बांग्लादेशियों के फर्जी पासपोर्ट बनवाने वाले तीन गिरफ्तार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एटीएस के मुताबिक एसटीएफ और स्थानीय पुलिस के साथ देवबंद के मोहल्ला पठानपुरा और खानकाह में पुलिस चौकी के सामने स्थित एक कंप्यूटर सेंटर पर छापा मारा। यहां से पठानपुरा निवासी अहसान अहमद पुत्र निसार अहमद, मोहल्ला किला निवासी वसीम अहमद पुत्र बदरुज्जमां को गिरफ्तार किया।
इनके पास से कंप्यूटर, लैपटॉप, स्केनर, प्रिंटर व कुछ अधबने प्रमामपत्र व अन्य कागजात बरामद किए गए। बताया गया कि एटीएस को पता चला था कि जहीर खान नाम से एक पासपोर्ट बनवाया गया था। इसमें पता मकान नंबर 1500 मोहल्ला पठानपुरा देवबंद दिया गया था।
जब जांच की गई तो इस नाम का कोई व्यक्ति यहां नहीं मिला। साथ ही एसटीएफ ने मुरादनगर से भी एक व्यक्ति को गिरफतार किया। पूछताछ में पता चला कि उसका नाम युसूफ अली उर्फ नजरुल पुत्र हजरत अली उर्फ कपचार अली है। वह बांग्लादेश के चारबरिया, थाना बरीसल का निवासी है।
यहां मुरादनगर के कुर्सी गांव में अवैध रूप से रह रहा था। इसके पास से फर्जी पते पर बनवाए गए दो आधार कार्ड, पैन कार्ड ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर कार्ड, मूल निवास का पहचान पत्र पासपोर्ट की छायाप्रति, विभिन्न बैंकों की चेकबुक, पासबुक, एटीएम कार्ड, तीन मोबाइल, चार अन्य लोगों के पश्चिम बंगाल के पते के वोटर कार्ड, इनके ही आधार कार्ड, पासपोर्ट, ग्राम पंचायत का प्रमाण पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस की कई छायाप्रतियां मिलीं हैं।
इसके बैंक खातों में सऊदी अरब से कई बार एक लाख से अधिक के लेनदेन हुए हैं, जिसकी जांच की जा रही है। पूछताछ में इन सभी ने बताया कि वे फर्जी हलफनामे, फर्जी स्कूल प्रमाणपत्र के आधार पर पासपोर्ट के लिए जरूरी प्रमाणपत्र बनवा लेते थे।
इसके लिए वे विशेषकर बांग्लादेशियों से अच्छी खासी रकम लेते थे। अब एटीएस इन तीनों को स्थानीय कोर्ट में पेशी के बाद ट्रांजिट रिमांड पर लखनऊ ले जाएगी। जहां इनसे गहन पूछताछ की जाएगी।
गिरफ्तार लोगों से पूछताछ की जा रही है। संपूर्ण नेटवर्क को ध्वस्त किया जाएगा। फर्जी प्रमाणपत्रों को तैयार रने में सहयोग करने वाले राजस्व विभाग और पुलिस विभाग के लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।