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फर्जी खाते खोल कर किया गबन
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 20 Apr 2017 12:42 AM IST
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सहारनपुर। शिक्षा विभाग के सर्वशिक्षा अभियान के खाते और नगर निगम के खाते से 76.70 लाख रुपये का गबन फर्जी खातों में किया गया। पुलिस ने जांच में तीनों ही खाते फर्जी नाम और पते पर पाए गए। पुलिस इस गबन में बैंक कर्मचारियों की मिलीभगत मान रही है।
सहारनपुर के बेसिक शिक्षा अधिकारी बीपी सिंह के फर्जी हस्ताक्षर कर फर्जी चेक लगाकर तथा नगरायुक्त के भी फर्जी हस्ताक्षर कर एवं फर्जी चेक बनाकर 76.70 लाख रुपये के गबन ने हड़कंप मचा दिया है। बैंक अधिकारियों द्वारा जांच किए जाने के बाद कोई परिणाम न आने के बाद पुलिस ने अपनी जांच शुरू कर दी। सहारनपुर से पुलिस की टीम ने बरेली, मेरठ और दिल्ली पहुंचकर दबिश दी। लेकिन तीनों ही खाते फर्जी नाम और पते पर पाए गए। बताया जा रहा है कि नोट बंदी के दौरान बैंकों में कुछ छूट के साथ खाते खोले जाने की प्रक्रिया की गई। नवंबर में ही इन खातों को खोला गया। जांच नहीं कराने का फायदा उठाते हुए गबन किया गया।
पुलिस गबन के इस बड़े मामले में बैंक अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भी मिलीभगत मानकर चल रही है। पुलिस के अनुसार इन खातों में सरकारी खातों से पैसा अचानक स्थानांतरित किया गया और बैंक के किसी कर्मचारी ने ध्यान तक नहीं दिया। यह मिलीभगत से ही संभव है। इसके अलावा हमेशा से ही चेक दो-दो हस्ताक्षरों के ही पास होते रहे, लेकिन इन चेकों पर एक हस्ताक्षर होने के बावजूद इन्हें पास कर दिया गया और विभाग के किसी अधिकारी और कर्मचारी को सूचना तक नहीं दी। एसएसपी लव कुमार ने बताया कि पुलिस ने बरेली जाकर खाते की जांच की, लेकिन खाते पर नाम पता फर्जी पाया गया है। जांच के बाद हकीकत सामने आ सकेगी।
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सहारनपुर के बेसिक शिक्षा अधिकारी बीपी सिंह के फर्जी हस्ताक्षर कर फर्जी चेक लगाकर तथा नगरायुक्त के भी फर्जी हस्ताक्षर कर एवं फर्जी चेक बनाकर 76.70 लाख रुपये के गबन ने हड़कंप मचा दिया है। बैंक अधिकारियों द्वारा जांच किए जाने के बाद कोई परिणाम न आने के बाद पुलिस ने अपनी जांच शुरू कर दी। सहारनपुर से पुलिस की टीम ने बरेली, मेरठ और दिल्ली पहुंचकर दबिश दी। लेकिन तीनों ही खाते फर्जी नाम और पते पर पाए गए। बताया जा रहा है कि नोट बंदी के दौरान बैंकों में कुछ छूट के साथ खाते खोले जाने की प्रक्रिया की गई। नवंबर में ही इन खातों को खोला गया। जांच नहीं कराने का फायदा उठाते हुए गबन किया गया।
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पुलिस गबन के इस बड़े मामले में बैंक अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भी मिलीभगत मानकर चल रही है। पुलिस के अनुसार इन खातों में सरकारी खातों से पैसा अचानक स्थानांतरित किया गया और बैंक के किसी कर्मचारी ने ध्यान तक नहीं दिया। यह मिलीभगत से ही संभव है। इसके अलावा हमेशा से ही चेक दो-दो हस्ताक्षरों के ही पास होते रहे, लेकिन इन चेकों पर एक हस्ताक्षर होने के बावजूद इन्हें पास कर दिया गया और विभाग के किसी अधिकारी और कर्मचारी को सूचना तक नहीं दी। एसएसपी लव कुमार ने बताया कि पुलिस ने बरेली जाकर खाते की जांच की, लेकिन खाते पर नाम पता फर्जी पाया गया है। जांच के बाद हकीकत सामने आ सकेगी।
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