फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   Policing in question

पुलिस की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में

Wed, 28 Dec 2016 12:11 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर Updated Wed, 28 Dec 2016 12:11 AM IST
विज्ञापन
Policing in question
देवबंद में पकड़े गए थे ये नोट। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
सहारनपुर के देवबंद में इसे पुलिस की लचर कार्य प्रणाली ही कहा जाएगा कि पांच दिन पूर्व देवबंद से पकड़ा गया 20 लाख का कैश (नकदी) कहां से आया था और किसका था।
विज्ञापन


हैरानी की बात तो यह है कि पुलिस ने पकड़े गए छह लोगों से इस बाबत पूछताछ करने की बजाए उन्हें छोड़ दिया। जिस पर तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। 23 दिसंबर की देर शाम पुलिस ने नगर के अति व्यस्त मजनूवाला रोड से छह लोगों को पकड़ा था।
विज्ञापन


जिनके कब्जे से पुलिस ने प्लास्टिक की बोरी से 19.40 लाख रुपये की नकदी जब्त की थी। जिनमें 12 लाख रुपये दो हजार के नये नोट तथा 100 एवं 50 रुपये के सात लाख 40 हजार रुपये की गड्डियां थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


लेकिन पुलिस ने कुछ ही देर बाद पकड़े गए सभी छह लोगों को छोड़ दिया। उनसे पूछताछ करने की जहमत तक नहीं उठाई गई।  पुलिस अधिकारियों की माने तो यह रकम कहां से आई थी और धन किसका था? इस संबंध में आयकर विभाग ही पता लगाएगा।

लेकिन पांच दिन गुजरने के बाद भी आयकर विभाग के अधिकारी जब्त रकम के बारे में पूछताछ करने देवबंद नहीं पहुंचे। कोतवाल चमन सिंह चावड़ा ने बताया कि आयकर विभाग के हेड आफिस देहरादून सूचना दी गई थी।

लेकिन अभी तक कोई अधिकारी पूछताछ करने देवबंद नहीं आया है। लगता है आयकर विभाग भी इसे लेकर गंभीर नहीं दिख रहा है। जबकि देशभर में पड़ रहे छापों में प्रवर्तन निदेशालय और आयकर विभाग को आए दिन करोड़ों की नई करेंसी जब्त हो रही है।


 चर्चा तो यहां तक है कि देवबंद से पकड़ी गई रुपयों की खेप पुलिस द्वारा दर्शायी गई नकदी से कहीं ज्यादा थी। जिसमें बंदरबांट हुई है। लेकिन पुलिस इससे इंकार कर रही है। 
 
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed