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बाहर का खाना न बना दे टाइफाइड का मरीज: मिगलानी
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अंबाला रोड स्थित एक सभागार में जनचेतना द्वारा आयोजित स्वास्थ्य जागरूक गोष्ठी टाईफाईड व मलेरिया
- फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। जन चेतना एक सामाजिक संस्था की ओर से आयोजित गोष्ठी में वरिष्ठ फिजीशियन डाक्टर संजीव मिगलानी ने टाइफाइड बुखार से बचाव और लक्षणों की जानकारी दी।
अंबाला रोड स्थित एक सभागार में आयोजित गोष्ठी में डाक्टर संजीव मिगलानी ने कहा कि बदलते मौसम में विभिन्न प्रकार की बीमारियां हमें प्रभावित करती हैं, जिनसे बचने के लिए हमें अपनी जीवनशैली और आदतों को ठीक करना होगा। आजकल टाइफाइड और वायरल बुखार काफी तेजी से बढ़ रहा है। इससे सावधान रहने की आवश्यकता है। वर्तमान में जो टाइफाइड फैल रहा है, वह ज्यादातर एमडीआर टाइफाइड है। यदि इसका समय से इलाज न किया जाए तो लोग अपनी जान तक खो बैठते हैं। संस्था अध्यक्ष रवि बब्बर, महासचिव हरजीत सिंह, वीरेंद्र भारती, शिव गुलाटी, राज जुनेजा, सतेंद्र आहुजा, राजीव धारिया, शिव अरोड़ा, मुकेश सेठ, श्रवण मक्कड़, मनप्रीत सिंह, संजय अरोड़ा, अजय भाटिया, विजय भाटिया, कमल शर्मा, केके गर्ग मौजूद रहे।
टाइफाइड और मलेरिया के लक्षण
तेज बुखार, सिर और मांस पेशियों, पेट में दर्द
ब्लडप्रेशर का 90 से नीचे चले जाना।
पल्स रेट का 110 से ऊपर जाना।
बुखार के साथ ज्यादा पीला पेशाब आना।
सांस लेने में परेशानी होना।
हाथ-पैर का सूज जाना एवं ठंडा होना।
बचाव के तरीके
दूध से बनी चीजें नहीं खाएं।
अधपका मीट नहीं खाना चाहिए।
बाहर का जूस नहीं पीना चाहिए।
फास्ट फूड से परहेज करना चाहिए।
घर के आसपास गंदा पानी एकत्र न होने दें।
पूरे बाजू के कपड़े पहने
सुबह बनाई सब्जी को शाम को प्रयोग न करें।
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अंबाला रोड स्थित एक सभागार में आयोजित गोष्ठी में डाक्टर संजीव मिगलानी ने कहा कि बदलते मौसम में विभिन्न प्रकार की बीमारियां हमें प्रभावित करती हैं, जिनसे बचने के लिए हमें अपनी जीवनशैली और आदतों को ठीक करना होगा। आजकल टाइफाइड और वायरल बुखार काफी तेजी से बढ़ रहा है। इससे सावधान रहने की आवश्यकता है। वर्तमान में जो टाइफाइड फैल रहा है, वह ज्यादातर एमडीआर टाइफाइड है। यदि इसका समय से इलाज न किया जाए तो लोग अपनी जान तक खो बैठते हैं। संस्था अध्यक्ष रवि बब्बर, महासचिव हरजीत सिंह, वीरेंद्र भारती, शिव गुलाटी, राज जुनेजा, सतेंद्र आहुजा, राजीव धारिया, शिव अरोड़ा, मुकेश सेठ, श्रवण मक्कड़, मनप्रीत सिंह, संजय अरोड़ा, अजय भाटिया, विजय भाटिया, कमल शर्मा, केके गर्ग मौजूद रहे।
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टाइफाइड और मलेरिया के लक्षण
तेज बुखार, सिर और मांस पेशियों, पेट में दर्द
ब्लडप्रेशर का 90 से नीचे चले जाना।
पल्स रेट का 110 से ऊपर जाना।
बुखार के साथ ज्यादा पीला पेशाब आना।
सांस लेने में परेशानी होना।
हाथ-पैर का सूज जाना एवं ठंडा होना।
बचाव के तरीके
दूध से बनी चीजें नहीं खाएं।
अधपका मीट नहीं खाना चाहिए।
बाहर का जूस नहीं पीना चाहिए।
फास्ट फूड से परहेज करना चाहिए।
घर के आसपास गंदा पानी एकत्र न होने दें।
पूरे बाजू के कपड़े पहने
सुबह बनाई सब्जी को शाम को प्रयोग न करें।