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बैंकिंग क्षेत्र में नौकरी करने वालों के यहां निकाह नहीं ः दारुल उलूम

Fri, 05 Jan 2018 12:17 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर Updated Fri, 05 Jan 2018 12:17 AM IST
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Do not marry a job in the banking sector: Darul Uloom
दारुल उलूम देवबंद
सहारनपुर के देवबंद में दारुल उलूम के इफ्ता विभाग से जारी हुए ताजा फतवे ने नई बहस छेड़ दी है। फतवा विभाग की वेबसाइट पर ऑनलाइन पूछे गए सवाल के जवाब में कहा गया है कि मुस्लिम परिवार के लोग अपनी बेटे-बेटियों की उस घर में शादी न करें, जिस घर के लोग बैंक में काम करते हैं।
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दरअसल, दारुल उलूम का कहना है कि बैंकिंग सेक्टर में नौकरी से जो परिवार पैसे कमा रहे हैं वो नाजायज है। एक व्यक्ति ने सवाल संख्या 157756 में दारुल उलूम के फतवा विभाग से सवाल पूछा कि उसकी शादी के लिए कई ऐसे प्रस्ताव आ रहे हैं जिनके परिवार का मुखिया बैंक में नौकरी करता है,
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जबकि बैंकिंग प्रणाली पूरी तरह सूद (ब्याज) पर आधारित है, जिसे इस्लाम में हराम करार दिया गया है। क्या इस तरह के किसी परिवार में शादी की जा सकती है?। जिस पर इफ्ता विभाग के मुफ्तियों की खंडपीठ ने बुधवार (3 जनवरी) को जवाब संख्या 157756 में कहा कि इस तरह के किसी भी परिवार में शादी नहीं करनी चाहिए जो हराम की कमाई कर रहा हो,
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साथ ही फतवे में सलाह दी गई है कि किसी नेक घराने में रिश्ता तलाश करना चाहिए। बता दें कि इस्लाम धर्म में रुपये से आने वाला ब्याज रीबा कहलाता है। शरीयत में ब्याज पर पैसा लेने और देने को हराम करार दिया गया है। दारुल इफ्ता ने बताया कि इस्लामी कानून या शरीयत में ब्याज वसूली के लिए रकम देना और लेना नाजायज माना जाता है।

इसके अलावा इस्लामी सिद्धांतों के मुताबिक नाजायज समझे जानेवाले कारोबार में निवेश को भी गलत माना जाता है। इस्लाम के मुताबिक, धन का अपना कोई स्वाभाविक मूल्य नहीं होता, इसलिए उसे लाभ के लिए रहन पर दिया या लिया नहीं जा सकता। इसका केवल शरीयत के हिसाब से ही इस्तेमाल किया जा सकता है।


दुनिया के कुछ देशों में इस्लामी बैंक ब्याजमुक्त बैंकिंग के सिद्धांतों पर काम करते हैं। रीबा या ब्याज इस्लामिक कानून में फिजूल माना जाता है। निवेशकों को दूसरों के कठिन परिश्रम से लाभ नहीं कमाना चाहिए। इस्लाम में शराब, नशा, स्कूल और शस्त्रों के कारोबार सहित अत्यधिक लाभ के लिए किया गया व्यापार प्रतिबंधित है। इस्लामी देशों में ब्याजमुक्त बैंकिंग के सिद्धांतों पर ही बैंक काम करते हैं।
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