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स्वच्छकारों की बस्तियों में प्राथमिकता से कराए विकास कार्य : भगवत प्रसाद मकवाना
Tue, 16 Jan 2024 01:05 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Tue, 16 Jan 2024 01:05 AM IST
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सहारनपुर। भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की सेंट्रल मॉनिटरिंग कमेटी के सदस्य भगवत प्रसाद मकवाना ने कहा कि स्वच्छकारों की बस्तियों में प्राथमिकता विकास कार्य कराए जाएं। साथ ही स्वास्थ्य शिविर लगवाए जाएं।
सोमवार को सर्किट हाउस सभागार में हुई बैठक में उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा स्वच्छकारों के लिए लाभकारी योजनाएं संचालित कर पुनर्वासित किया जा रहा है। उन्होंने निर्देश दिए कि स्वच्छकारों की बस्तियों में प्राथमिकता से विकास कार्य कराकर उनकी स्थिति में सुधार लाया जाए। स्वच्छकारों की बस्तियों में अधिक से अधिक शिविर लगाकर विभिन्न योजनाओं के ऋण वितरित किए जाएं। कहा कि उच्चतम न्यायालय के निर्देशानुसार सीवर में कार्य करते हुए मरने वाले स्वच्छकारों के आश्रितों को 30 लाख मुआवजा दिये जाने का प्रावधान किया गया है।
जनपद में इस प्रकार के मृतक आश्रितों को चिन्हित करते हुए उन्हें योजना से लाभान्वित किया जाए। उन्होंने आउटसोर्सिंग, ठेका एवं अन्य माध्यमों से नगर निकायों में तैनात सफाई कार्मिकों के वेतन भुगतान, ईपीएफ, ईएसआई एवं साप्ताहिक अवकाश की जानकारी लेते हुए कहा कि किसी भी कार्मिक का शोषण नहीं होना चाहिए। इस दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. विपिन ताडा, मुख्य विकास अधिकारी सुमित राजेश महाजन, जनपद स्तरीय समिति के सदस्य भारत भूषण एवं राकेश कल्याण, एसपी सिटी अभिमन्यु मांगलिक सिटी मजिस्ट्रेट गजेन्द्र कुमार आदि मौजूद रहे।
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सोमवार को सर्किट हाउस सभागार में हुई बैठक में उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा स्वच्छकारों के लिए लाभकारी योजनाएं संचालित कर पुनर्वासित किया जा रहा है। उन्होंने निर्देश दिए कि स्वच्छकारों की बस्तियों में प्राथमिकता से विकास कार्य कराकर उनकी स्थिति में सुधार लाया जाए। स्वच्छकारों की बस्तियों में अधिक से अधिक शिविर लगाकर विभिन्न योजनाओं के ऋण वितरित किए जाएं। कहा कि उच्चतम न्यायालय के निर्देशानुसार सीवर में कार्य करते हुए मरने वाले स्वच्छकारों के आश्रितों को 30 लाख मुआवजा दिये जाने का प्रावधान किया गया है।
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जनपद में इस प्रकार के मृतक आश्रितों को चिन्हित करते हुए उन्हें योजना से लाभान्वित किया जाए। उन्होंने आउटसोर्सिंग, ठेका एवं अन्य माध्यमों से नगर निकायों में तैनात सफाई कार्मिकों के वेतन भुगतान, ईपीएफ, ईएसआई एवं साप्ताहिक अवकाश की जानकारी लेते हुए कहा कि किसी भी कार्मिक का शोषण नहीं होना चाहिए। इस दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. विपिन ताडा, मुख्य विकास अधिकारी सुमित राजेश महाजन, जनपद स्तरीय समिति के सदस्य भारत भूषण एवं राकेश कल्याण, एसपी सिटी अभिमन्यु मांगलिक सिटी मजिस्ट्रेट गजेन्द्र कुमार आदि मौजूद रहे।
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