंध रद्द कर दिया गया है।

पिछले कुछ महीने में आई दवाइयां वापस भी की गई हैं। यही वजह है कि अस्पताल के मेडिकल स्टोर में कई जरूरी दवाइयों की कमी चल रही है। उदाहरण के तौर पर त्वचा के अलग अलग रोगों के लिए अलग अलग लोशन या ट्यूब होनी चाहिए।

लेकिन जिला अस्पताल में सभी को या तो लोशन थमाया जा रहा है या फिर मना कर दिया जा रहा है।  ऐसी स्थिति अन्य कई रोगों के मरीजों के साथ भी बनी हुई है। जिन्हें मजबूरन बाहर से दवाई खरीदनी पड़ रही है। 

सहारनपुर। शासन की ओर से दो कंपनियों मेडिपोल और जी. लबोरा को प्रतिबंधित किया गया है, उनकी दवाइयां अभी तक स्वास्थ्य विभाग में पहुंच रही है। विभाग द्वारा ऐसी दवाइयों को लौटाया जा रहा है।


विभागीय सूत्रों का कहना है कि इन दवाइयों की बुकिंग कंपनी के प्रतिबंधित होने से पहले की गई थी, जिसके चलते कंपनी द्वारा दवाइयां भेजी जा रही है।   स्वास्थ्य विभाग में जिन कंपनियों की ओर से दवाइयां सप्लाई की जाती थी, उनमें से दो कंपनियों को ब्लैक लिस्टेड कर दिया गया है। ऐसे में दवाइयों की थोड़ी किल्लत है। नई कंपनियों की ओर से दवाइयों की सप्लाई शुरू हो गई है। जल्द ही दवाइयों की कमी दूर हो जाएगी। - डा. बीएस सोढी, सीएमओ 
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed