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डेढ़ घंटे तक गलियों में बरसते रहे पत्थर
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Sat, 20 Feb 2016 01:11 AM IST
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थाना देहात कोतवाली क्षेत्र के गांव सरकडी खुमार में शुक्रवार शाम रविदास जयंती के उपलक्ष्य में निकाली गई शोभायात्रा के दौरान दो समुदायों में हुए सांप्रदायिक बवाल में करीब डेढ़ घंटे तक घरों, सड़कों और छतों से पत्थर, ईंट बरसाए गए। छतों पर रखी लकड़ी तक राहगीरों पर फेंकी गई। शोभायात्रा में गाना बजाने को लेकर हुए विवाद में दोनों पक्षों के लोग आपा खो बैठे।
घटना के बाद पीएसी और कई थानों की पुलिस फोर्स न पहुंचती तो हालात संभालने मुश्किल हो जाते। गांव में अब भी तनाव की हालत बनी हुई है। आला अफसरों से लेकर बड़ी संख्या में पुलिस जवान तैनात हैं और गांव के सभी हिस्सों में निगरानी कर रहे हैं। पुलिस ने गांव में कार्रवाई करते हुए 10 संदिग्धों को हिरासत में लिया है।
बेहट रोड साईं मंदिर से आगे देवला से होते हुए 10 किलोमीटर अंदर सरकडी गांव के मार्ग पर शुक्रवार शाम शोभायात्रा निकाली जा रही थी।
एसपी सिटी महेंद्र सिंह यादव सहित अन्य पुलिस अफसरों का कहना है कि पूर्व में समझौता होने के बावजूद कुछ ग्रामीणों ने उसका उल्लंघन करते हुए माहौल को बिगाड़ा। इसी के चलते ऐसी नौबत आई। विवाद के बाद सांप्रदायिक बवाल के चलते शोभायात्रा में शामिल बैंड बाजा, वाहन, झांकियों को भी सुरक्षित निकालकर बाहर भिजवाया गया।
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एक दूसरे के घरों में फंस गए लोग ः एक तरफ जहां दोनों समुदाय के लोग एक दूसरे पर ईंट पत्थर बरसा रहे थे तो दूसरी तरफ कई बुजुर्ग ग्रामीण ऐसे थे जो एक दूसरे के घरों में बवाल के बीच फंस गए।
इस दौरान बिना किसी भेदभाव के उन्हें सुरक्षित घरों में रखा गया जबकि कुछ बुजुर्गों को बाद में पुलिस ने घरों तक पहुंचाया। कुछ लोगों ने बताया कि अगले कुछ दिनों ही यहां दो तीन शादियां भी होनी हैं। लेकिन कुछ लोगों की गलत हरकत के कारण सुरक्षा और शांति भंग होने से शादियों की तैयारियों में भी दिक्कतें आएंगी।
घरों में ही चीखते चिल्लाते रहे जख्मी लोग
सांप्रदायिक बवाल के दौरान कई घरों में ही लोगों के घायल पड़े रहने की जानकारी मिली। ऐसे लोग कैद होने की हालत में ही चीखते चिल्लाते रहे लेकिन रात के अंधेरे में बाहर मंडरा रही पुलिस फोर्स के डर से बाहर नहीं निकले।
ग्रामीण की मौत और बवाल की जांच की जाए : सांसद
भाजपा सांसद राघव लखनपाल ने देर रात गांव में पहुंचकर पुलिस के आला अफसरों से बात की। उन्होंने कहा कि उन्हें इसी बवाल में ग्रामीण की मौत होने की जानकारी मिली है।
एसपी सिटी महेंद्र सिंह यादव ने बताया कि इस बवाल में यह मौत नहीं हुई है बल्कि दिल का दौरा पडने से ग्रामीण की जान गई है। इस दौरान शीतल विश्नोई, राजवीर सिंह, जीतराम सैनी, संदीप रावत, सुधीर पंवार, कंवलजीत, एनडी त्यागी, विजेन्द्र सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
दलित समाज से ज्यादती नहीं होने देंगे : जगपाल सिंह
बसपा के सहारनपुर देहात विधायक जगपाल सिंह ने गांव में पहुंचकर यहां के हालात की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि संत रविदास जयंती के नाम पर कोई राजनीति और दलित समाज से ज्यादती नहीं होने देंगे।
पुलिस के पहुंचने पर भी नहीं माने उत्पाती
दोनों समुदाय के उत्पाती डेढ़ घंटे तक पथराव करते रहे। थाना देहात, नगर कोतवाली से लेकर अन्य थानों की पुलिस और पीएसी जवानों के पहुंचने के बावजूद पथराव चलता रहा। इसी दौरान उत्पातियों को खदेडने और ग्रामीणों को घरों के अंदर भेजने के दौरान दो सिपाही भी गंभीर रूप से जख्मी हो गए।
घरों में घुसकर मारे गए ईंट-पत्थर
गांव में दोनों समुदायों के कुछ लोगों ने बताया कि उत्पातियों ने घरों में घुसकर भी ईंट पत्थर मारे। मना करने पर खिड़की दरवाजे तक तोड़ दिए गए। धार्मिक स्थल तक भी पत्थर फेंके गए। पुलिस फोर्स पहुंचने के बाद भी बड़ी मशक्कत और संघर्ष के बाद उत्पातियों को खदेड़ा जा सका।
गलियों और घरों ने दी बवाल की गवाही
गांव में प्रवेश करते ही एक धार्मिक स्थल से कुछ दूर आगे से लेकर 500 मीटर से भी अधिक लंबे रास्ते में ईंट पत्थर, लकड़ी के टुकड़े आदि बिखरे पड़े थे।
पुलिस प्रशासन ने हल्के में लिया विवाद
सरकड़ी से लेकर पीकी तक रविदास जयंती के उपलक्ष्य में निकलने वाली शोभायात्रा के दौरान पहले भी ऐसे विवाद और सांप्रदायिक बवाल होते रहे हैं। इसके बावजूद पुलिस प्रशासन ने यहां शांति और सुरक्षा के जरूरी इंतजाम नहीं किए। इसके चलते ही गांव सांप्रदायिक बवाल की भेंट चढ़ गया।
गांव में तनाव
एसपी सिटी महेंद्र सिंह यादव ने बताया कि शोभायात्रा को लेकर गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई थी। इसी को देखते हुए एसडीएम सदर की मौजूदगी में दोनों समुदायों के बीच आम सहमति पर फैसला कराया गया था।
इसमें तय हुआ था कि नमाज के बाद शोभायात्रा निकाली जाएगी। नमाज समाप्त होने के बाद पुलिस की मौजूदगी में साढ़े पांच बजे शोभायात्रा शुरू कराई गई। इसमें डीजे को लेकर विवाद हुआ है।
अधिकारी कहिन
शोभायात्रा के दौरान सांप्रदायिक बवाल और पथराव हुआ है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामला शांत करा दिया है। हम पूरे घटना की जांच कर रहे हैं। माहौल बिगाड़ने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा। किसी भी सूरत में दोषियों को बख्सा नहीं जाएगा।
- आरपी सिंह यादव, एसएसपी
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घटना के बाद पीएसी और कई थानों की पुलिस फोर्स न पहुंचती तो हालात संभालने मुश्किल हो जाते। गांव में अब भी तनाव की हालत बनी हुई है। आला अफसरों से लेकर बड़ी संख्या में पुलिस जवान तैनात हैं और गांव के सभी हिस्सों में निगरानी कर रहे हैं। पुलिस ने गांव में कार्रवाई करते हुए 10 संदिग्धों को हिरासत में लिया है।
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बेहट रोड साईं मंदिर से आगे देवला से होते हुए 10 किलोमीटर अंदर सरकडी गांव के मार्ग पर शुक्रवार शाम शोभायात्रा निकाली जा रही थी।
एसपी सिटी महेंद्र सिंह यादव सहित अन्य पुलिस अफसरों का कहना है कि पूर्व में समझौता होने के बावजूद कुछ ग्रामीणों ने उसका उल्लंघन करते हुए माहौल को बिगाड़ा। इसी के चलते ऐसी नौबत आई। विवाद के बाद सांप्रदायिक बवाल के चलते शोभायात्रा में शामिल बैंड बाजा, वाहन, झांकियों को भी सुरक्षित निकालकर बाहर भिजवाया गया।
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एक दूसरे के घरों में फंस गए लोग ः एक तरफ जहां दोनों समुदाय के लोग एक दूसरे पर ईंट पत्थर बरसा रहे थे तो दूसरी तरफ कई बुजुर्ग ग्रामीण ऐसे थे जो एक दूसरे के घरों में बवाल के बीच फंस गए।
इस दौरान बिना किसी भेदभाव के उन्हें सुरक्षित घरों में रखा गया जबकि कुछ बुजुर्गों को बाद में पुलिस ने घरों तक पहुंचाया। कुछ लोगों ने बताया कि अगले कुछ दिनों ही यहां दो तीन शादियां भी होनी हैं। लेकिन कुछ लोगों की गलत हरकत के कारण सुरक्षा और शांति भंग होने से शादियों की तैयारियों में भी दिक्कतें आएंगी।
घरों में ही चीखते चिल्लाते रहे जख्मी लोग
सांप्रदायिक बवाल के दौरान कई घरों में ही लोगों के घायल पड़े रहने की जानकारी मिली। ऐसे लोग कैद होने की हालत में ही चीखते चिल्लाते रहे लेकिन रात के अंधेरे में बाहर मंडरा रही पुलिस फोर्स के डर से बाहर नहीं निकले।
ग्रामीण की मौत और बवाल की जांच की जाए : सांसद
भाजपा सांसद राघव लखनपाल ने देर रात गांव में पहुंचकर पुलिस के आला अफसरों से बात की। उन्होंने कहा कि उन्हें इसी बवाल में ग्रामीण की मौत होने की जानकारी मिली है।
एसपी सिटी महेंद्र सिंह यादव ने बताया कि इस बवाल में यह मौत नहीं हुई है बल्कि दिल का दौरा पडने से ग्रामीण की जान गई है। इस दौरान शीतल विश्नोई, राजवीर सिंह, जीतराम सैनी, संदीप रावत, सुधीर पंवार, कंवलजीत, एनडी त्यागी, विजेन्द्र सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
दलित समाज से ज्यादती नहीं होने देंगे : जगपाल सिंह
बसपा के सहारनपुर देहात विधायक जगपाल सिंह ने गांव में पहुंचकर यहां के हालात की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि संत रविदास जयंती के नाम पर कोई राजनीति और दलित समाज से ज्यादती नहीं होने देंगे।
पुलिस के पहुंचने पर भी नहीं माने उत्पाती
दोनों समुदाय के उत्पाती डेढ़ घंटे तक पथराव करते रहे। थाना देहात, नगर कोतवाली से लेकर अन्य थानों की पुलिस और पीएसी जवानों के पहुंचने के बावजूद पथराव चलता रहा। इसी दौरान उत्पातियों को खदेडने और ग्रामीणों को घरों के अंदर भेजने के दौरान दो सिपाही भी गंभीर रूप से जख्मी हो गए।
घरों में घुसकर मारे गए ईंट-पत्थर
गांव में दोनों समुदायों के कुछ लोगों ने बताया कि उत्पातियों ने घरों में घुसकर भी ईंट पत्थर मारे। मना करने पर खिड़की दरवाजे तक तोड़ दिए गए। धार्मिक स्थल तक भी पत्थर फेंके गए। पुलिस फोर्स पहुंचने के बाद भी बड़ी मशक्कत और संघर्ष के बाद उत्पातियों को खदेड़ा जा सका।
गलियों और घरों ने दी बवाल की गवाही
गांव में प्रवेश करते ही एक धार्मिक स्थल से कुछ दूर आगे से लेकर 500 मीटर से भी अधिक लंबे रास्ते में ईंट पत्थर, लकड़ी के टुकड़े आदि बिखरे पड़े थे।
पुलिस प्रशासन ने हल्के में लिया विवाद
सरकड़ी से लेकर पीकी तक रविदास जयंती के उपलक्ष्य में निकलने वाली शोभायात्रा के दौरान पहले भी ऐसे विवाद और सांप्रदायिक बवाल होते रहे हैं। इसके बावजूद पुलिस प्रशासन ने यहां शांति और सुरक्षा के जरूरी इंतजाम नहीं किए। इसके चलते ही गांव सांप्रदायिक बवाल की भेंट चढ़ गया।
गांव में तनाव
एसपी सिटी महेंद्र सिंह यादव ने बताया कि शोभायात्रा को लेकर गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई थी। इसी को देखते हुए एसडीएम सदर की मौजूदगी में दोनों समुदायों के बीच आम सहमति पर फैसला कराया गया था।
इसमें तय हुआ था कि नमाज के बाद शोभायात्रा निकाली जाएगी। नमाज समाप्त होने के बाद पुलिस की मौजूदगी में साढ़े पांच बजे शोभायात्रा शुरू कराई गई। इसमें डीजे को लेकर विवाद हुआ है।
अधिकारी कहिन
शोभायात्रा के दौरान सांप्रदायिक बवाल और पथराव हुआ है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामला शांत करा दिया है। हम पूरे घटना की जांच कर रहे हैं। माहौल बिगाड़ने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा। किसी भी सूरत में दोषियों को बख्सा नहीं जाएगा।
- आरपी सिंह यादव, एसएसपी