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कबड्डी के मैदान में दम दिखाने को तैयार बेटियां
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
Updated Tue, 23 Jan 2018 01:30 AM IST
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कबड्डी खेलती बेटियां।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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प्रो-कबड्डी लीग सीजन शुरू होने के बाद से कबड्डी का रोमांच युवाओं के सिर चढ़कर बोल रहा है। प्रो कबड्डी लीग पांचवें संस्करण में बागपत के गांव मलकपुर निवासी नितिन तोमर को नीलामी में सबसे महंगा 93 लाख रुपये में खरीदा गया। इसी गांव के सचिन को 46 लाख में खरीदा गया।
कबड्डी के जरिए खिलाड़ियों की कॅरियर की डगर मिली तो युवाओं में इसका क्रेज भी बढ़ रहा है। बेटे ही नहीं बेटियां भी आज घर की दहलीज लांघकर कबड्डी के मैदान पर पहुंच रही हैं, इलाके के हर गांव में आपको सुबह-शाम युवक और युवतियां कबड्डी खेलते नजर आएंगी। बिजनौर में भी युवतियां प्रो कबड्डी लीग के लिए खुद को तैयार कर रही हैं। प्रस्तुत है एक रिपोर्ट...
एक समय था जब मलकपुर की पहचान पहलवानों के गांव के रूप में थी। लेकिन जब से कबड्डी में गांव के नितिन तोमर, इरफान, विकास तोमर और सचिन कुमार ने गांव का नाम रोशन किया है, गांव के युवक और युवतियों का रुझान कबड्डी की ओर बढ़ने लगा है।
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आज आलम यह है कि गांव की 400 बेटियां भी कबड्डी सीख रही हैं। हालांकि शुरूआत दौर में बेटियों को घर से निकलने मेें पाबंदी लगाई गई, लेकिन बेटियों का हौसला देख अभिभावक भी उनके साथ खड़े हो गए हैं।
ग्राम प्रधान कृष्णपाल, पूर्व एशियन चैंपियन पहलवान सुभाष तोमर, अर्जुन अवार्डी शौकेंद्र पहलवान व अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी नितिन तोमर प्रेरित कर रहे हैं। मलकपुर गांव के अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी नितिन तोमर नेवी में हवलदार है।
जब भी छुट्टियों में उन्हें गांवों आने का मौका मिलता है और सचिन के साथ गांव की बेटियों और युवकों को कबड्डी का प्रशिक्षण देते हुए उनको प्रोत्साहित करते हैं। मलकपुर के मैदान में नई प्रतिभाओं को कबड्डी कोच जयप्रकाश लड़कियों को ट्रेनिंग देते हैं। जबकि ऋषिपाल उर्फ मंशा सीनियर वर्ग पुरुष और आदेश जूनियर वर्ग पुरुष को ट्रेनिंग देते हैं। यह सभी निशुल्क खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दे रहे हैं।
हमारे लिए तो गर्व की बात
बड़ौत। जिस तरह बागपत के खिलाड़ी बिन सुविधा अपने दमदार प्रदर्शन के बल पर देश-विदेश में जनपद का नाम रोशन कर रहे हैं, वास्तव में यह काबिल ए तारीफ है। ग्राम प्रधान मलकपुर कृष्णपाल, अर्जुन अवार्डी शौकेंद्र पहलवान और पूर्व एशियन पहलवान सुभाष का कहना है कि वास्तव में यह हमारे और बागपत वासियों के लिए गर्व की बात है।
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कबड्डी के जरिए खिलाड़ियों की कॅरियर की डगर मिली तो युवाओं में इसका क्रेज भी बढ़ रहा है। बेटे ही नहीं बेटियां भी आज घर की दहलीज लांघकर कबड्डी के मैदान पर पहुंच रही हैं, इलाके के हर गांव में आपको सुबह-शाम युवक और युवतियां कबड्डी खेलते नजर आएंगी। बिजनौर में भी युवतियां प्रो कबड्डी लीग के लिए खुद को तैयार कर रही हैं। प्रस्तुत है एक रिपोर्ट...
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एक समय था जब मलकपुर की पहचान पहलवानों के गांव के रूप में थी। लेकिन जब से कबड्डी में गांव के नितिन तोमर, इरफान, विकास तोमर और सचिन कुमार ने गांव का नाम रोशन किया है, गांव के युवक और युवतियों का रुझान कबड्डी की ओर बढ़ने लगा है।
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आज आलम यह है कि गांव की 400 बेटियां भी कबड्डी सीख रही हैं। हालांकि शुरूआत दौर में बेटियों को घर से निकलने मेें पाबंदी लगाई गई, लेकिन बेटियों का हौसला देख अभिभावक भी उनके साथ खड़े हो गए हैं।
ग्राम प्रधान कृष्णपाल, पूर्व एशियन चैंपियन पहलवान सुभाष तोमर, अर्जुन अवार्डी शौकेंद्र पहलवान व अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी नितिन तोमर प्रेरित कर रहे हैं। मलकपुर गांव के अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी नितिन तोमर नेवी में हवलदार है।
जब भी छुट्टियों में उन्हें गांवों आने का मौका मिलता है और सचिन के साथ गांव की बेटियों और युवकों को कबड्डी का प्रशिक्षण देते हुए उनको प्रोत्साहित करते हैं। मलकपुर के मैदान में नई प्रतिभाओं को कबड्डी कोच जयप्रकाश लड़कियों को ट्रेनिंग देते हैं। जबकि ऋषिपाल उर्फ मंशा सीनियर वर्ग पुरुष और आदेश जूनियर वर्ग पुरुष को ट्रेनिंग देते हैं। यह सभी निशुल्क खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दे रहे हैं।
हमारे लिए तो गर्व की बात
बड़ौत। जिस तरह बागपत के खिलाड़ी बिन सुविधा अपने दमदार प्रदर्शन के बल पर देश-विदेश में जनपद का नाम रोशन कर रहे हैं, वास्तव में यह काबिल ए तारीफ है। ग्राम प्रधान मलकपुर कृष्णपाल, अर्जुन अवार्डी शौकेंद्र पहलवान और पूर्व एशियन पहलवान सुभाष का कहना है कि वास्तव में यह हमारे और बागपत वासियों के लिए गर्व की बात है।