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पुलिस प्रशासन नहीं रोक पा रहा अवैध खनन
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पुलिस प्रशासन नहीं रोक पा रहा अवैध खनन
बेहट। राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) द्वारा प्रतिबंध लगाए जाने के बावजूद तहसील बेहट क्षेत्र में अवैध खनन एवं खनिज का परिवहन धड़ल्ले से हो रहा है। हालात इतने बदतर हैं कि हरियाणा के खनन माफिया दिनदहाड़े यूपी की सीमा में बेखौफ होकर यमुना नदी का सीना छलनी कर रहे हैं। जेसीबी एवं पोकलैन मशीनों से यमुना की खुदाई कर खनिज हरियाणा में ढोया जा रहा है। बरथा कोरसी गांव के सामने यमुना नदी में करीब एक से डेढ़ किमी का क्षेत्र हरियाणा के खनन माफिया द्वारा जेसीबी मशीनों से खुदाई कर 15 से 20 फीट गहरा कर दिया गया है। यमुना नदी के किनारे करीब दो ढाई किमी लंबी ढांग के नीचे 100 से 150 जेसीबी मशीनें दिन रात चलती हैं। इन मशीनों से होने वाली खुदाई की आवाज की गूंज यमुना के तटवर्ती गांवों तक सुनाई देती हैं। आज के लिए भविष्य की अनदेखी कर रहे माफिया पर किसी भी स्तर पर कोई लगाम नहीं लग पा रही है। यदि समय रहते खनन माफिया पर लगाम नहीं लगाई गई तो यमुना नदी का स्वरूप ही बदल जाएगा और आगामी संभावित बाढ़ से मचने वाली तबाही से हरियाणा एवं यूपी के तटवर्ती गांवों अछूते नहीं रहेंगे।
बता दें कि पूर्व में कोतवाली बेहट में तैनात रहे एक सिपाही प्रवीण कुमार ने अवैध खनन को लेकर अपने ही महकमे पर गंभीर आरोप लगाए थे। यह मामला काफी सुर्खियों में रहा था। इसके चलते पुलिस की इस मामले में खूब किरकिरी हुई थी और माफिया से मिलीभगत के आरोप सिपाही द्वारा लगाए जाने पर हड़कंप मच गया था। इसके 15 दिन बाद ही माफियाओं के दो ग्रुप अवैध खनिज को लेकर कोतवाली के सामने की भिड़ गए थे। एक ग्रुप ने दूसरे ग्रुप का खनिज से भरा ट्रैक्टर-ट्राली कोतवाली के गेट पर रोककर हंगामा खड़ा कर दिया था। पिछले साल खुद जनपद के प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने यमुना नदी में अवैध खनन होते हुए पकड़ा था। कई बार अवैध खनन को लेकर पुलिस और माफिया के बीच संबंध सार्वजनिक हो चुके हैं। लेकिन अवैध खनन में लिप्त पुलिसकर्मियों के खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई आज तक नहीं हो पाई और अवैध खनन की पोल खोलने वाली सिपाही प्रवीण कुमार को ही विभागीय कार्रवाई का दंश झेलना पड़ा।
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पुलिस पर हो चुके हमले, फिर भी माफिया पर लगाम नहीं
-पुलिस की हीलाहवाली और मिलीभगत के आरोपों के चलते खनन माफिया के हौसले बुलंद है। कई बार माफिया और उनके लोग पुलिस पर जानलेवा हमला कर चुके है। दर्जनों एफआईआर पुलिस पर हमला करने वाले माफिया के खिलाफ दर्ज हैं। लेकिन आज तक पुलिस अधिकतर नामजद माफियाओं को पकड़ नहीं सकी।
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अवैध खनन एवं खनिज का परिवहन किसी भी कीमत पर नहीं होने दिया जाएगा। अवैध खनन से जुड़े लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। - ब्रह्मपाल सिंह, सीओ बेहट
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अवैध खनन के मामले में विभाग पूरी तरह से गंभीर है। यदि अवैध खनन हो रहा है तो मौके पर जाकर जांच कर कार्रवाई की जाएगी। - पीके सिंह, जिला खनन अधिकारी सहारनपुर
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बेहट। राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) द्वारा प्रतिबंध लगाए जाने के बावजूद तहसील बेहट क्षेत्र में अवैध खनन एवं खनिज का परिवहन धड़ल्ले से हो रहा है। हालात इतने बदतर हैं कि हरियाणा के खनन माफिया दिनदहाड़े यूपी की सीमा में बेखौफ होकर यमुना नदी का सीना छलनी कर रहे हैं। जेसीबी एवं पोकलैन मशीनों से यमुना की खुदाई कर खनिज हरियाणा में ढोया जा रहा है। बरथा कोरसी गांव के सामने यमुना नदी में करीब एक से डेढ़ किमी का क्षेत्र हरियाणा के खनन माफिया द्वारा जेसीबी मशीनों से खुदाई कर 15 से 20 फीट गहरा कर दिया गया है। यमुना नदी के किनारे करीब दो ढाई किमी लंबी ढांग के नीचे 100 से 150 जेसीबी मशीनें दिन रात चलती हैं। इन मशीनों से होने वाली खुदाई की आवाज की गूंज यमुना के तटवर्ती गांवों तक सुनाई देती हैं। आज के लिए भविष्य की अनदेखी कर रहे माफिया पर किसी भी स्तर पर कोई लगाम नहीं लग पा रही है। यदि समय रहते खनन माफिया पर लगाम नहीं लगाई गई तो यमुना नदी का स्वरूप ही बदल जाएगा और आगामी संभावित बाढ़ से मचने वाली तबाही से हरियाणा एवं यूपी के तटवर्ती गांवों अछूते नहीं रहेंगे।
बता दें कि पूर्व में कोतवाली बेहट में तैनात रहे एक सिपाही प्रवीण कुमार ने अवैध खनन को लेकर अपने ही महकमे पर गंभीर आरोप लगाए थे। यह मामला काफी सुर्खियों में रहा था। इसके चलते पुलिस की इस मामले में खूब किरकिरी हुई थी और माफिया से मिलीभगत के आरोप सिपाही द्वारा लगाए जाने पर हड़कंप मच गया था। इसके 15 दिन बाद ही माफियाओं के दो ग्रुप अवैध खनिज को लेकर कोतवाली के सामने की भिड़ गए थे। एक ग्रुप ने दूसरे ग्रुप का खनिज से भरा ट्रैक्टर-ट्राली कोतवाली के गेट पर रोककर हंगामा खड़ा कर दिया था। पिछले साल खुद जनपद के प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने यमुना नदी में अवैध खनन होते हुए पकड़ा था। कई बार अवैध खनन को लेकर पुलिस और माफिया के बीच संबंध सार्वजनिक हो चुके हैं। लेकिन अवैध खनन में लिप्त पुलिसकर्मियों के खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई आज तक नहीं हो पाई और अवैध खनन की पोल खोलने वाली सिपाही प्रवीण कुमार को ही विभागीय कार्रवाई का दंश झेलना पड़ा।
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पुलिस पर हो चुके हमले, फिर भी माफिया पर लगाम नहीं
-पुलिस की हीलाहवाली और मिलीभगत के आरोपों के चलते खनन माफिया के हौसले बुलंद है। कई बार माफिया और उनके लोग पुलिस पर जानलेवा हमला कर चुके है। दर्जनों एफआईआर पुलिस पर हमला करने वाले माफिया के खिलाफ दर्ज हैं। लेकिन आज तक पुलिस अधिकतर नामजद माफियाओं को पकड़ नहीं सकी।
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अवैध खनन एवं खनिज का परिवहन किसी भी कीमत पर नहीं होने दिया जाएगा। अवैध खनन से जुड़े लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। - ब्रह्मपाल सिंह, सीओ बेहट
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अवैध खनन के मामले में विभाग पूरी तरह से गंभीर है। यदि अवैध खनन हो रहा है तो मौके पर जाकर जांच कर कार्रवाई की जाएगी। - पीके सिंह, जिला खनन अधिकारी सहारनपुर