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भर्ती होने पर मच्छरदानी में रहेंगे डेंगू और मलेरिया के मरीज
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जिला अस्पताल में बैड के साथ लगाये गये मच्छरदानी
- फोटो : SAHARANPUR
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सहारनपुर। डेंगू के मरीज को काटने वाला मच्छर अन्य व्यक्ति को काटकर डेंगू फैला सकता है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए सीएमओ ने एसबीडी जिला अस्पताल और सभी सीएचसी व पीएचसी को भविष्य में भर्ती होने वाले डेंगू मरीजों को मच्छरदानी में रखने के निर्देश दिए हैं।
जनपद में डेंगू ने दस्तक दे दी है। अभी तक 15 मरीज सामने आ चुके हैं, मगर फिलहाल ऐसी स्थिति नहीं है कि मरीजों को भर्ती किया जाए। मगर भविष्य में ऐसी आशंकाओं को देखते हुए सीएमओ ने जिला अस्पताल के साथ ही सभी सीएचसी और पीएचसी को भर्ती होने वाले डेंगू मरीजों के लिए मच्छरदानी की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। यानी भर्ती होने वाले डेंगू मरीज को मच्छरदानी में रखा जाएगा। सीएमओ ने यह भी निर्देश दिए कि अस्पताल परिसरों खासकर वार्डों के आसपास किसी कूलर या बर्तन आदि में पानी जमा ना होने पाए। जिला अस्पताल में डेंगू वार्ड में लगे बेड के साथ मच्छरदानी रख दी गई हैं, जिन्हें जरूरत पड़ने पर मरीजों के बेड पर लगाया जाएगा। इसके अलावा डेंगू वार्ड के लिए मच्छर मारने में प्रयोग होने वाली सामग्री भी मंगा दी गई है।
जिले में 190 बेड के वार्ड तैयार
डेंगू के मामलों को देखते हुए फिलहाल जनपद में एसबीडी जिला अस्पताल और राजकीय मेडिकल कॉलेज पिलखनी में डेंगू वार्ड बनाए गए हैं। जिला अस्पताल में 50 बेड और राजकीय मेडिकल कॉलेज में 140 बेड का वार्ड तैयार किया गया है।
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प्राइवेट लैब को देनी होगी जानकारी
यदि किसी प्राइवेट पैथोलॉजी लैब में डेंगू या मलेरिया का मरीज निकलता है तो उसकी जानकारी सीएमओ कार्यालय या फिर जिला मलेरिया अधिकारी को देनी होगी। मरीजों का जानकारी छिपाने पर लैब पर कार्रवाई हो सकती है।
डेंगू और मलेरिया को फैलने से रोकने के लिए जो दिशा निर्देश हैं, उनमें यह भी है कि भर्ती मरीज को मच्छरदानी में रखा जाए। उसी के अनुपालन में सरकारी अस्पतालों को ऐसा करने के लिए कहा गया है। साथ ही मच्छरों के खात्मे के लिए कोइल या अन्य उपकरण इस्तेमाल करने को कहा गया है। वार्डों के आसपास पानी जमा ना हो, इसके भी निर्देश दिए गए हैं।
- डॉ. संजीव मांगलिक, सीएमओ
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जनपद में डेंगू ने दस्तक दे दी है। अभी तक 15 मरीज सामने आ चुके हैं, मगर फिलहाल ऐसी स्थिति नहीं है कि मरीजों को भर्ती किया जाए। मगर भविष्य में ऐसी आशंकाओं को देखते हुए सीएमओ ने जिला अस्पताल के साथ ही सभी सीएचसी और पीएचसी को भर्ती होने वाले डेंगू मरीजों के लिए मच्छरदानी की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। यानी भर्ती होने वाले डेंगू मरीज को मच्छरदानी में रखा जाएगा। सीएमओ ने यह भी निर्देश दिए कि अस्पताल परिसरों खासकर वार्डों के आसपास किसी कूलर या बर्तन आदि में पानी जमा ना होने पाए। जिला अस्पताल में डेंगू वार्ड में लगे बेड के साथ मच्छरदानी रख दी गई हैं, जिन्हें जरूरत पड़ने पर मरीजों के बेड पर लगाया जाएगा। इसके अलावा डेंगू वार्ड के लिए मच्छर मारने में प्रयोग होने वाली सामग्री भी मंगा दी गई है।
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जिले में 190 बेड के वार्ड तैयार
डेंगू के मामलों को देखते हुए फिलहाल जनपद में एसबीडी जिला अस्पताल और राजकीय मेडिकल कॉलेज पिलखनी में डेंगू वार्ड बनाए गए हैं। जिला अस्पताल में 50 बेड और राजकीय मेडिकल कॉलेज में 140 बेड का वार्ड तैयार किया गया है।
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प्राइवेट लैब को देनी होगी जानकारी
यदि किसी प्राइवेट पैथोलॉजी लैब में डेंगू या मलेरिया का मरीज निकलता है तो उसकी जानकारी सीएमओ कार्यालय या फिर जिला मलेरिया अधिकारी को देनी होगी। मरीजों का जानकारी छिपाने पर लैब पर कार्रवाई हो सकती है।
डेंगू और मलेरिया को फैलने से रोकने के लिए जो दिशा निर्देश हैं, उनमें यह भी है कि भर्ती मरीज को मच्छरदानी में रखा जाए। उसी के अनुपालन में सरकारी अस्पतालों को ऐसा करने के लिए कहा गया है। साथ ही मच्छरों के खात्मे के लिए कोइल या अन्य उपकरण इस्तेमाल करने को कहा गया है। वार्डों के आसपास पानी जमा ना हो, इसके भी निर्देश दिए गए हैं।
- डॉ. संजीव मांगलिक, सीएमओ

जिला अस्पताल का डेंगू वार्ड- फोटो : SAHARANPUR