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सुभाष के बाद अब सरसावा के उस्मान की हत्या से दहशत
Updated Fri, 31 Aug 2018 12:29 AM IST
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सुभाष के बाद अब उस्मान का अपहरण के बाद हुई हत्या
सहारनपुर। पहले बड़गांव के स्कूल प्रबंधक सुभाष राणा और अब सरसावा के उस्मान की अपहरण के बाद हत्या की वारदात ने जिले भर में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। दोनों ही घटनाओं को एक तरीके से अंजाम दिया गया। फिरौती भी मांगी गई, लेकिन रकम वसूलने से पहले ही दोनों को कत्ल कर दिया गया। चर्चाएं इस बात की ज्यादा है कि कोई गैंग सुनियोजित तरीके से इस तरह की घटनाओं को अंजाम दे रहा हैं। पूर्व में ऐसे कई गैंग सामने आए है, जो फिरौती वसूलने के लिए अपहरण की घटनाएं करते रहे हैं। बड़गांव में दो अगस्त की रात बालू माजरा जाते समय स्कूल प्रबंधक सुभाष राणा का चार बदमाशों ने अपहरण कर लिया था। रात में उसके परिजनों से दो लाख रुपये की फिरौती मांगी गई। फिरौती लेने की बजाय बदमाशों ने सुभाष की हत्या कर दी। सुबह सुभाष का शव एक खेत में पड़ा मिला। उसकी मोटरसाइकिल भी नहर के पास पड़ी मिली। पुलिस ने दो बदमाशों को गिरफ्तार कर हत्याकांड का खुलासा कर दिया था, मगर परिजन उस पर सवाल उठाते रहे हैं।
सुभाष हत्याकांड की तर्ज पर ही बदमाशों ने बुधवार रात दुमझेड़ी निवासी उस्मान और पठानपुरा निवासी अरशद का अपहरण कर लिया। रात में उनके परिवार से पांच-पांच लाख फिरौती मांगी। लेकिन बदमाशों ने सुबह होने तक उस्मान की हत्या कर दी, जबकि अरशद को घायल कर छोड़कर फरार हो गए। उनकी बाइक भी सड़क किनारे पड़ी मिली।अपहरण की वारदात अंजाम देने से पहले बदमाशों ने बुधवार सुबह सरसावा के ही गारमेंट के एक व्यापारी अफजाल से बदमाशों ने लूटपाट की। लूटे गए मोबाइल से ही फिरौती मांगी गई। पुलिस कितना भी इंकार करे, अपहरण की दोनों घटनाएं काफी मेल खाती है। इन घटनाओं से जिले भर में दहशत फैल गई है। लोग आशंका जता रहे हैं कि इन घटनाओं को एक ही गैंग द्वारा ही अंजाम दिया जा रहा है। शीघ्र ही नहीं पकड़ा गया तो यह गैंग अन्य घटनाओं को भी अंजाम दे सकता है।
इस मामले में एसएसपी उपेंद्र कुमार अग्रवाल का कहना है कि दोनों ही घटनाओं में परिजन रंजिश को कारण बता रहे हैं। जबकि घटनाएं फिरौती के लिए की गई हैं।
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सहारनपुर। पहले बड़गांव के स्कूल प्रबंधक सुभाष राणा और अब सरसावा के उस्मान की अपहरण के बाद हत्या की वारदात ने जिले भर में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। दोनों ही घटनाओं को एक तरीके से अंजाम दिया गया। फिरौती भी मांगी गई, लेकिन रकम वसूलने से पहले ही दोनों को कत्ल कर दिया गया। चर्चाएं इस बात की ज्यादा है कि कोई गैंग सुनियोजित तरीके से इस तरह की घटनाओं को अंजाम दे रहा हैं। पूर्व में ऐसे कई गैंग सामने आए है, जो फिरौती वसूलने के लिए अपहरण की घटनाएं करते रहे हैं। बड़गांव में दो अगस्त की रात बालू माजरा जाते समय स्कूल प्रबंधक सुभाष राणा का चार बदमाशों ने अपहरण कर लिया था। रात में उसके परिजनों से दो लाख रुपये की फिरौती मांगी गई। फिरौती लेने की बजाय बदमाशों ने सुभाष की हत्या कर दी। सुबह सुभाष का शव एक खेत में पड़ा मिला। उसकी मोटरसाइकिल भी नहर के पास पड़ी मिली। पुलिस ने दो बदमाशों को गिरफ्तार कर हत्याकांड का खुलासा कर दिया था, मगर परिजन उस पर सवाल उठाते रहे हैं।
सुभाष हत्याकांड की तर्ज पर ही बदमाशों ने बुधवार रात दुमझेड़ी निवासी उस्मान और पठानपुरा निवासी अरशद का अपहरण कर लिया। रात में उनके परिवार से पांच-पांच लाख फिरौती मांगी। लेकिन बदमाशों ने सुबह होने तक उस्मान की हत्या कर दी, जबकि अरशद को घायल कर छोड़कर फरार हो गए। उनकी बाइक भी सड़क किनारे पड़ी मिली।अपहरण की वारदात अंजाम देने से पहले बदमाशों ने बुधवार सुबह सरसावा के ही गारमेंट के एक व्यापारी अफजाल से बदमाशों ने लूटपाट की। लूटे गए मोबाइल से ही फिरौती मांगी गई। पुलिस कितना भी इंकार करे, अपहरण की दोनों घटनाएं काफी मेल खाती है। इन घटनाओं से जिले भर में दहशत फैल गई है। लोग आशंका जता रहे हैं कि इन घटनाओं को एक ही गैंग द्वारा ही अंजाम दिया जा रहा है। शीघ्र ही नहीं पकड़ा गया तो यह गैंग अन्य घटनाओं को भी अंजाम दे सकता है।
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इस मामले में एसएसपी उपेंद्र कुमार अग्रवाल का कहना है कि दोनों ही घटनाओं में परिजन रंजिश को कारण बता रहे हैं। जबकि घटनाएं फिरौती के लिए की गई हैं।