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हुडा का फर्जी चेयरमैन दबोचा

Thu, 15 Oct 2015 11:46 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, सहारनपुर
ब्यूरो/ अमर उजाला, सहारनपुर Updated Thu, 15 Oct 2015 11:46 PM IST
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Huda's bogus chairman arrested
हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कई लोगों को हरियाणा में प्लॉट दिलाने, सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों की ठगी करने वाले हरियाणा अरबन डवलपमेंट अथॉरिटी (हुडा) के फर्जी चेयरमैन को पुलिस ने दबोच लिया। उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस को उसके पास से कई अहम दस्तावेज भी मिले हैं, जिनसे पता चलता है कि वह किस स्तर पर फर्जीवाड़ा कर रहा था। एसएसपी ने गिरफ्तार करने वाली क्राइम ब्रांच और सरसावा पुलिस को इनाम देने की घोषणा की।
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एसएसपी ने पत्रकार वार्ता के दौरान बताया कि क्राइम ब्रांच की टीम ने सरसावा क्षेत्र में स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर संदिग्ध वाहनों की चेकिंग शुरू कर की। इसी दौरान पुलिस को यमुनानगर की ओर से एक लालबत्ती लगी कार आती दिखाई दी। कार के सामने चेयरमैन लिखी प्लेट लगी थी। साथ ही साइड में तिरंगा लगा था। पुलिस ने कार को रुकवाकर चेक किया गया था। कार सवार युवक ने अपना नाम दीपक कुमार पुत्र प्रदीप कुमार निवासी सेक्टर-17 जगाधरी यमुनानगर बताया। यह भी बताया कि वह हुडा का चेयरमैन है।
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पुलिस ने जानकारी की तो पता चला कि हरियाणा में हुडा का चेयरमैन मुख्यमंत्री होता है। इस पर पुलिस का शक गहरा हो गया। संदेश होने पर पुलिस ने जब गाड़ी की तलाशी ली तो उसमें से कई चौंकाने वाली चीजें मिली। कार में एक तलवार, फर्जी नियुक्त पत्र और मार्कशीट, एयरफोर्स से संबंधित भारत सरकार का प्रमाण पत्र, चेयरमैन बनने का फर्जी नियुक्ति पत्र समेत करीब 20 चीजें बरामद हुईं। इसके बाद जब पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की तो वह घबरा गया।
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उसने पुलिस को बताया कि वह फर्जी चेयरमैन बनकर लोगों को भूखंड आवंटित कराने, सरकारी नौकरी लगवाने और अन्य कार्यों के नाम पर मोटी रकम ऐंठता है।

इसके बाद पुलिस ने उसे गाड़ी समेत गिरफ्त में ले लिया और सहारनपुर ले आई। ठग को पकड़ने वाली टीम में स्वाट टीम के प्रभारी संजय पांडे, सरसावा थानाध्यक्ष बीपी सिंह, जरार हुसैन, संजीव, कमल कौशिक, कपिल, संजय सोलंकी, अरुण राणा और सुहेल खान शामिल थे। एसएसपी ने सभी के लिए पांच हजार रुपये के इनाम की घोषणा की। पुलिस ने आरोपी दीपक के खिलाफ केस दर्ज किया है।

दीपक ने इनसे की ठगी
पकड़े गए फर्जी चेयरमैन दीपक कुमार ने दीपक चौधरी नाम के व्यक्ति से सेंट्रल सचिवालय के नाम से भूखंड आवंटित कराने, आदेश कांबोज से भूखंड आवंटित कराने, अब्दुल जब्बार से मोनाड विश्वविद्यालय हापुड़ से बीकॉम की मार्कशीट दिलाने के नाम पर ठगी की। इसके अलावा सरसावा निवासी रविंद्र को रेलवे में टीटी बनवाने के नाम पर तीन लाख 50 हजार रुपये एवं जगाधरी नगर निगम के कर्मचारी दीपक कुमार का ट्रांसफर कराने के नाम पर 50 हजार रुपये और उसी के भाई अमित कुमार से प्रमोशन कराने के नाम पर एक लाख रुपये ठगे।

पिता ने खुद को आईजी ट्रैफिक बताया
स्वाट टीम के प्रभारी संजय पांडे ने बताया कि जब पुलिस ने आरोपी दीपक कुमार के पिता से बात की तो उन्होंने भी अपने आपको आईजी ट्रैफिक बताया, जबकि हकीकत में वह पुरानी कारों के बेचने और खरीदने का काम करते हैं। बताया कि दीपक का एक बैंक अकाउंट है, जिसमें एक लाख 68 हजार रुपये हैं। बाकी रकम वह कहां भेजता था। इसकी जांच की जा रही है। साथ ही हरियाणा पुलिस को भी इसकी सूचना दे दी गई है।

हरियाणा पुलिस पर करता था रौब गालिब  
पकड़े गए दीपक कुमार ने स्वीकार किया है कि वह करीब छह महीने से चेयरमैन बनकर हरियाणा में घूम रहा था, जबकि क्राइम ब्रांच को मिले उसके सिम और कागजों के अनुसार वह करीब एक साल से अधिक समय से चेयरमैन बनकर घूम रहा था। यदि कोई अफसर या पुलिसकर्मी उसकी गाड़ी रोकता था तो वह उच्चाधिकारियों को फोन लगाने का ढोंग कर उन्हें डरा देता था। इतना ही नहीं वह लोगों को हरियाणा के सीएम के साथ ही प्रधानमंत्री से भी सीधे संबंध होने की बात कहता था। पुलिस को उसके मोबाइल से कुछ फोटो भी मिले हैं। एक फोटो में वह हरियाणा के मुख्यमंत्री के साथ सोफे पर बठा है।

...तो ऐसे पकड़ा गया दीपक
चर्चा है कि दीपक को क्राइम ब्रांच और सरसावा पुलिस ने चेकिंग के दौरान नहीं पकड़ा, बल्कि उसको गिरफ्तार करने के लिए प्लानिंग की गई थी। बताया गया है कि दीपक ने सरसावा के दीपक को भी अपना शिकार बनाया हुआ था। दीपक अक्सर रविंद्र से मिलने सरसावा भी आता था। जब रविंद्र को दीपक पर शक हुआ तो उसने सरसावा पुलिस को इसकी सूचना दी। पुलिस ने अपने अधिकारियों से संपर्क किया। इसके बाद क्राइम ब्रांच की टीम सरसावा भेजी गई। साथ ही रविंद्र ने दीपक को फोन कर सरसावा बुला लिया। इस दौरान पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।


सहारनपुर में भी कई लाल बत्तीधारी  
क्राइम ब्रांच और पुलिस द्वारा फर्जी चेयरमैन को लाल बत्ती लगी गाड़ी के साथ पकड़े जाने के बाद सवाल यह उठता है कि क्या पुलिस यहां लाल बत्ती लगाकर घूमने वालों पर कार्रवाई कर सकेगी। सहारनपुर में भी कुछ लोग गलत तरीके से अपनी गाड़ियों पर लाल बत्ती लगाकर सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटते हैं और अफसरों व कर्मचारियों पर रौब गालिब करते हैं। कोर्ट के आदेश के बावजूद आज तक प्रशासन ने उनकी बत्ती उतरवाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है।
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