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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   Deoband: Order to register FIR against Darul Uloom after Ghazwa-e-Hind is declared valid

Deoband: गजवा-ए-हिंद को वैध करार देने पर दारुल उलूम पर जांच करने के आदेश, जिलाधिकारी ने कही यह बात

Thu, 22 Feb 2024 05:47 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर Published by: Dimple Sirohi Updated Thu, 22 Feb 2024 05:47 PM IST
सार

Ghazwa-e-Hind : दारुल उलूम द्वारा गजवा-ए-हिंद को वैध करार देने के मामले में एनसीपीसीआर ने इसे राष्ट्र विरोधी बताते हुए डीएम और एसएसपी को जांच करने के निर्देश दिए हैं।

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Deoband: Order to register FIR against Darul Uloom after Ghazwa-e-Hind is declared valid
दारुल उलूम - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

गजवा-ए-हिंद (भारत पर आक्रमण) को वैध करार के जवाब पर इस्लामी शिक्षण संस्था दारुल उलूम दस वर्ष बाद सवालों के घेरे में आ गया है। वेबसाइट के माध्यम से दिए गए फतवे को आधार बनाकर राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने इसे राष्ट्र विरोधी बताते हुए डीएम सहारनपुर और एसएसपी को जांच कर कार्रवाई के आदेश दिए हैं। बृहस्पतिवार को देवबंद एसडीएम अंकुर वर्मा और सीओ अशोक सिसोदिया ने दारुल उलूम प्रबंधन से इस संबंध में पूछताछ भी की।

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दरअसल, वर्ष 2015 में दारुल उलूम की वेबसाइट पर किसी व्यक्ति ने गजवा-ए-हिंद को लेकर जानकारी मांगी थी। जिस पर दारुल उलूम ने अपने जवाब में पुस्तक सुन्नत-अल-नसाई का हवाला दिया था। कहा था कि गजवा-ए-हिंद को लेकर इसमें पूरा एक अध्याय है। बाल संरक्षण आयोग ने कहा कि यह देश विरोधी है, क्योंकि इसमें गजवा-ए-हिंद को इस्लाम के नजरिए से जायज बताया गया है। मामले में आयोग के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने डीएम और एसएसपी को पत्र लिखकर कार्रवाई करने को कहा।

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जिस पर बृहस्पतिवार को एसडीएम अंकुर वर्मा और सीओ अशोक सिसोदिया उच्चाधिकारियों के निर्देश पर दारुल उलूम पहुंचे। यहां उन्होंने संस्था के मोहतमिम मौलाना अबुल कासिम नौमानी और नायब मोहतमिम मौलाना अब्दुल खालिक मद्रासी से पूछताछ की। संस्था के दोनों जिम्मेदारों ने अधिकारियों के सामने अपना पक्ष रखा।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2015 में पूछे गए सवाल पर हदीस में जो लिखा है वही नकल कर बताया गया। इसमें आज के लिए नया कुछ भी नहीं है। मोहतमिम मौलाना अबुल कासिम नौमानी ने बताया कि उन्हें लिखित में कुछ नहीं मिला है। अधिकारियों ने मौखिक में उनसे जो पूछा उसका जवाब मौखिक में ही दिया गया है। बताया कि गजवा-ए-हिंद मोहम्म्द साहब की भविष्यवाणी है। जिसका अर्थ यह है कि इस्लाम के अनुयायियों की अपने विरोधियों के साथ जंग होगी। यह जंग होगी या हो चुकी है इसके बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता।

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राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग से इस संबंध में पत्र मिला है। जिसमें फतवे में दिए जवाब को बच्चों के अधिकारों का हनन और कानून के खिलाफ बताया गया है। इस मामले में जांच कर कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं। - डॉ. दिनेश चंद्र, डीएम

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