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दूसरे दिन सात सौ श्रद्वालुओं ने टेका मां भगवती के दरबार में मत्था
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दूसरे दिन सात सौ सौ श्रद्धालुओं ने मां आदि शक्ति के दर्शन कर मन्नतें मांगी
शाकंभरी। सरकार की गाइड लाइन के अनुसार मंदिरों के कपाट खुलते ही पश्चिमी यूपी के विख्यात सिद्ध पीठ मां शाकंभरी के दरबार में भी भक्तों ने हाजिरी लगाने पहुंचना शुरू कर दिया है। मंगलवार को दूसरे दिन करीब सात सौ श्रद्धालुओं ने मां आदि शक्ति के दर्शन कर मन्नतें मांगी। इस दौरान उन्होंने सामाजिक दूरी का पूरा ध्यान रखा।
22 मार्च को लॉकडाउन के बाद शासन के आदेश के बाद मंदिरों में पूजा अर्चना बंद की। इससे पहले जहां सिद्धपीठ में बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन करते थे। दिन भर सिद्धपीठ क्षेत्र माता के जयकारों से गूंजायमान रहता था, वहीं यकायक लॉकडाउन के बाद मंदिर सुनसान हो गए थे। इसी के साथ वहां पर दुकानें लगाने वालों के समक्ष रोजी रोटी का संकट उत्पन्न हो गया। अब अनलॉक वन में मां शाकंभरी का दरबार भी श्रद्धालुओं की पूजा अर्चना के लिए खोल दिया। सिद्धपीठ शाकंभरी देवी के प्रधान पुजारी पंडित आचार्य संदीप हेमदान ने बताया कि मंदिर के कपाट सुबह 5:40 से खुलकर रात्रि के लिए शाम सात बजे बंद होंगे। मंदिर में प्रसाद लाना निषेध है। भक्तजन केवल खाली हाथ आए और श्रद्धा भाव से मां के दर्शन करें।
संदीप हेमदान ने बताया कि मंदिर में आरती के समय उन सहित कुल पांच लोग शामिल हुए। मंदिर में टोकन व्यवस्था के चलते माता रानी के दर्शन के लिए पूर्व की भांति भीड़ इकट्ठा नहीं हुई। दूसरे दिन भी सोशल डिस्टेंसिंग के साथ शासन के निर्देश का पालन कर मां भगवती के दर्शन श्रद्धालुओं ने किए। उन्होंने बताया कि पहले दिन करीब साढ़े तीन सौ तो दूसरे दिन सात सौ श्रद्धालुओं ने मां भगवती के दर्शन किए।
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शाकंभरी। सरकार की गाइड लाइन के अनुसार मंदिरों के कपाट खुलते ही पश्चिमी यूपी के विख्यात सिद्ध पीठ मां शाकंभरी के दरबार में भी भक्तों ने हाजिरी लगाने पहुंचना शुरू कर दिया है। मंगलवार को दूसरे दिन करीब सात सौ श्रद्धालुओं ने मां आदि शक्ति के दर्शन कर मन्नतें मांगी। इस दौरान उन्होंने सामाजिक दूरी का पूरा ध्यान रखा।
22 मार्च को लॉकडाउन के बाद शासन के आदेश के बाद मंदिरों में पूजा अर्चना बंद की। इससे पहले जहां सिद्धपीठ में बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन करते थे। दिन भर सिद्धपीठ क्षेत्र माता के जयकारों से गूंजायमान रहता था, वहीं यकायक लॉकडाउन के बाद मंदिर सुनसान हो गए थे। इसी के साथ वहां पर दुकानें लगाने वालों के समक्ष रोजी रोटी का संकट उत्पन्न हो गया। अब अनलॉक वन में मां शाकंभरी का दरबार भी श्रद्धालुओं की पूजा अर्चना के लिए खोल दिया। सिद्धपीठ शाकंभरी देवी के प्रधान पुजारी पंडित आचार्य संदीप हेमदान ने बताया कि मंदिर के कपाट सुबह 5:40 से खुलकर रात्रि के लिए शाम सात बजे बंद होंगे। मंदिर में प्रसाद लाना निषेध है। भक्तजन केवल खाली हाथ आए और श्रद्धा भाव से मां के दर्शन करें।
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संदीप हेमदान ने बताया कि मंदिर में आरती के समय उन सहित कुल पांच लोग शामिल हुए। मंदिर में टोकन व्यवस्था के चलते माता रानी के दर्शन के लिए पूर्व की भांति भीड़ इकट्ठा नहीं हुई। दूसरे दिन भी सोशल डिस्टेंसिंग के साथ शासन के निर्देश का पालन कर मां भगवती के दर्शन श्रद्धालुओं ने किए। उन्होंने बताया कि पहले दिन करीब साढ़े तीन सौ तो दूसरे दिन सात सौ श्रद्धालुओं ने मां भगवती के दर्शन किए।
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