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कर्मचारियों को मनाने ढाई घंटे अस्पताल में रहे डीएम और सीडीओ

Fri, 03 Dec 2021 11:57 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 03 Dec 2021 11:57 PM IST
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DM and CDO stayed in the hospital for two and a half hours to convince the employees
सहारनपुर। एनएचएम (राष्ट्रीय स्वास्थ्य अभियान) के संविदाकर्मी बीते पांच दिन से हड़ताल पर हैं और सीएमओ कार्यालय पर धरना दे रहे हैं। इसकी वजह से कोविड टीकाकरण प्रभावित हो रहा है। कर्मचारियों को मनाने के लिए डीएम अखिलेश सिंह और सीडीओ विजय कुमार शुक्रवार को सीएमओ कार्यालय पहुंचे। वह ढाई घंटे तक सीएमओ कार्यालय में रहे। कर्मचारियों को मनाने के लिए उनके प्रतिनिधिमंडल से बात की, लेकिन बात नहीं बनी। ऐसे में दोनों अधिकारी लौट आए। धरना शाम चार बजे तक चला।
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संविदाकर्मी सात मांगों को लेकर लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं। बीते पांच दिन से प्रदेशव्यापी आंदोलन चल रहा है। जनपद में तैनात संविदाकर्मी भी हड़ताल पर हैं और सीएमओ कार्यालय पर धरना दे रहे हैं। इनकी वजह से स्वास्थ्य विभाग के कई कार्य प्रभावित हो रहे हैं, जिनमें से एक अति महत्वपूर्ण कोविड टीकाकरण है। उधर, कोरोना की तीसरी लहर को देखते हुए प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों पर टीकाकरण में तेजी लाने का दबाव है। सीएमओ स्तर से कर्मचारियों से वार्ता कर मनाने का प्रयास किया जा चुका है, लेकिन कर्मचारी आंदोलन से पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। ऐसे में शुक्रवार को डीएम अखिलेश सिंह और सीडीओ विजय कुमार धरनारत कर्मचारियों से वार्ता के लिए सीएमओ कार्यालय पहुंचे। बाहर धरना और नारेबाजी जारी रही। भीतर डीएम और सीडीओ, सीएमओ की मौजूदगी में कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल से बात करते रहे। अधिकारियों ने कोविड टीकाकरण का हवाला दिया। उनकी मांग को शासन तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। कर्मचारी नहीं माने। कर्मचारियों का कहना था कि मामला प्रदेश स्तर का है। शासन स्तर से ही मांग मानी जानी है। यदि जिला स्तर का होता तो वह जिलाधिकारी की बात जरूर मानते। ऐसे में प्रयास करने के बाद डीएम और सीडीओ करीब ढाई घंटे बाद अस्पताल से लौट गए। उधर, कर्मचारियों का धरना शाम चार बजे तक चलता रहा। जिसे आगे भी जारी रखने की बात कर्मचारियों ने कही है।
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संविदाकर्मियों की मांग
- समान कार्य समान वेतन की नीति लागू हो।
- दस से 15 वर्ष के अनुभव वालों का नियमितीकरण किया जाए।
- रिक्त पदों पर गैर जनपद स्थानांतरण किए जाएं।
- संविदाकर्मियों के लिए बीमा पॉलिसी लाई जाए।
- सातवें वेतन आयोग का लाभ और जॉब सिक्योरिटी मिले।
- आशा बहुओं का मानदेय तय किया जाए आदि।
हमारे लिए जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्साधिकारी सम्मानित व्यक्ति हैं। मगर चूंकि मामला प्रदेश स्तर का है। ऐसे में धरना समाप्त नहीं किया जा सकता, जब सभी की बात मान ली जाएगी और प्रदेशीय कार्यकारिणी हड़ताल समाप्त करने की घोषणा कर देगी तो धरना कर्मचारी काम पर लौट जाएंगे।
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डॉ. किशोर सैनी, जिलाध्यक्ष, उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (संविदा) कर्मचारी संघ।
डीएम और सीडीओ स्वास्थ्य संबंधी कई योजनाओं और कार्यों पर दिशा निर्देश देने के लिए आए थे। इस दौरान उन्होंने हड़ताल पर चल रहे संविदाकर्मियों के प्रतिनिधिमंडल से बात कर उन्हें समझाने का प्रयास किया। टीकाकरण को सुचारू रूप से जारी रखने के लिए हम और कर्मचारियों को लगा रहे हैं।
डॉ. संजीव मांगलिक, सीएमओ।
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