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राष्ट्रीय लोक अदालत में 2401 वादों का निस्तारण

Sun, 09 Feb 2020 12:48 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 09 Feb 2020 12:48 AM IST
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Disposal of 2401 promises in National Lok Adalat
सहारनपुर। राष्ट्रीय लोक अदालत में शनिवार को 2401 वादों का निस्तारण किया गया। वादों के निस्तारण में न्यायिक एवं प्रशासनिक अधिकारियों, बैंक एवं बीमा कंपनी के अधिकारियों, लोक अदालत के सदस्य पंकज बंसल आदि ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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शनिवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में जिला जज/ अध्यक्ष सर्वेश कुमार की अध्यक्षता में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। नोडल अधिकारी एवं अपर जिला जज राजेश कुमार तृतीय एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सुनील कुमार सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत के आयोजन से पूर्व सिविल कोर्ट सभा कक्ष में एक समारोह का आयोजन किया गया। इसमें लोक अदालतों की उपयोगिता बताई गई। साथ ही कानूनी जानकारी के लिए जागरूक किया गया।
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जिला जज सर्वेश कुमार, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेन्द्र सिंह चौहान और महासचिव राजीव गुप्ता ने संयुक्त रूप से इस समारोह का शुभारंभ किया। जिला जज ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत में सभी वादकारियों को सुलह समझौते के आधार पर अधिक से अधिक वाद निस्तारित कराने चाहिए। इसमें वाद के निस्तारण होने पर मुकदमे में जमा की गई कोर्ट फीस वापस हो जाती है और मुकदमे की कोई अपील भी नहीं होती। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेन्द्र सिंह चौहान एवं महासचिव राजीव गुप्ता आदि ने भी विचार रखे। नवनियुक्त न्यायिक अधिकारी कुमार आशीष, हुमा एवं शिल्पा ने भी लोक अदालतों की महत्ता पर प्रकाश डाला।
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इस दौरान 16 मोटर दुर्घटना प्रतिकर के वाद निस्तारित हुए। इनमें पीड़ित लोगों को 4250000 रुपये की धनराशि दिलाई गई। बैकों के लोन संबधी 358 वाद निस्तारित हुए और 35341629 रुपये वसूली गई। प्रशासन के 905 राजस्व वाद भी राष्ट्रीय लोक अदालत में निस्तारित हुए। निस्तारित वादों में सर्वेश कुमार जिला जज के न्यायालय से दो मोटर दुर्घटना प्रतिकर के वाद, मनोरमा परिवार न्यायाधीश के 55 वैवाहिक वाद, सुरेश चंद भारती अपर जिला जज के एक, वीर कनेडी लाल अपर जिला जज के तीन, सुभाष चंद्रा अतिरिक्त परिवार न्यायाधीश के 13 वैवाहिक वाद, कृष्ण चन्द पांडे अपर जिला जज के 43, विजय कुमार डुगंराकोटी अपर जिला जज के पांच, तैय्यब अहमद अपर जिला जज के दो , ललिता गुप्ता अपर जिला जज के आठ, राजेश कुमार तृतीय अपर जिला जज के पांच, विकास गोयल अपर जिला जज के सात, अनामिका चौहान अपर जिला जज के तीन, दीनानाथ अपर जिला जज के एक, बॉकर शमीम रिजवी अपर जिला जज /एफटीसी के दो, सुरेंद्र प्रसाद लघुवाद न्यायाधीश के तीन, अनिल कुमार तृतीय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के 490, राजीव शरन सिविल जज (सीडी) के 50, हरिकेेश पांडे एसीजेएम प्रथम के 230, राजन कुमार गौंड एसीजेएम द्वितीय के एक, दिव्या चौधरी सिविल सिविल जज (सीडी) /एफटीसी के छह, आंचल कसाना सिविल जज (जूडी) नगर 15, एलके राठी अतिरिक्त जज के 58, भारत भूषण गर्ग स्पेशल जीएम के 10 वाद निस्तारित किए गए। देवबंद के निस्तारित वादों में लीलू सिविल जज (जूडी) 17 एवं आदित्य सिंह अतिरिक्त सिविल जज ( जूडी ) के छह वाद शामिल रहे।
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