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Maharajganj News: बत्ती बंद करने के दौरान करंट की चपेट में आए अधेड़ की मौत
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- पत्नी ने बचाने की कोशिश की तो उसे भी लगा झटका, खेत से दौड़कर पहुंचे बेटे और बहू
- बोर्ड से चिपके सुखसागर को छुड़ाने में पत्नी बिंदू भी जमीन पर गिरी
महराजगंज। सदर कोतवाली क्षेत्र के करमहा गांव में सोमवार दोपहर घर में बल्ब बंद के प्रयास में अधेड़ की करंट की चपेट में आने से मौत हो गई। अधेड़ को बचाने के प्रयास में उसकी पत्नी भी झुलस गईं। परिजन उन्हें लेकर जिला अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
जानकारी के अनुसार, करमहा निवासी सुखसागर बढ़ई का काम करते थे। उन्हीं की कमाई से परिवार का भरण-पोषण होता था। सोमवार दोपहर घर में बल्ब जलता देख सुखसागर उसे बंद करने के लिए स्विच बोर्ड के पास गए। बताया जा रहा है कि स्विच ऑफ करते समय वह करंट की चपेट में आ गए और बोर्ड से चिपक गए।
पति को करंट की चपेट में आया देख पत्नी बिंदू उन्हें छुड़ाने पहुंचीं। उन्होंने जैसे ही सुखसागर को अलग करने का प्रयास किया, वह भी करंट की चपेट में आई गईं और झटका लगने से जमीन पर गिर गईं। कुछ देर बाद सुखसागर भी जमीन पर गिर पड़े। पति के शरीर में कोई हरकत नहीं देख बिंदू चीखने-चिल्लाने लगीं।
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आवाज सुनकर घर के बाहर खेत में काम कर रहे बेटा कमलेश और पुत्रवधू दौड़कर पहुंचे। सुखसागर की हालत देखकर दोनों दहाड़े मारकर रोने लगे। सूचना मिलने पर ग्राम प्रधान अमरजीत साहनी भी मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों की मदद से सुखसागर को जिला अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
आवश्यक कार्रवाई के बाद शव का पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। परिजन ने अमरूतियां बैकुंठी घाट पर अंतिम संस्कार किया। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। सुखसागर की अचानक मौत से पत्नी बिंदू, बेटे कमलेश और पुत्रवधू का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार के मुखिया की मौत के बाद परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट भी खड़ा हो गया है।
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- बोर्ड से चिपके सुखसागर को छुड़ाने में पत्नी बिंदू भी जमीन पर गिरी
महराजगंज। सदर कोतवाली क्षेत्र के करमहा गांव में सोमवार दोपहर घर में बल्ब बंद के प्रयास में अधेड़ की करंट की चपेट में आने से मौत हो गई। अधेड़ को बचाने के प्रयास में उसकी पत्नी भी झुलस गईं। परिजन उन्हें लेकर जिला अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
जानकारी के अनुसार, करमहा निवासी सुखसागर बढ़ई का काम करते थे। उन्हीं की कमाई से परिवार का भरण-पोषण होता था। सोमवार दोपहर घर में बल्ब जलता देख सुखसागर उसे बंद करने के लिए स्विच बोर्ड के पास गए। बताया जा रहा है कि स्विच ऑफ करते समय वह करंट की चपेट में आ गए और बोर्ड से चिपक गए।
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पति को करंट की चपेट में आया देख पत्नी बिंदू उन्हें छुड़ाने पहुंचीं। उन्होंने जैसे ही सुखसागर को अलग करने का प्रयास किया, वह भी करंट की चपेट में आई गईं और झटका लगने से जमीन पर गिर गईं। कुछ देर बाद सुखसागर भी जमीन पर गिर पड़े। पति के शरीर में कोई हरकत नहीं देख बिंदू चीखने-चिल्लाने लगीं।
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आवाज सुनकर घर के बाहर खेत में काम कर रहे बेटा कमलेश और पुत्रवधू दौड़कर पहुंचे। सुखसागर की हालत देखकर दोनों दहाड़े मारकर रोने लगे। सूचना मिलने पर ग्राम प्रधान अमरजीत साहनी भी मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों की मदद से सुखसागर को जिला अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
आवश्यक कार्रवाई के बाद शव का पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। परिजन ने अमरूतियां बैकुंठी घाट पर अंतिम संस्कार किया। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। सुखसागर की अचानक मौत से पत्नी बिंदू, बेटे कमलेश और पुत्रवधू का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार के मुखिया की मौत के बाद परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट भी खड़ा हो गया है।