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संदेह में घिरे भूमि अध्यापित कार्यालय के अधिकारी की होगी जांच
Updated Sun, 18 Feb 2018 12:37 AM IST
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सहारनपुर। भूमि अध्यापित अधिकारी के खाते से हुए पांच करोड़ रुपये के गबन के मामले में संदेह के घेरे में आए विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी की जांच होगी। पुलिस ने बैंक अधिकारियों के पूर्व जानकारी दिए जाने के दावे पर अपनी जांच शुरू कर दी है। जिससे विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
सहारनपुर के भूमि अध्यापित अधिकारी के इंडसइंड बैंक के खाते से हुए पांच करोड़ रुपये के गबन के मामले में पुलिस ने बैंक अधिकारियों के दावे पर संदेह के घेर में विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारियों की जांच शुरू कर दी है। इंडसइंड बैंक मुजफ्फरनगर के अधिकारी अमन जैन और गौरव गर्ग के परिजनों ने आरोप लगाया है कि बैंक के अधिकारियों ने पहले ही चेक के भुगतान के तुरंत बाद भूमि अध्यापित विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सूचना दी थी। यही नहीं बैंक के जोनल हेड ने भी सहारनपुर पहुंचकर विभाग के अधिकारियों को इसकी जानकारी दी थी। लेकिन विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी इस पर चुप्पी साधे रहे। न तो खाते से भुगतान को रुकवाया गया और न ही कानूनी कार्रवाई की गई। उसके बाद भी चेक भुगतान के लिए आते रहे, जिससे बैंक कर्मी विभाग द्वारा ही चेक जारी किए जाना मानकर चेक को अग्रसारित करते रहे। यही नहीं बैंक अधिकारियों ने यह भी दावा किया कि चेक भी असली हैं और उन पर हो रहे हस्ताक्षर भी असली हैं। यही नहीं भुगतान के लिए विभाग को शासन से जारी किए गए निर्देश-पत्र की फोटो कॉपी चेकों के भुगतान के समय बैंक के पास भेजी गई है। यह निर्देश-पत्र बैंक के पास कैसे पहुंच गया। इससे संदेह और भी बढ़ गया है।
बैंक अधिकारियों के दावों को लेकर अब पुलिस भी गंभीरता दिखा रही है। पुलिस ने बैंक अधिकारियों के दावों पर विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारियों की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों की 6 दिसंबर के आसपास के दिनों की लोकेशन निकाली जा रही है। जिससे उनके दावों की पुष्टि हो सके।
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नगर पुलिस अधीक्षक प्रबल प्रताप सिंह ने बताया कि बैंक अधिकारियों द्वारा किए जा रहे दावों को भी नजरंदाज नहीं किया गया है। उन दावों की हकीकत की जांच कराई जा रही है। विभाग के कर्मचारियों पर भी संदेह गहराता जा रहा है। उनकी संलिप्तता की भी जांच की जा रही है।
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सहारनपुर के भूमि अध्यापित अधिकारी के इंडसइंड बैंक के खाते से हुए पांच करोड़ रुपये के गबन के मामले में पुलिस ने बैंक अधिकारियों के दावे पर संदेह के घेर में विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारियों की जांच शुरू कर दी है। इंडसइंड बैंक मुजफ्फरनगर के अधिकारी अमन जैन और गौरव गर्ग के परिजनों ने आरोप लगाया है कि बैंक के अधिकारियों ने पहले ही चेक के भुगतान के तुरंत बाद भूमि अध्यापित विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सूचना दी थी। यही नहीं बैंक के जोनल हेड ने भी सहारनपुर पहुंचकर विभाग के अधिकारियों को इसकी जानकारी दी थी। लेकिन विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी इस पर चुप्पी साधे रहे। न तो खाते से भुगतान को रुकवाया गया और न ही कानूनी कार्रवाई की गई। उसके बाद भी चेक भुगतान के लिए आते रहे, जिससे बैंक कर्मी विभाग द्वारा ही चेक जारी किए जाना मानकर चेक को अग्रसारित करते रहे। यही नहीं बैंक अधिकारियों ने यह भी दावा किया कि चेक भी असली हैं और उन पर हो रहे हस्ताक्षर भी असली हैं। यही नहीं भुगतान के लिए विभाग को शासन से जारी किए गए निर्देश-पत्र की फोटो कॉपी चेकों के भुगतान के समय बैंक के पास भेजी गई है। यह निर्देश-पत्र बैंक के पास कैसे पहुंच गया। इससे संदेह और भी बढ़ गया है।
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बैंक अधिकारियों के दावों को लेकर अब पुलिस भी गंभीरता दिखा रही है। पुलिस ने बैंक अधिकारियों के दावों पर विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारियों की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों की 6 दिसंबर के आसपास के दिनों की लोकेशन निकाली जा रही है। जिससे उनके दावों की पुष्टि हो सके।
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नगर पुलिस अधीक्षक प्रबल प्रताप सिंह ने बताया कि बैंक अधिकारियों द्वारा किए जा रहे दावों को भी नजरंदाज नहीं किया गया है। उन दावों की हकीकत की जांच कराई जा रही है। विभाग के कर्मचारियों पर भी संदेह गहराता जा रहा है। उनकी संलिप्तता की भी जांच की जा रही है।