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बस चालक को धमकी से स्कूल संचालकों में रोष, डीआईजी कार्यालय पहुंचे
Updated Sat, 25 Aug 2018 12:46 AM IST
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बड़गांव (सहारनपुर)। स्कूल संचालक सुभाष की अपहरण कर हत्या के बाद स्कूल बस चालक को धमकी देने से क्षेत्र के स्कूल संचालक भड़क उठे। उन्होंने घटना पर रोष जताते हुए पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाया। क्षेत्र के लोगों ने डीआईजी एवं एसएसपी कार्यालय पहुंचकर घटना में कड़ी कार्रवाई किए जाने की मांग की।
शुक्रवार को क्षेत्र के स्कूल संचालकों की बैठक हुई। बैठक में जनसर्वोदय पब्लिक हाईस्कूल चंदपुर के प्रबंधक रविंद्र राणा ने कहा कि धमकी देने से स्कूल कर्मचारियों सहित बच्चों में दहशत का माहौल है। पुलिस मामले को अभी भी गंभीरता से नहीं ले रही है। उन्होंने मांग की कि पुलिस स्कूल आने वाले बच्चों व बस चालकों को सुरक्षा प्रदान करे। स्कूल संचालकों ने स्कूल बस चालक को मिली धमकी को पुलिस की नाकामी बताया और चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसी कोई घटना घटती है तो उसकी जिम्मेदार बड़गांव पुलिस होगी। बैठक में आसपास के बीएमडी इंटर कालेज दल्हेडी, एसडी पब्लिक स्कूल जड़ौदा पांड़ा, आदर्श इंटर कालेज बडग़ांव, एमडीएम पब्लिक स्कूल, कृष्णा पब्लिक स्कूल बड़गांव, जेएसएम पब्लिक स्कूल खुदाबख्शपुर माजरा के प्रबंधक मौजूद रहे। इसके बाद क्षेत्र के लोग एकत्रित होकर देवबंद विधायक ब्रजेश सिंह के नेतृत्व में एसएसपी कार्यालय पहुंचे और पुलिस से घटना में कड़ी कार्रवाई किए जाने की मांग की। उन्होंने पुलिस की अब तक की कार्रवाई पर असंतोष जताया। लोगों ने आरोप लगाया कि सुभाष राणा और घर का फोन अभी तक पुलिस के पास है। सवाल उठाया कि घटना की रात को गोली लगने के स्थान से पुलिस ने लोगों को 500 मीटर दूर ही क्यों रोक दिया। गोली आगे से लगी हुई बताई जा रही है, जबकि सुभाष को देखकर लग रहा है कि गोली पीछे से मारी गई। फोन की लोकेशन मोरा टावर की थी तो बड़गांव रोड पर पुलिस और ग्रामीणों को क्यों रोका गया। पुलिस जांच से लोग इसलिए भी असंतुष्ट हैं क्योंकि लूट का कोई सामान अभी तक प्राप्त नहीं हुआ। लूट होती तो सोने का लॉकेट क्यों नहीं लूटा, मोटरसाइकिल क्यों नहीं लूटी। फिरौती के लिए अपहरण किया गया तो गैंगस्टर क्यों नहीं लगाई गई। 22 दिन बाद भी फरार ओमपाल और विक्की की गिरफ्तारी क्यों नहीं हो सकी। लोगों ने घटना की सीबीआई जांच कराए जाने की मांग की। इस मामले में उन्होंने एक ज्ञापन डीआईजी और एसएसपी को भी सौंपा। ज्ञापन देने वालों में भगवान सिंह, कर्ण सिंह, ब्रह्मसिंह, कृष्णपाल समेत अनेक लोग शामिल रहे।
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--। अभिभावकों में दहशत, बच्चों को लेने खुद पहुंचे स्कूल
बड़गांव। बस चालक को धमकी दिए जाने के बाद स्कूल के अध्यापक, कर्मचारियों के साथ बच्चों के अभिभावक भी दहशत में हैं। शुक्रवार को अभिभावक भी अपने बच्चों के साथ गाड़ी में स्कूल छोड़ने के लिए पहुंचे और छुट्टी होने पर लेने के लिए पहुंचे।
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स्कूल बस चालक ओमपाल को बस चलाने पर अंजाम भुगतने की धमकी मिलने से स्कूल के अध्यापक, अध्यापिकाएं दहशत में हैं। कर्मचारियों में भी दहशत का आलम है। साथ ही बसों से स्कूल जाने वाले बच्चों के अभिभावक भी इस घटना के बाद दहशत में आ गए हैं। शुक्रवार को बच्चों को स्कूल छोड़ने के लिए अभिभावक भी स्कूल पहुंचे। यही नहीं छुट्टी होने के बाद स्कूल से लेकर भी अभिभावक ही आए। कुछ अभिभावक तो बस में ही साथ पहुंचे। पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ है।
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शुक्रवार को क्षेत्र के स्कूल संचालकों की बैठक हुई। बैठक में जनसर्वोदय पब्लिक हाईस्कूल चंदपुर के प्रबंधक रविंद्र राणा ने कहा कि धमकी देने से स्कूल कर्मचारियों सहित बच्चों में दहशत का माहौल है। पुलिस मामले को अभी भी गंभीरता से नहीं ले रही है। उन्होंने मांग की कि पुलिस स्कूल आने वाले बच्चों व बस चालकों को सुरक्षा प्रदान करे। स्कूल संचालकों ने स्कूल बस चालक को मिली धमकी को पुलिस की नाकामी बताया और चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसी कोई घटना घटती है तो उसकी जिम्मेदार बड़गांव पुलिस होगी। बैठक में आसपास के बीएमडी इंटर कालेज दल्हेडी, एसडी पब्लिक स्कूल जड़ौदा पांड़ा, आदर्श इंटर कालेज बडग़ांव, एमडीएम पब्लिक स्कूल, कृष्णा पब्लिक स्कूल बड़गांव, जेएसएम पब्लिक स्कूल खुदाबख्शपुर माजरा के प्रबंधक मौजूद रहे। इसके बाद क्षेत्र के लोग एकत्रित होकर देवबंद विधायक ब्रजेश सिंह के नेतृत्व में एसएसपी कार्यालय पहुंचे और पुलिस से घटना में कड़ी कार्रवाई किए जाने की मांग की। उन्होंने पुलिस की अब तक की कार्रवाई पर असंतोष जताया। लोगों ने आरोप लगाया कि सुभाष राणा और घर का फोन अभी तक पुलिस के पास है। सवाल उठाया कि घटना की रात को गोली लगने के स्थान से पुलिस ने लोगों को 500 मीटर दूर ही क्यों रोक दिया। गोली आगे से लगी हुई बताई जा रही है, जबकि सुभाष को देखकर लग रहा है कि गोली पीछे से मारी गई। फोन की लोकेशन मोरा टावर की थी तो बड़गांव रोड पर पुलिस और ग्रामीणों को क्यों रोका गया। पुलिस जांच से लोग इसलिए भी असंतुष्ट हैं क्योंकि लूट का कोई सामान अभी तक प्राप्त नहीं हुआ। लूट होती तो सोने का लॉकेट क्यों नहीं लूटा, मोटरसाइकिल क्यों नहीं लूटी। फिरौती के लिए अपहरण किया गया तो गैंगस्टर क्यों नहीं लगाई गई। 22 दिन बाद भी फरार ओमपाल और विक्की की गिरफ्तारी क्यों नहीं हो सकी। लोगों ने घटना की सीबीआई जांच कराए जाने की मांग की। इस मामले में उन्होंने एक ज्ञापन डीआईजी और एसएसपी को भी सौंपा। ज्ञापन देने वालों में भगवान सिंह, कर्ण सिंह, ब्रह्मसिंह, कृष्णपाल समेत अनेक लोग शामिल रहे।
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--। अभिभावकों में दहशत, बच्चों को लेने खुद पहुंचे स्कूल
बड़गांव। बस चालक को धमकी दिए जाने के बाद स्कूल के अध्यापक, कर्मचारियों के साथ बच्चों के अभिभावक भी दहशत में हैं। शुक्रवार को अभिभावक भी अपने बच्चों के साथ गाड़ी में स्कूल छोड़ने के लिए पहुंचे और छुट्टी होने पर लेने के लिए पहुंचे।
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स्कूल बस चालक ओमपाल को बस चलाने पर अंजाम भुगतने की धमकी मिलने से स्कूल के अध्यापक, अध्यापिकाएं दहशत में हैं। कर्मचारियों में भी दहशत का आलम है। साथ ही बसों से स्कूल जाने वाले बच्चों के अभिभावक भी इस घटना के बाद दहशत में आ गए हैं। शुक्रवार को बच्चों को स्कूल छोड़ने के लिए अभिभावक भी स्कूल पहुंचे। यही नहीं छुट्टी होने के बाद स्कूल से लेकर भी अभिभावक ही आए। कुछ अभिभावक तो बस में ही साथ पहुंचे। पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ है।