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Kaithal News: ऑस्ट्रेलिया भेजने का झांसा देकर 4.03 लाख की ठगी, थाईलैंड से युवक को डिपोर्ट किया
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कैथल। गांव गुहणा निवासी युवक से ऑस्ट्रेलिया भेजने का झांसा देकर आरोपियों ने 4.03 लाख रुपये ठग लिए। एजेंटों ने युवक और उसके परिवार से ऑस्ट्रेलिया भेजने के नाम पर 25.53 लाख रुपये लिए। ऑस्ट्रेलिया भेजने के बजाय युवक को सितंबर 2024 में थाईलैंड भेज दिया, जहां से उसे डिपोर्ट कर दिया गया। बाद में पंचायत स्तर पर हुए समझौते के तहत 21.50 लाख रुपये लौटा दिए गए लेकिन 4.03 लाख रुपये देने से इन्कार कर दिया। पैसे मांगने पर जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप है। इस संबंध में गांव गुहणा निवासी बलजीत ने पुलिस को शिकायत दी है। शिकायत के आधार पर आरोपी हरमन व उसके चाचा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।
गांव गुहणा निवासी बलजीत ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसका बेटा हिमांशु विदेश जाना चाहता था। गांव के ही एक व्यक्ति ने उसकी मुलाकात पंजाब निवासी कर्मजीत से करवाई। कर्मजीत ने बताया कि उसकी जान-पहचान का हरमन लोगों को विदेश भेजता है। उसने हिमांशु को ऑस्ट्रेलिया टूरिस्ट वीजा पर भेजकर वहां वर्क परमिट करवाने का भरोसा दिया। शिकायत के अनुसार 6 जुलाई 2024 को तीन लाख रुपये फाइल चार्ज के नाम पर दिए गए। इसके बाद हिमांशु से गूगल-पे के माध्यम से 1.53 लाख रुपये लिए गए। 21 अगस्त को ढांड रोड स्थित आईसीआईसीआई बैंक के पास 17 लाख रुपये नकद दिए गए। इसके बाद हिमांशु को दिल्ली एयरपोर्ट ले जाया गया और वहां से मुंबई भेजा गया लेकिन ऑस्ट्रेलिया की टिकट नहीं हो सकी। युवक मुंबई में करीब एक सप्ताह तक रहा, जिसका होटल व खाने पीने आदि हर प्रकार का खर्च उन्होंने स्वयं अदा किया।
आरोप है कि इसके बाद हिमांशु को कर्मजीत के घर करीब 20 दिन तक रखा गया। इस दौरान हरमन ने उसे ऑस्ट्रेलिया भेजने की जिम्मेदारी लेने की बात कही। शिकायतकर्ता के अनुसार कर्मजीत ने हिमांशु की मौजूदगी में हरमन को करीब 25 लाख रुपये दिए। इसके बाद हरमन ने हिमांशु को सितंबर 2024 में थाईलैंड भेज दिया। वहां से उसे डिपोर्ट कर दिया गया।
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एसपी कार्यालय में शिकायत के बाद पंचायत में हुआ समझौता
बलजीत ने बताया कि उसने मामले से संबंधित 25 मई 2026 को एसपी कार्यालय में शिकायत दी थी। शिकायत को आर्थिक अपराध शाखा भेजा गया। वहां कार्रवाई के दौरान पंचायत स्तर पर समझौता हुआ। समझौते के तहत 25.53 लाख रुपये में से 21.50 लाख रुपये वापस कर दिए गए लेकिन 4.03 लाख रुपये लौटाने से इन्कार कर दिया गया। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि उसके बेटे का मूल पासपोर्ट भी आरोपियों के पास है। पैसे वापस मांगने पर उसे जान से मारने की धमकी दी गई।
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शिकायत के आधार पर आरोपी हरमन व उसके चाचा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। मामले की जांच की जा रही है।- साइबर थाना प्रभारी प्रवीण कुमार
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गांव गुहणा निवासी बलजीत ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसका बेटा हिमांशु विदेश जाना चाहता था। गांव के ही एक व्यक्ति ने उसकी मुलाकात पंजाब निवासी कर्मजीत से करवाई। कर्मजीत ने बताया कि उसकी जान-पहचान का हरमन लोगों को विदेश भेजता है। उसने हिमांशु को ऑस्ट्रेलिया टूरिस्ट वीजा पर भेजकर वहां वर्क परमिट करवाने का भरोसा दिया। शिकायत के अनुसार 6 जुलाई 2024 को तीन लाख रुपये फाइल चार्ज के नाम पर दिए गए। इसके बाद हिमांशु से गूगल-पे के माध्यम से 1.53 लाख रुपये लिए गए। 21 अगस्त को ढांड रोड स्थित आईसीआईसीआई बैंक के पास 17 लाख रुपये नकद दिए गए। इसके बाद हिमांशु को दिल्ली एयरपोर्ट ले जाया गया और वहां से मुंबई भेजा गया लेकिन ऑस्ट्रेलिया की टिकट नहीं हो सकी। युवक मुंबई में करीब एक सप्ताह तक रहा, जिसका होटल व खाने पीने आदि हर प्रकार का खर्च उन्होंने स्वयं अदा किया।
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आरोप है कि इसके बाद हिमांशु को कर्मजीत के घर करीब 20 दिन तक रखा गया। इस दौरान हरमन ने उसे ऑस्ट्रेलिया भेजने की जिम्मेदारी लेने की बात कही। शिकायतकर्ता के अनुसार कर्मजीत ने हिमांशु की मौजूदगी में हरमन को करीब 25 लाख रुपये दिए। इसके बाद हरमन ने हिमांशु को सितंबर 2024 में थाईलैंड भेज दिया। वहां से उसे डिपोर्ट कर दिया गया।
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एसपी कार्यालय में शिकायत के बाद पंचायत में हुआ समझौता
बलजीत ने बताया कि उसने मामले से संबंधित 25 मई 2026 को एसपी कार्यालय में शिकायत दी थी। शिकायत को आर्थिक अपराध शाखा भेजा गया। वहां कार्रवाई के दौरान पंचायत स्तर पर समझौता हुआ। समझौते के तहत 25.53 लाख रुपये में से 21.50 लाख रुपये वापस कर दिए गए लेकिन 4.03 लाख रुपये लौटाने से इन्कार कर दिया गया। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि उसके बेटे का मूल पासपोर्ट भी आरोपियों के पास है। पैसे वापस मांगने पर उसे जान से मारने की धमकी दी गई।
शिकायत के आधार पर आरोपी हरमन व उसके चाचा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। मामले की जांच की जा रही है।- साइबर थाना प्रभारी प्रवीण कुमार