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मधुमेह और उच्च रक्तचाप है गुर्दे खराब होने का बड़ा कारण

Thu, 10 Mar 2022 12:02 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 10 Mar 2022 12:02 AM IST
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Diabetes and high blood pressure are major causes of kidney failure
सहारनपुर। गुर्दे के रोगी लगातार बढ़ रहे हैं, जिसका सबसे बड़ा प्रमाण एसबीडी जिला अस्पताल की हीमोडायलिसिस यूनिट है, जहां डायलिसिस कराने वालों की संख्या हर साल लगातार बढ़ रही है। बीते चार साल में 38,000 डायलिसिस हो चुके हैं। गुर्दे (किडनी) की बीमारी की सबसे बड़ी वजह लोगों में अनियंत्रित मधुमेह और उच्च रक्तचाप है। ऐसे मरीजों को गुर्दे के प्रति विशेष सावधान रहने की जरूरत है।
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एसबीडी जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. अनिल वोहरा ने बताया कि किडनी खराब होने की दो बड़ी वजह मधुमेह और हाई ब्लडप्रेशर है। दोनों ही बीमारियां तेजी से फैल रही हैं। इन बीमारियों के फैलने की मुख्य वजह लोगों की दिनचर्या में बदलाव और गलत खानपान है। वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. संजीव मिगलानी बताते हैं कि सी.के.डी. यानी क्रोनिक किडनी डिजीज का मुख्य कारण अनियंत्रित हाई ब्लडप्रेशर और मधुमेह (डायबिटीज) है। किडनी के मरीजों का दुर्भाग्य यह है कि सीकेडी के पहली और दूसरी स्टेज में कोई लक्षण सामने नहीं आते हैं। तीन, चार या पांचवीं स्टेज में आकर बीमारी का पता चलता है और तब तक देर हो चुकी होती है। ऐसे में जरूरी है कि मधुमेह और हाई ब्लडप्रेशर के मरीज समय-समय पर अपनी किडनी की जांच कराते रहे। किडनी की दो प्रमुख जांच ईजीएफआर और एमसीआर है।
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तीन से पांचवीं स्टेज के लक्षण
डॉ. मिगलानी ने बताया कि पांचवीं स्टेज में मरीज को थकान रहने लगती है। जी कच्चा रहता है तथा उल्टी का मन रहता है। सांस फूलना और भूख न लगाना भी इसके लक्षण हैं। इसके अलावा खुजली होना, खून की कमी और शरीर में दर्द रहना भी किडनी खराब होने के संकेत हैं। यदि किसी व्यक्ति को यह सब लक्षण हैं तो उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल जाकर किडनी के डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
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किडनी के मरीज यह खाएं
- मैदा, सूजी, मैदे की सेवियां और मूली के पत्ते।
- आरारोट पाउडर, गुलाबी मूली, घीया, तोरी, फलियां, खीरा।
- कच्चा आम, तोरी, टिंडा, सिंघाड़ा, मटर, शिमला मिर्च, सोया पनीर।
- सूजी और साबूदाने की खीर, सोयाबीन की बड़ी, बिना बीज का करेला और सफेद चावल।
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मरीज यह खाने से बचें
- ताजा जूस, कोल्ड ड्रिंक, नींबू पानी, ताजा नारियल।
- चॉकलेट, जैली, जैम, नमकीन, केक, पेस्ट्री, चटनी और अचार।
- छिलके वाली दालें, अनाज, कॉफी, धनिया, कच्ची हरी पत्तेदार सब्जी, बैंगन, कटहल और बथुआ।
- तरबूज, लोकाट, मौसमी, आडू, फालासा, टमाटर, आंवला, लीची, चौकर युक्त आटा।
- ड्राई फ्रूट, काजू, बादाम, अखरोट आदि।
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मरीजों के लिए सरकारी अस्पताल में सुविधा
सहारनपुर। गुर्दे के मरीजों के लिए एसबीडी जिला अस्पताल में जांच, दवा और डायलिसिस की सुविधा है। जिला अस्पताल में हीमो डायलिसिस यूनिट की स्थापना 19 अगस्त 2017 में हुई थी। यूनिट में 11 मशीनें लगी हैं, जिनसे प्रतिदिन 33 मरीजों की डायलिसिस की जा सकती है। वर्तमान में करीब 65 मरीजों की डायलिसिस यहां नियमित रूप से चल रही है। यूनिट के मैनेजर मोहित कुमार ने बताया कि समय-समय पर मरीजों की जरूरत के हिसाब से प्राइवेट चिकित्सकों को भी बुलाया जाता है। इसके अलावा शहर के कई बड़े नेफ्रोलॉजिस्ट यूनिट को फ्री सेवा दे रहे है। यूनिट के स्थापित होने से अब तक करीब 38,000 डायलिसिस की जा चुकी हैं।
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