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नियति बना दूषित पेयजल और रास्तों पर भरा गंदा पानी

Tue, 13 Apr 2021 11:59 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 13 Apr 2021 11:59 PM IST
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Destiny becomes contaminated drinking water and dirty water filled on the roads
सरुरपुर तगा में सीसी सड़क पर भरा नालियों का गंदा पानी - फोटो : SAHARANPUR
नियति बना दूषित पेयजल और रास्तों पर भरा गंदा पानी
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नकुड़ (सहारनपुर)। क्षेत्र के गांवों में तालाबों पर अतिक्रमण, सड़कों पर भरे गंदे पानी, टूटी पड़ी नालियां, दूषित पेयजल की मुख्य समस्याएं है। गांवों की सरकार का मुखिया बनने को आतुर प्रत्याशी इनके निराकरण के लंबे चौड़े वादे तो कर रहे हैं, लेकिन उनके पूरा होने को लेकर मतदाताओं के मन में संशय बना है। पेश है नकुड़ ब्लाक के गांवों पर रिपोर्ट
52 हजार का रकबा विकास में पिछड़ा
नकुड़ कस्बे से करीब एक किलोमीटर दूर बसे ढाई हजार की आबादी वाले गांव नीची नकुड़ उर्फ सरूरपुर तगा में बरसात से पहले ही ग्रामीण तालाब के ओवरफ्लो से परेशान हैं। तालाब ओवरफ्लो होने के कारण गांव के मुख्य रास्तों पर गंदा पानी भरा है। पैदल निकलने के लिए ग्रामीणों ने ईंटें रखी हुई है और बड़ी मुश्किल से इन ईंटों पर पांव रखकर रास्ता पार करते हैं। गांव निवासी एडवोकेट अभय सैनी, समय सिंह, आजाद सैनी, राजकुमार आदि का कहना है कि बरसात में हालात विकट हो जाते हैं। हैंडपंप पीला पानी देते हैं। गांव में बरात घर, स्वास्थ्य उपकेंद्र, पंचायत घर भी नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि साढ़े 52 हजार बीघा का रकबा होने के बावजूद गांव विकास में पिछड़ा है। अंत्येष्टि स्थल भी ग्रामीणों ने चंदा इकट्ठा करके बनवा रखा है।
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छोटे कुंड में बदला तालाब, नालियों में भरी है गंदगी
एक हजार की आबादी वाले गांव गोकलपुर की नालियों में गंदगी भरी पड़ी है। अतिक्रमण के चलते तालाब एक कुंड बनकर रह गया है। गांव निवासी बुजुर्ग नफीस, वारिश खान, रईस, राजेश आदि ने बताया कि गांव में तैनात सफाई कर्मी अपनी मर्जी से काम करता है। गांव के लोग गंदगी से परेशान हैं। मच्छरों की भरमार है। अधिकतर सरकारी नलों से प्रदूषित पानी निकलता है। ऐसे में गांव में टंकी की बेहद जरूरत है। ग्रामीणों का कहना है कि तालाब को अतिक्रमण मुक्त कराने की ब्लाक से लेकर जिला स्तर पर गुहार लगाई जा चुकी है लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। गांव में कई लोगों के पास कच्चे मकान है, जिन्हें अभी तक आवास योजना का लाभ नहीं मिल पाया है।
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दूषित पेयजल पीने को मजबूर लद्देबांस के ग्रामीण
नकुड़-शाहजहांपुर मार्ग पर स्थित गांव लद्देबांस में स्वच्छ पेयजल की सबसे बड़ी समस्या है। विनोद कुमार, प्रवीण, रवि, महिपाल सिंह आदि ने बताया कि पास के गांव लतीफपुर में स्थित पानी की टंकी से जो पाइप उनके गांव में सप्लाई हेतु डाला गया है, वह बहुत ही पतला है। इसी कारण उनके गांव तक पानी नहीं पहुंच पाता है। गांव में अधिकतर सरकारी नल सौ फीट की गहराई से भी कम पर लगे हैं। सरकारी नलों से पीला व बदबूदार पानी निकलता है। गांव के मुख्य रास्ते पर नाली टूटी पड़ी है। इस वजह से रास्ते पर जल भराव होता है।

टूटी पड़ी है नालियां, संक्रामक रोगों का खतरा
तीन हजार की आबादी वाले गांव लतीफपुर में भी नालियां गंदगी से अटी पड़ी हैं। कहीं-कहीं तो नालियां ओवर फ्लो हो रही है। गांव निवासी सतीश कुमार, मनोज, सोनू, सुभाष, पाल्लेराम, राजू आदि ने बताया कि विगत कई वर्षों से गांव की अधिकतर नालियों की मरम्मत तक नहीं हो पाई है। यही कारण है कि ना तो सही ढंग से पानी की निकासी हो पाती है और ना ही इनकी ठीक से सफाई हो सकती है। नालियों के अटे रहने से घरों से निकलने वाला पानी नालियों में ही भरा रहता है। जिससे संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा बना रहता है। स्वास्थ्य उपकेंद्र, बरात घर भी गांव में नहीं है।

गांव लतीफपुर में कीचड़ से अटी नाली

गांव लतीफपुर में कीचड़ से अटी नाली- फोटो : SAHARANPUR

गोकलपुर में सड़क किनारे लगे गंदगी के ढेर

गोकलपुर में सड़क किनारे लगे गंदगी के ढेर- फोटो : SAHARANPUR

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