{"_id":"646bb9db2c25163bd105b2d5","slug":"crisis-on-scholarship-of-5370-students-in-the-district-saharanpur-news-c-30-1-smrt1053-2901-2023-05-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Saharanpur News: जनपद में 5,370 विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति पर संकट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Saharanpur News: जनपद में 5,370 विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति पर संकट
विज्ञापन
-आधार को खाते से लिंक नहीं कराने तथा एनपीसीआई से मैपर नहीं होने के कारण आई समस्या
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। जिन विद्यार्थियों के बैंक खाते आधार से लिंक नहीं हैं या एनपीसीआई से मैपर नहीं है उनकी छात्रवृत्ति संकट में है। जनपद में इनकी संख्या 5,370 है। दशमोत्तर कक्षाओं की गलती सुधार के लिए साइट को दोबारा खोला गया है। संबंधित छात्र इसका लाभ उठा सकते हैं।
छात्रवृत्ति सीधे छात्रों के खातों में आती है। इसके लिए लाभार्थी यानी संबंधित छात्र का बैंक खाता आधार से लिंक होना जरूरी है। लेकिन लापरवाही के चलते अनेक छात्र ऐसा नहीं कर पाते हैं। जनपद में कक्षा नौ से 12 तक के निजी उच्च शिक्षण संस्थाओं के 5,370 विद्यार्थी ऐेसे हैं, जिनका बैंक खाता आधार से लिंक नहीं होने के कारण उनके छात्रवृत्ति के आवेदन बाधित हो गए हैं। इनमें 5,300 विद्यार्थी अनुसूचित जाति के हैं, जबकि 70 विद्यार्थी सामान्य वर्ग के हैं। छात्रों के साथ समस्या आने के लिए संबंधित शिक्षण संस्थान भी जिम्मेदार हैं। बड़ी संख्या में छात्रों की समस्या को देखते हुए दशमोत्तर कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए साइट को दोबारा खोला गया है। संबंधित विद्यार्थी एक जून 2023 तक अपनी गलती सुधार कर छात्रवृत्ति के फॉर्म को आगे बढ़ा सकते हैं। यानी विद्यार्थियों के पास 10 दिन का समय है।
यह है एनपीसीआई मैपर
एनपीसीआई मैपर एक बैंक को आधार संख्या से जोड़ने की एक प्रक्रिया है, जिसे एनपीसीआई द्वारा संबंधित बैंक को डीबीटी यानी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के लिए सुविधा प्रदान की जाती है। इसे प्रत्यक्ष लाभ यानी डायरेक्ट बैनिफिट प्राप्त करने के लिए आधार संख्या को एक विशिष्ट बैंक खाते से जोड़ा जाता है।
विज्ञापन
जिन विद्यार्थियों के बैंक खाते आधार से लिंक नहीं थे, उन्हीं के साथ समस्या आई है। जनपद में इनकी संख्या 5,370 है, जिनमें कक्षा नौ से 12 तक की कक्षाओं तथा निजी उच्च शिक्षण संस्थाओं के विद्यार्थी शामिल हैं। दशमोत्तर कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए साइट को एक जून तक के लिए खोला गया है।
- अर्चना, जिला समाज कल्याण अधिकारी
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। जिन विद्यार्थियों के बैंक खाते आधार से लिंक नहीं हैं या एनपीसीआई से मैपर नहीं है उनकी छात्रवृत्ति संकट में है। जनपद में इनकी संख्या 5,370 है। दशमोत्तर कक्षाओं की गलती सुधार के लिए साइट को दोबारा खोला गया है। संबंधित छात्र इसका लाभ उठा सकते हैं।
छात्रवृत्ति सीधे छात्रों के खातों में आती है। इसके लिए लाभार्थी यानी संबंधित छात्र का बैंक खाता आधार से लिंक होना जरूरी है। लेकिन लापरवाही के चलते अनेक छात्र ऐसा नहीं कर पाते हैं। जनपद में कक्षा नौ से 12 तक के निजी उच्च शिक्षण संस्थाओं के 5,370 विद्यार्थी ऐेसे हैं, जिनका बैंक खाता आधार से लिंक नहीं होने के कारण उनके छात्रवृत्ति के आवेदन बाधित हो गए हैं। इनमें 5,300 विद्यार्थी अनुसूचित जाति के हैं, जबकि 70 विद्यार्थी सामान्य वर्ग के हैं। छात्रों के साथ समस्या आने के लिए संबंधित शिक्षण संस्थान भी जिम्मेदार हैं। बड़ी संख्या में छात्रों की समस्या को देखते हुए दशमोत्तर कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए साइट को दोबारा खोला गया है। संबंधित विद्यार्थी एक जून 2023 तक अपनी गलती सुधार कर छात्रवृत्ति के फॉर्म को आगे बढ़ा सकते हैं। यानी विद्यार्थियों के पास 10 दिन का समय है।
विज्ञापन
यह है एनपीसीआई मैपर
एनपीसीआई मैपर एक बैंक को आधार संख्या से जोड़ने की एक प्रक्रिया है, जिसे एनपीसीआई द्वारा संबंधित बैंक को डीबीटी यानी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के लिए सुविधा प्रदान की जाती है। इसे प्रत्यक्ष लाभ यानी डायरेक्ट बैनिफिट प्राप्त करने के लिए आधार संख्या को एक विशिष्ट बैंक खाते से जोड़ा जाता है।
विज्ञापन
जिन विद्यार्थियों के बैंक खाते आधार से लिंक नहीं थे, उन्हीं के साथ समस्या आई है। जनपद में इनकी संख्या 5,370 है, जिनमें कक्षा नौ से 12 तक की कक्षाओं तथा निजी उच्च शिक्षण संस्थाओं के विद्यार्थी शामिल हैं। दशमोत्तर कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए साइट को एक जून तक के लिए खोला गया है।
- अर्चना, जिला समाज कल्याण अधिकारी