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फर्जी फर्म से हुआ करोड़ों का गोलमाल
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Fri, 17 Nov 2017 11:42 PM IST
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पकड़ा गया मुख्य आरोपी का भाई।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सहारनपुर में सहकारी बैंक के सात करोड़ रुपये के गबन के आरोप में गिरफ्तार पूर्व शाखा प्रबंधक गोपाल कपिल के भाई संजय कपिल को गिरफ्तार कर पुलिस ने अलग-अलग नामों की कई चेक बुकें बरामद की हैं।
साथ ही खुलासा किया है कि बालाजी हैंडीक्राफ्ट नाम से फर्जी फर्म बनाकर इसी फर्म के खाते के माध्यम से करोड़ों रुपये का गबन किया गया।
पुलिस द्वारा बृहस्पतिवार की रात को गिरफ्तार किए गए संजय कपिल से पूछताछ की और उसकी निशानदेही पर उसके घर से अलग-अलग नामों और खातों की कई चेक बुकें बरामद कीं।
पुलिस ने उसकी निशानदेही पर कई महत्वपूर्ण दस्तावेज भी बरामद किए। नगर कोतवाली के वरिष्ठ उप निरीक्षक वीरेश गिरी ने बताया कि दस्तावेजों से खुलासा हुआ कि संजय कपिल ने बालाजी हैंडीक्राफ्ट नाम से एक फर्म बना रखी थी। जबकि यह फर्म कहीं भी अस्तित्व में नहीं पाई गई।
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पुलिस के अनुसार गोपाल कपिल ने इसी फर्म के खाते के माध्यम से सहकारी बैंक से हुए रुपये का गबन किया। इसी खाते में पैसा ट्रांसफर कराया जाता रहा और इसी के खाते से निकाला जाता रहा। पुलिस के अनुसार इसी खाते से कुछ सफेदपोशों को भी चेक के माध्यम से भुगतान किया गया।
सहारनपुर के लिंक लोड स्थित सहकारी बैंक में हुए लगभग 7 करोड़ रुपये के गबन के मामले में अब तक 7 लोग जेल जा चुके हैं। जिसमें पूर्व शाखा प्रबंधक गोपाल कपिल ने 26 अक्तूबर को कोर्ट में आत्मसमर्पण किया था।
जबकि एक अन्य शाखा प्रबंधक आदित्य कुमार वर्मा, कैशियर श्याम कुमार, लिपिक अतुल कुमार, वंदना सैनी, गोपाल कपिल का साला मोहित कांत शर्मा और अब गोपाल कपिल के भाई संजय कपिल को पुलिस ने जेल भेजा है।
एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि गबन के मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपियों की संपत्ति की जांच कराई जाएगी। प्रमुख रूप से गोपाल कपिल और संजय कपिल की संपत्ति की जांच की जांच कराई जाएगी। सूचना मिली है कि दोनों की सहारनपुर के अलावा उत्तराखंड तथा कई अन्य शहरों में भी संपत्ति है।
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साथ ही खुलासा किया है कि बालाजी हैंडीक्राफ्ट नाम से फर्जी फर्म बनाकर इसी फर्म के खाते के माध्यम से करोड़ों रुपये का गबन किया गया।
पुलिस द्वारा बृहस्पतिवार की रात को गिरफ्तार किए गए संजय कपिल से पूछताछ की और उसकी निशानदेही पर उसके घर से अलग-अलग नामों और खातों की कई चेक बुकें बरामद कीं।
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पुलिस ने उसकी निशानदेही पर कई महत्वपूर्ण दस्तावेज भी बरामद किए। नगर कोतवाली के वरिष्ठ उप निरीक्षक वीरेश गिरी ने बताया कि दस्तावेजों से खुलासा हुआ कि संजय कपिल ने बालाजी हैंडीक्राफ्ट नाम से एक फर्म बना रखी थी। जबकि यह फर्म कहीं भी अस्तित्व में नहीं पाई गई।
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पुलिस के अनुसार गोपाल कपिल ने इसी फर्म के खाते के माध्यम से सहकारी बैंक से हुए रुपये का गबन किया। इसी खाते में पैसा ट्रांसफर कराया जाता रहा और इसी के खाते से निकाला जाता रहा। पुलिस के अनुसार इसी खाते से कुछ सफेदपोशों को भी चेक के माध्यम से भुगतान किया गया।
सहारनपुर के लिंक लोड स्थित सहकारी बैंक में हुए लगभग 7 करोड़ रुपये के गबन के मामले में अब तक 7 लोग जेल जा चुके हैं। जिसमें पूर्व शाखा प्रबंधक गोपाल कपिल ने 26 अक्तूबर को कोर्ट में आत्मसमर्पण किया था।
जबकि एक अन्य शाखा प्रबंधक आदित्य कुमार वर्मा, कैशियर श्याम कुमार, लिपिक अतुल कुमार, वंदना सैनी, गोपाल कपिल का साला मोहित कांत शर्मा और अब गोपाल कपिल के भाई संजय कपिल को पुलिस ने जेल भेजा है।
एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि गबन के मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपियों की संपत्ति की जांच कराई जाएगी। प्रमुख रूप से गोपाल कपिल और संजय कपिल की संपत्ति की जांच की जांच कराई जाएगी। सूचना मिली है कि दोनों की सहारनपुर के अलावा उत्तराखंड तथा कई अन्य शहरों में भी संपत्ति है।