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मृत्यु प्रमाणपत्र में कोविड से मौत अंकित करने की मांग
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सहारनपुर। कोविड-19 से होनी वाली मौत में सरकारी अस्पताल की डिस्चार्ज स्लिप एवं मृत्यु प्रमाणपत्र में मृत्यु का कारण कोविड -19 अंकित करने की मांग को लेकर नगर विधायक संजय गर्ग के नेतृत्व में सपा कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी अखिलेश सिंह को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि प्रमाणपत्र में मृत्यु का कारण कोविड-19 अंकित नहीं होने के कारण मृतकों के परिजन सरकारी सुविधा से वंचित रह जाएंगे। उन्होंने कहा कि समाजवादी व्यापार सभा सरकार से हर मृतक व्यापारी के परिवार के लिए 10 लाख मुआवजे की मांग कर रही है।
ज्ञापन में उन्होंने कहा कि हर शहर, जिले, एवं ग्रामीण क्षेत्रों से शिकायतें मिल रही हैं कि जिनकी मृत्यु कोरोना से हुई है। उनके अस्पताल के डिस्चार्ज प्रमाणपत्र में मौत का कारण कोविड-19 न लिख कर सिर्फ बीमारी लिखा जा रहा है। नगर निगम एवं स्थानीय पंचायत से जारी होने वाले प्रमाणपत्र में भी मौत का कारण कोविड -19 नहीं दिखाया जा रहा है, जबकि मृतक का अंतिम संस्कार भी कोरोना प्रोटोकोल के अनुरूप हुआ है। उन्होंने दावा किया शहर के श्मशान घाटों में अप्रैल और मई माह में करीब 485 अंतिम संस्कार कोरोना प्रोटोकोल से हुए, जबकि नगर निगम के द्वारा केवल मई माह में मात्र 91 कोरोना के मृत्यु प्रमाणपत्र जारी किए गए हैं। कब्रिस्तानों में कोरोना के तदफ़िन होने वालों के आंकडे और ज्यादा हैं। इसकी वजह से मृतक के परिजनों को बीमा एवं सरकारी घोषणाओं का लाभ लेने में बड़ी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 से होने वाली मौत में सरकारी अस्पताल की डिस्चार्ज स्लिप एवं मृत्यु प्रमाणपत्र में मृत्यु का कारण कोविड -19 अंकित करना सुनिश्चित किया जाए। इस दौरान हरपाल वर्मा, अनुज यादव, सुशील गुप्ता, गुलशेर आढ़ती, राकेश वर्मा, हाजी शमशेर, मुकेश मानकटाला आदि रहे।
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ज्ञापन में उन्होंने कहा कि हर शहर, जिले, एवं ग्रामीण क्षेत्रों से शिकायतें मिल रही हैं कि जिनकी मृत्यु कोरोना से हुई है। उनके अस्पताल के डिस्चार्ज प्रमाणपत्र में मौत का कारण कोविड-19 न लिख कर सिर्फ बीमारी लिखा जा रहा है। नगर निगम एवं स्थानीय पंचायत से जारी होने वाले प्रमाणपत्र में भी मौत का कारण कोविड -19 नहीं दिखाया जा रहा है, जबकि मृतक का अंतिम संस्कार भी कोरोना प्रोटोकोल के अनुरूप हुआ है। उन्होंने दावा किया शहर के श्मशान घाटों में अप्रैल और मई माह में करीब 485 अंतिम संस्कार कोरोना प्रोटोकोल से हुए, जबकि नगर निगम के द्वारा केवल मई माह में मात्र 91 कोरोना के मृत्यु प्रमाणपत्र जारी किए गए हैं। कब्रिस्तानों में कोरोना के तदफ़िन होने वालों के आंकडे और ज्यादा हैं। इसकी वजह से मृतक के परिजनों को बीमा एवं सरकारी घोषणाओं का लाभ लेने में बड़ी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 से होने वाली मौत में सरकारी अस्पताल की डिस्चार्ज स्लिप एवं मृत्यु प्रमाणपत्र में मृत्यु का कारण कोविड -19 अंकित करना सुनिश्चित किया जाए। इस दौरान हरपाल वर्मा, अनुज यादव, सुशील गुप्ता, गुलशेर आढ़ती, राकेश वर्मा, हाजी शमशेर, मुकेश मानकटाला आदि रहे।
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