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नौकरी लगवाने का झांसा दे दस लाख रुपये हड़पे
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नकुड़ (सहारनपुर)। उत्तर प्रदेश प्रशिक्षित स्नातक संघ के जिलाध्यक्ष ने सहायक अध्यापक पद पर नियुक्ति के लिए दो लोगों पर लाखों रुपये हड़पने का आरोप लगाया है। उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई न होने पर लखनऊ में विधानसभा के सामने आत्मदाह की चेतावनी दी है।
नगर के गांधीनगर कालोनी निवासी उत्तर प्रदेश प्रशिक्षित स्नातक संघ इकाई के जिलाध्यक्ष विजेंद्र तोमर ने मुख्यमंत्री को प्रेषित पत्र में बताया कि मार्च 2011 में सहारनपुर के एक स्कूल में दो सहायक अध्यापकों की नियुक्ति निकली थी। तभी विद्यालय से जुड़े दो लोगों ने उसे नौकरी का लालच देकर चार लाख रुपये एडवांस तथा बाकी नियुक्ति के बाद देने के लिए कहा। चार लाख एडवांस देने के कुछ दिन बाद नियुक्ति रद्द हो गई। जिसके बाद सितंबर 2015 में पिछड़ा वर्ग के लिए सहायक अध्यापक की नियुक्ति निकली तो उक्त दोनों लोगों ने फिर उसे नौकरी लगवाने का आश्वासन दिया। जिसके लिए कुल दस लाख की मांग की तथा पहले दिए चार लाख रुपये काटकर बकाया छह लाख देने के लिए कहा। आरोप लगाया कि बाद में छह लाख देने के बाद भी स्कूल में किसी अन्य की नियुक्ति कर दी गई। जब उसने विरोध करते हुए अपने दस लाख रुपये वापस मांगे तो दोनों लोगों ने उसे धमकियां देनी शुरू कर दी। पीड़ित ने बताया कि वह मामले की शिकायत अधिकारियों से करके थक चुका है परंतु कोई कार्रवाई नहीं हुई। पीड़ित ने प्रदेश के मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर एक फरवरी को लखनऊ विधानसभा के सामने आत्मदाह की चेतावनी दी है।
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नगर के गांधीनगर कालोनी निवासी उत्तर प्रदेश प्रशिक्षित स्नातक संघ इकाई के जिलाध्यक्ष विजेंद्र तोमर ने मुख्यमंत्री को प्रेषित पत्र में बताया कि मार्च 2011 में सहारनपुर के एक स्कूल में दो सहायक अध्यापकों की नियुक्ति निकली थी। तभी विद्यालय से जुड़े दो लोगों ने उसे नौकरी का लालच देकर चार लाख रुपये एडवांस तथा बाकी नियुक्ति के बाद देने के लिए कहा। चार लाख एडवांस देने के कुछ दिन बाद नियुक्ति रद्द हो गई। जिसके बाद सितंबर 2015 में पिछड़ा वर्ग के लिए सहायक अध्यापक की नियुक्ति निकली तो उक्त दोनों लोगों ने फिर उसे नौकरी लगवाने का आश्वासन दिया। जिसके लिए कुल दस लाख की मांग की तथा पहले दिए चार लाख रुपये काटकर बकाया छह लाख देने के लिए कहा। आरोप लगाया कि बाद में छह लाख देने के बाद भी स्कूल में किसी अन्य की नियुक्ति कर दी गई। जब उसने विरोध करते हुए अपने दस लाख रुपये वापस मांगे तो दोनों लोगों ने उसे धमकियां देनी शुरू कर दी। पीड़ित ने बताया कि वह मामले की शिकायत अधिकारियों से करके थक चुका है परंतु कोई कार्रवाई नहीं हुई। पीड़ित ने प्रदेश के मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर एक फरवरी को लखनऊ विधानसभा के सामने आत्मदाह की चेतावनी दी है।
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