{"_id":"5a3d4feb4f1c1b1f168b4c23","slug":"demonstration-against-the-us","type":"story","status":"publish","title_hn":"अमेरिका के खिलाफ प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अमेरिका के खिलाफ प्रदर्शन
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Sat, 23 Dec 2017 12:12 AM IST
विज्ञापन
अमेरिका के खिलाफ बैठक करते जमीयत उलमा ए हिंद के लोग।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सहारनपुर के देवबंद में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा येरुशलम को इस्रराइल की राजधानी बनाने का निर्णय लिए जाने के विरोध में शुक्रवार को जमीयत उलमा-ए-हिंद ने अमेरिका के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। इस दौरान वक्ताओं ने डोनाल्ड ट्रंप की कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए संयुक्त राष्ट्र संघ को ज्ञापन भी भेजा है।
शुक्रवार को ईदगाह रोड स्थित महमूद हॉल में आयोजित हुई जमीयत उलमा-ए-हिंद की बैठक में जमीयत के कोषाध्यक्ष मौलाना हसीब सिद्दीकी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा येरुशलम को इस्रराइल की राजधानी बनाने के निर्णय पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि ट्रंप का यह कदम अंतरराष्ट्रीय समुदाय और संयुक्त राष्ट्र के उन फैसलों के विरुद्ध है जिनके तहत यह स्वीकार किया गया है कि वर्ष 1967 के युद्ध में इस्रराइल ने येरुशलम पर अत्याचार पूर्ण कब्जा किया है।
अरबी के प्रसिद्ध विद्वान मौलाना नदीमुलवाजदी ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने मुल्क का दूतावात बैतुल मुकद्दस में बनाने का जो निर्णय लिया है उसकी जितनी निंदा की जाए कम है। सुरक्षा काउंसिल और उसके 14 सदस्यों समेत 128 मुल्कों ने अमेरिका के खिलाफ वोट किया है।
विज्ञापन
इसके उपरांत सैकड़ों लोग हाथों में नारे लिखी तख्तियां लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति के खिलाफ नारेबाजी करते हुए एशिया की प्रसिद्ध मस्जिद रशीदिया पर पहुंचे। जहां उन्होंने संयुक्त राष्ट्र, विदेश मंत्री, अमेरिकी दूतावास को प्रेषित ज्ञापन नायब तहसीलदार को सौंपा।
जिसमें उन्होंने कहा कि ऐसे स्वतंत्र फिलिस्तीनी राज्य की स्थापना हो जिसकी राजधानी पूर्वी येरुशलम ही हो। भारत सरकार भी देश की दीर्घकालिक नीति के अनुसार स्पष्ट शब्दों में अमेरिकी राष्ट्रपति के फैसले की निंदा करे। इस मौके पर जमीयत नगर अध्यक्ष उमैर उस्मानी, पूर्व पालिकाध्यक्ष इनाम कुरैशी, हाजी मनशाद, सलीम कुरैशी रहे।
विज्ञापन
शुक्रवार को ईदगाह रोड स्थित महमूद हॉल में आयोजित हुई जमीयत उलमा-ए-हिंद की बैठक में जमीयत के कोषाध्यक्ष मौलाना हसीब सिद्दीकी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा येरुशलम को इस्रराइल की राजधानी बनाने के निर्णय पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि ट्रंप का यह कदम अंतरराष्ट्रीय समुदाय और संयुक्त राष्ट्र के उन फैसलों के विरुद्ध है जिनके तहत यह स्वीकार किया गया है कि वर्ष 1967 के युद्ध में इस्रराइल ने येरुशलम पर अत्याचार पूर्ण कब्जा किया है।
विज्ञापन
अरबी के प्रसिद्ध विद्वान मौलाना नदीमुलवाजदी ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने मुल्क का दूतावात बैतुल मुकद्दस में बनाने का जो निर्णय लिया है उसकी जितनी निंदा की जाए कम है। सुरक्षा काउंसिल और उसके 14 सदस्यों समेत 128 मुल्कों ने अमेरिका के खिलाफ वोट किया है।
विज्ञापन
इसके उपरांत सैकड़ों लोग हाथों में नारे लिखी तख्तियां लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति के खिलाफ नारेबाजी करते हुए एशिया की प्रसिद्ध मस्जिद रशीदिया पर पहुंचे। जहां उन्होंने संयुक्त राष्ट्र, विदेश मंत्री, अमेरिकी दूतावास को प्रेषित ज्ञापन नायब तहसीलदार को सौंपा।
जिसमें उन्होंने कहा कि ऐसे स्वतंत्र फिलिस्तीनी राज्य की स्थापना हो जिसकी राजधानी पूर्वी येरुशलम ही हो। भारत सरकार भी देश की दीर्घकालिक नीति के अनुसार स्पष्ट शब्दों में अमेरिकी राष्ट्रपति के फैसले की निंदा करे। इस मौके पर जमीयत नगर अध्यक्ष उमैर उस्मानी, पूर्व पालिकाध्यक्ष इनाम कुरैशी, हाजी मनशाद, सलीम कुरैशी रहे।