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सरकड़ी खुमार में दहशत बरकरार

Sun, 21 Feb 2016 12:44 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर Updated Sun, 21 Feb 2016 12:44 AM IST
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Srkdi hangover intact panic
संत रविदास जयंती के उपलक्ष्य में शोभायात्रा में डीजे बजाने के विवाद में देहात कोतवाली क्षेत्र के गांव सरकड़ी खुमार में शुक्रवार को हुए सांप्रदायिक बवाल के बाद दहशत पसर गई। गांव में शांति व्यवस्था बहाल करने के लिए पीएसी की एक कंपनी, पुलिस बल और फायर ब्रिगेड की एक टीम तैनात कर दी गई है।
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आला अफसर गांव में डेरा डालकर स्थिति पर नजर बनाए रखे। शनिवार को एसएसपी समेत पुलिस के अफसर गांव की स्थिति की जानकारी लेते रहे। दिनभर लोग घरों में कैद रहे, जिसकी वजह से गांव की गलियां सूनी पड़ी रहीं। घरों से गलियों तक बवाल के निशान यहां हुए उत्पात की कहानी बयां करते रहे।
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संत रविदास जयंती के उपलक्ष्य में दलित समाज के लोग शुक्रवार को गांव में शोभायात्रा निकाल रहे थे। शोभायात्रा में डीजे पर गाना बजाने को लेकर हुए विवाद के बाद दो समुदाय के लोग आमने-सामने आ गए। इस दौरान जमकर पथराव और फायरिंग होने से मौके पर अफरातफरी का आलम हो गया।
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इस घटना के दौरान एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। हालांकि पुलिस के मुताबिक व्यक्ति की मौत हार्टअटैक के वजह से हुई। इसके अलावा दो पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। दो संप्रदायों के बीच का मामला होने से प्रशासनिक मशीनरियां हरकत में आ गई। पुलिस अफसरों ने रात में गांव डेरा डालकर स्थिति पर नजर बनाए रखा। अधिकारियों ने ही दोनों समुदायों को समझाबुझाकर बमुश्किल शांत कराया। इस घटना के बाद ही गांव में पीएसी की एक कंपनी, फायर ब्रिगेड और पुलिस बल  तैनात कर दिया गया।

ग्रामीणों ने पूरी रात जागकर काटी ः ज्यादातर ग्रामीणों ने शुक्रवार की रात जागकर काटी। शनिवार की सुबह से ही लोग घरों में कैद रहे। दोपहर 12 बजे तक आलम यह था कि गांव की गलियां सूनी पड़ी थीं। महिलाएं और बच्चे अपने घरों की बाउंड्री में ही थे। पुरुष भी अपने काम पर नहीं गए।

घटना के दौरान मरे  व्यक्ति का शव जिला अस्पताल में था। ऐसे में उनके परिजन और कुछ ग्रामीण शव को लेने जरूर पहुंचे थे। गांव में बनी मस्जिद के बाहर पुलिसकर्मी तैनात है, जबकि प्राथमिक विद्यालय में पीएसी की कंपनी का डेरा है। गांव की एंट्री पर फायर ब्रिगेड की टीम वाहन के साथ तैनात मिली। इसके अलावा पीएसी और पुलिस के जवान गांव की गलियों में पैदल ही गश्त करते नजर आए।

बर्बादी के निशान को बयां करते हालात ः  सांप्रदायिक बवाल के बाद दूसरे दिन गांव में पसरे सन्नाटे और दहशत के बीच उत्पात के निशां बाकी रहे। पूरी गली ईंटों और पत्थरों के कारण लाल रंग से सनी रही तो गांव में एक जगह टूटा नल, टूटी खिड़की, दरवाजा आदि उत्पातियों के कारनामे की गवाही देते रहे।

बच्चों की पढ़ाई भी बाधित
गांव के प्राथमिक विद्यालय में पीएसी की कंपनी का डेेरा होने की वजह से शनिवार को स्कूल में शिक्षण कार्य नहीं हो सका। घटना के कारण शनिवार को कुछ शिक्षक भी नहीं पहुंचे थे, जो पहुंचे थे वह पीएसी को देख लौट गए। इसकी वजह से बच्चे भी स्कूल नहीं जा सके।

गलियों में बेफ्रिक घूमते रहे बच्चे ः सांप्रदायिक बवाल के दूसरे दिन बड़े बुजुर्ग और युवा भले ही डर की वजह से घरों में दुबके रहे हों, मगर बच्चे गलियों में बेधड़क घूमते नजर आए। जी हां! शनिवार को करीब 12 बजे गांव की मस्जिद के बाहर पुलिस बल तैनात था। गली सूनी थी, मगर इसी दौरान तीन छोटे बच्चे एक-दूसरे के कंधों पर हाथ रखे हुए गली से गुजरते नजर आए, जिनके चेहरों पर केवल मुस्कान थी।

पुलिस की ओर से दर्ज कराया गया मुकदमा
सरकड़ी खुमार में पुलिस की मौजूदगी में हुए सांप्रदायिक संघर्ष में देहात कोतवाली इंस्पेक्टर सुभाष राठौर की ओर से पहली एफआईआर दर्ज कराई गई। इसमें मुस्लिम पक्ष के छह और दलित पक्ष के सात आरोपियों के खिलाफ संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।

पुलिस की ओर से आरोप है कि जुलूस के दौरान आपस में झगड़ रहे आरोपियों ने समझाने का प्रयास करने पर भी पुलिस टीम पर जानलेवा हमला किया। इसमें एसआई तूफान सिंह भाटी और सिपाही अरुण सहित कई अन्य पुलिसकर्मी चोटिल हुए। आरोपियो पर सात क्रिमिनल लॉ एक्ट भी लगाया गया।

 इस मुकदमे में कुरबान, रईस, नाजिम, रिजवान, मुमताज, मुनफैद, नफीस, सुभाष, देवेंद्र, रकम पाल, भजन, अमन, जय राम, नाथी राम के खिलाफ धारा 147, 148, 149, 307, 323, 332, 333, 353, 336, 504, 506 व 7 क्रिमिनल लॉ एक्ट में केस दर्ज किया गया।


मुस्लिम पक्ष ने यह रिपोर्ट लिखाई
दूसरा मुकदमा मुस्लिम पक्ष के सरकड़ी खुमार निवासी रईस पुत्र अब्दुल जब्बार की ओर से 16 आरोपियों को नामजद करते हुए दूसरे पक्ष के 200 अज्ञात के खिलाफ दर्ज कराया गया।

आरोप है कि इन लोगों ने लाठी डंडों से लैस होकर जुलूस निकालते हुए नमाज अदा करके लौट रहे नमाजियों की धार्मिक भावनाएं भड़काने की गरज से मुस्लिम विरोधी नारे लगाये और पथराव करते हुए लाठी-डंडो से हमला किया।

इस केस में धारा 147, 148, 149, 452, 307, 354, 323, 153क के तहत आरोपियों देवेंद्र, जयराम गौतम, सुभाष, रकम, विकास, मनोज, जौनी, नाथीराम, अमित, अमन, भजन, सागर, सोनू, शेर सिंह,  सचिन, कमल के अलावा 200 अज्ञात की भीड़ आरोपी बनाई गई।

दलित पक्ष ने भी दर्ज कराया मुकदमा
यह मुकदमा पथराव के बीच मारे गए दलित पक्ष के 65 वर्षीय हरदेवा के पौते शुभम पुत्र रघुवीर की ओर से दर्ज कराया गया। इसमें दूसरे पक्ष के 12 को नामजद कराया गया है।


आरोप है कि दलित समुदाय द्वारा जयंती का जुलूस निकाले जाने के दौरान आरोपियों ने धारदार हथियारों, लाठी-डंडो आदि से लैस होकर जानलेवा हमला करते हुए कई लोगों को घायल किया गया। इस मामले में धारा 147, 148, 149, 307, 352, 354, 323, 504, 304 व एससी-एसटी एक्ट के तहत रिजवान, मुमताज, मुंतजीर, जुबैर, रिजवान, शमशाद, कुरबान, नदीम, फिरोज, शाहरुख पुत्र रियाजुल, सरताज,  और रईस नामजद आरोपी रहे।
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