{"_id":"655ba0713060dd6bff05c4ac","slug":"critical-care-center-will-be-established-in-the-medical-college-with-a-cost-of-rs-1662-crore-saharanpur-news-c-30-1-smrt1053-13300-2023-11-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Saharanpur News: डॉ. आंबेडकर स्टेडियम की शोभा बढ़ाएंगे सूर्य नमस्कार से जुड़े 12 स्टैच्यू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Saharanpur News: डॉ. आंबेडकर स्टेडियम की शोभा बढ़ाएंगे सूर्य नमस्कार से जुड़े 12 स्टैच्यू
Mon, 20 Nov 2023 11:37 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Mon, 20 Nov 2023 11:37 PM IST
विज्ञापन
सहारनपुर के डॉ. आंबेडकर स्टेडियम में इस तरह का बनेगा सूर्य नमस्कार।
- मुम्बई से बनकर आएंगे स्टैच्यू, स्टेडियम में पवेलियन के सामने किए जाएंगे स्थापित
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। सूर्य नमस्कार से जुड़े 12 स्टैच्यू डॉ. भीमराव आंबेडकर स्पोर्ट्स स्टेडियम की शोभा बढ़ाएंगे। ये स्टैच्यू मुंबई से मंगवाए गए हैं। प्रत्येक स्टैच्यू में पुरुष योग और व्यायाम की अलग-अलग क्रियाए करते नजर आएंगे। इसके लिए स्टेडियम में बने पवेलियन के सामने खाले पड़ी त्रिकोणीय भूखंड का चयन किया गया है, जिसमें सीमेंट से आधार तैयार कर लिया गया है। दिसंबर 2024 में यह बनकर पूरी तरह तैयार हो जाएगा।
डॉ. भीमराव आंबेडकर स्पोर्ट्स स्टेडियम में स्मार्ट सिटी योजना के तहत 20 करोड़ रुपये की परियोजनाओं पर काम चल रहा है। ज्यादातर परियोजनाएं पूर्ण होने को हैं। इन्हीं में से एक मात्र 20 लाख रुपये की परियोजना है सूर्य नमस्कार से जुड़ी। इसके लिए अधिकारियों ने पवेलियन के सामने खाली पड़े भूखंड का चयन किया है, जिसमें सूर्य नमस्कार के स्टैच्यू स्थापित करने के लिए सीमेंट से आधार तैयार कर लिया गया है। इस गोलाकार आधार पर चारों ओर योग और व्यायाम से जुड़े पुरुषों के 12 स्टैच्यू स्थापित किए जाएंगे। सभी स्टैच्यू आदम कद होंगे। स्टेडियम में जिस जगह का चयन सूर्य नमस्कार के स्टैच्यू के लिए किया गया है वह मैदान का एक तरह से चेहरा है, जिसके ठीक ऊपर पवेलियन है। खेल अधिकारी का कार्यालय पवेलियन के नीचे है, जिसके गेट के ठीक सामने यह होगा।
- पीएफआरसी से बने होंगे स्टैच्यू
सूर्य नमस्कार के लिए मंगवाए गए स्टैच्यू पीएफआरसी से बने होंगे, जिनको तैयार करने में सीमेंट भी इस्तेमाल होता है। यह लोहे के बने नजर आते हैं। महानगर में नेहरू मार्केट में श्रीराम चौक पर लगी शेर की मूर्ति भी पीएफआरसी से ही बनी है। विशेषज्ञों का दावा है कि पीएफआरसी की मूर्तियों या स्टैच्यू की लाइफ 40 से 50 वर्ष होती है। बशर्ते उसे किसी भी प्रकार की चोट से बचाकर रखा जाए।
विज्ञापन
- शासन का आदेश है कि प्रत्येक शहर में सूर्य नमस्कार से जुड़े स्टैच्यू लगाए जाएं। इसके लिए स्टेडियम से बेहतर जगह नहीं हो सकती थी। ऐसे में स्मार्ट सिटी के अधिकारियों ने इसके लिए स्टेडियम का चयन किया। सभी स्टैच्यू आदम कद होंगे, जो पीएफआरसी से बने हाेंगे। दिसंबर माह में यह पूरी तरह तैयार हो जाएगा। - अमरेंद्र गौतम, अधिशासी अभियंता, स्मार्ट सिटी सहारनपुर।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। सूर्य नमस्कार से जुड़े 12 स्टैच्यू डॉ. भीमराव आंबेडकर स्पोर्ट्स स्टेडियम की शोभा बढ़ाएंगे। ये स्टैच्यू मुंबई से मंगवाए गए हैं। प्रत्येक स्टैच्यू में पुरुष योग और व्यायाम की अलग-अलग क्रियाए करते नजर आएंगे। इसके लिए स्टेडियम में बने पवेलियन के सामने खाले पड़ी त्रिकोणीय भूखंड का चयन किया गया है, जिसमें सीमेंट से आधार तैयार कर लिया गया है। दिसंबर 2024 में यह बनकर पूरी तरह तैयार हो जाएगा।
डॉ. भीमराव आंबेडकर स्पोर्ट्स स्टेडियम में स्मार्ट सिटी योजना के तहत 20 करोड़ रुपये की परियोजनाओं पर काम चल रहा है। ज्यादातर परियोजनाएं पूर्ण होने को हैं। इन्हीं में से एक मात्र 20 लाख रुपये की परियोजना है सूर्य नमस्कार से जुड़ी। इसके लिए अधिकारियों ने पवेलियन के सामने खाली पड़े भूखंड का चयन किया है, जिसमें सूर्य नमस्कार के स्टैच्यू स्थापित करने के लिए सीमेंट से आधार तैयार कर लिया गया है। इस गोलाकार आधार पर चारों ओर योग और व्यायाम से जुड़े पुरुषों के 12 स्टैच्यू स्थापित किए जाएंगे। सभी स्टैच्यू आदम कद होंगे। स्टेडियम में जिस जगह का चयन सूर्य नमस्कार के स्टैच्यू के लिए किया गया है वह मैदान का एक तरह से चेहरा है, जिसके ठीक ऊपर पवेलियन है। खेल अधिकारी का कार्यालय पवेलियन के नीचे है, जिसके गेट के ठीक सामने यह होगा।
विज्ञापन
- पीएफआरसी से बने होंगे स्टैच्यू
सूर्य नमस्कार के लिए मंगवाए गए स्टैच्यू पीएफआरसी से बने होंगे, जिनको तैयार करने में सीमेंट भी इस्तेमाल होता है। यह लोहे के बने नजर आते हैं। महानगर में नेहरू मार्केट में श्रीराम चौक पर लगी शेर की मूर्ति भी पीएफआरसी से ही बनी है। विशेषज्ञों का दावा है कि पीएफआरसी की मूर्तियों या स्टैच्यू की लाइफ 40 से 50 वर्ष होती है। बशर्ते उसे किसी भी प्रकार की चोट से बचाकर रखा जाए।
विज्ञापन
- शासन का आदेश है कि प्रत्येक शहर में सूर्य नमस्कार से जुड़े स्टैच्यू लगाए जाएं। इसके लिए स्टेडियम से बेहतर जगह नहीं हो सकती थी। ऐसे में स्मार्ट सिटी के अधिकारियों ने इसके लिए स्टेडियम का चयन किया। सभी स्टैच्यू आदम कद होंगे, जो पीएफआरसी से बने हाेंगे। दिसंबर माह में यह पूरी तरह तैयार हो जाएगा। - अमरेंद्र गौतम, अधिशासी अभियंता, स्मार्ट सिटी सहारनपुर।