{"_id":"577ea8fb4f1c1b646d7fa6be","slug":"swing-on-it-face-to-face-communities","type":"story","status":"publish","title_hn":"झूले लगाने पर दो समुदाय आमने-सामने","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
झूले लगाने पर दो समुदाय आमने-सामने
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Fri, 08 Jul 2016 12:42 AM IST
विज्ञापन
झगड़े की सूचना पर पहुंची पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सहारनपुर के देवबंद में रामलीला मैदान में बुधवार की रात झूले लगाने को लेकर दो समुदाय के लोग आमने-सामने आ गए। लेकिन ऐन वक्त पर पहुंची पुलिस ने दोनों समुदायों के लोगों को समझाकर मामला शांत करा दिया।
नगर में ईद के मद्देनजर विशेष समुदाय के कुछ लोगों ने रामलीला ग्राउंड में झूला लगाना शुरू कर दिया। जिसका हिंदू समाज के लोगों ने विरोध करना शुरू कर दिया। देखते ही देखते दोनों समुदाय के लोग आमने-सामने आ गए।
इसी दौरान सूचना मिलते ही सीओ योगेंद्रपाल सिंह, एसडीएम डीपी सिंह और कोतवाल विजय प्रकाश भी भारी पुलिस बल के साथ रामलीला ग्राउंड पहुंच गए।
हिंदू समाज के लोगों का कहना था कि रामलीला ग्राउंड धार्मिक स्थल है, यहां पर ईद पर झूले लगाना नई परंपरा को जन्म देना है जो कि आज तक नहीं हुआ है। इसलिए धार्मिक स्थल पर झूला नहीं लगने देंगे।
विज्ञापन
अधिकारियों ने दोनों समुदाय के जिम्मेदार लोगों को समझाकर मामला शांत कराया। विशेष समुदाय के लोगों से कहा गया कि वह अपने झूले अन्य खाली जगह पर लगा लें। घंटों चली माथापच्ची के बाद मामला शांत हुआ।
विज्ञापन
नगर में ईद के मद्देनजर विशेष समुदाय के कुछ लोगों ने रामलीला ग्राउंड में झूला लगाना शुरू कर दिया। जिसका हिंदू समाज के लोगों ने विरोध करना शुरू कर दिया। देखते ही देखते दोनों समुदाय के लोग आमने-सामने आ गए।
विज्ञापन
इसी दौरान सूचना मिलते ही सीओ योगेंद्रपाल सिंह, एसडीएम डीपी सिंह और कोतवाल विजय प्रकाश भी भारी पुलिस बल के साथ रामलीला ग्राउंड पहुंच गए।
हिंदू समाज के लोगों का कहना था कि रामलीला ग्राउंड धार्मिक स्थल है, यहां पर ईद पर झूले लगाना नई परंपरा को जन्म देना है जो कि आज तक नहीं हुआ है। इसलिए धार्मिक स्थल पर झूला नहीं लगने देंगे।
विज्ञापन
अधिकारियों ने दोनों समुदाय के जिम्मेदार लोगों को समझाकर मामला शांत कराया। विशेष समुदाय के लोगों से कहा गया कि वह अपने झूले अन्य खाली जगह पर लगा लें। घंटों चली माथापच्ची के बाद मामला शांत हुआ।