देवबंद की आवाज: यूपी सरकार के राष्ट्रगान वाले फैसले पर उलमा का बयान, बोले- इसमें हैरत वाली कोई बात नहीं
यूपी सरकार के राष्ट्रगान वाले फैसले पर देवबंदी उलमा का बयान सामने आया है। उलमा ने कहा कि यह हैरत करने वाली कोई बात नहीं है।
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उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद द्वारा मदरसों में 12 मई से राष्ट्रगान गाने को अनिवार्य किए जाने पर उलमा का कहना है कि बड़े मदरसे हों या छोटे राष्ट्रगान गाते आए हैं। गणतंत्र और स्वतंत्रता दिवस या अन्य कार्यक्रम होते हैं तो उनमें राष्ट्रगान गाया जाता है। इसमें हैरत वाली कोई बात नहीं है।
मदरसा जामिया शेखुल हिंद के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती असद कासमी का कहना है कि 26 जनवरी और 15 अगस्त के मौके पर मदरसों में तिरंगा फहराया जाता है और राष्ट्रगान गाया जाता है। अब सरकार की तरफ से मदरसों में राष्ट्रगान को अनिवार्य करने का आदेश आया है तो इससे किसी को कोई आपत्ति नहीं है।
जमीयत दावतुल मुसलीमीन के संरक्षक व प्रसिद्ध आलिम मौलाना कारी इस्हाक गोरा का कहना है कि मदरसा बोर्ड के लिए सरकार की तरफ से जो आदेश आया है। इसमें हमें आंखें खोलकर हैरत से देखने की कोई आवश्यकता नहीं है। क्योंकि बड़े मदरसे हों या छोटे मदरसे हों, राष्ट्रगान गाते आए हैं। राष्ट्रीय पर्व हो या मदरसों के वार्षिक कार्यक्रम उनमें हमेशा से राष्ट्रगान गाया जाता रहा है। कहा कि हम लोग पहले भी राष्ट्रगान गाते आए हैं अभी भी गाएंगे। इसमें दिक्कत की कोई बात ही नहीं है।
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बता दें कि उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद के रजिस्ट्रार ने सभी अलसंख्यक कल्याण अधिकारियों को पत्र भेजा है। जिसमें 12 मई से मदरसों में राष्ट्रगान को अनिवार्य रूप से लागू करने के लिए कहा गया है। इसके तहत प्रत्येक मदरसे में प्रातः कक्षा शुरू होने से पूर्व दुआ के साथ राष्ट्रगान भी गाना अनिवार्य होगा।
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