{"_id":"5a511ae34f1c1b4d198b54a1","slug":"21515264739-saharanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"फर्जी पासपोर्ट बनाने का मामला...","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
फर्जी पासपोर्ट बनाने का मामला...
Updated Sun, 07 Jan 2018 12:22 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देवबंद (सहारनपुर)। फर्जी पासपोर्ट का खुलासा होने के बाद यूपी एटीएस लगातार देवबंद में छापेमारी कर रही है। शुक्रवार की रात्रि भी एटीएस ने नगर के अलग अलग स्थानों पर छापेमारी की। बताया जाता है कि एटीएस ने करीब चार लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ भी की। हालांकि एटीएस की कार्रवाई से स्थानीय पुलिस अनभिज्ञता जता रही है।
कुटेसरा से बांग्लादेेशी आतंकी अब्दुल्ला के गिरफ्तार होने के बाद देवबंद में फर्जी पासपोर्ट बनाए जाने का खुलासा हुआ था। जिसके बाद से खुफिया एजेंसी, पुलिस और एटीएस इस मामले की जांच में जुटी हुई है। बीते दिनों एटीएस ने नगर के मोहल्ला पठानपुरा और खानकाह में छापा मारकर दो लोगों को गिरफ्तार किया था। जिन्हें एटीएस ट्रांजिट रिमांड पर लखनऊ ले गई थी। शुक्रवार को फिर से एटीएस की टीम देवबंद पहुंची और नगर के ईदगाह रोड, किला, पठानपुरा और खानकाह आदि मोहल्लों में छापामारी की। बताया जाता है कि एटीएस ने चार लोगों को हिरासत में लिया था। घंटों पूछताछ करने के बाद जब उनसे कोई खास जानकारी नहीं मिली तो एटीएस उन्हें छोड़कर वापस लौट गई। हालांकि इस बाबत स्थानीय पुलिस और खुफिया एजेंसी के अधिकारी अनभिज्ञता जता रहे हैं। सीओ सिद्धार्थ का कहना है कि एटीएस की छापेमारी के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है।
विज्ञापन
कुटेसरा से बांग्लादेेशी आतंकी अब्दुल्ला के गिरफ्तार होने के बाद देवबंद में फर्जी पासपोर्ट बनाए जाने का खुलासा हुआ था। जिसके बाद से खुफिया एजेंसी, पुलिस और एटीएस इस मामले की जांच में जुटी हुई है। बीते दिनों एटीएस ने नगर के मोहल्ला पठानपुरा और खानकाह में छापा मारकर दो लोगों को गिरफ्तार किया था। जिन्हें एटीएस ट्रांजिट रिमांड पर लखनऊ ले गई थी। शुक्रवार को फिर से एटीएस की टीम देवबंद पहुंची और नगर के ईदगाह रोड, किला, पठानपुरा और खानकाह आदि मोहल्लों में छापामारी की। बताया जाता है कि एटीएस ने चार लोगों को हिरासत में लिया था। घंटों पूछताछ करने के बाद जब उनसे कोई खास जानकारी नहीं मिली तो एटीएस उन्हें छोड़कर वापस लौट गई। हालांकि इस बाबत स्थानीय पुलिस और खुफिया एजेंसी के अधिकारी अनभिज्ञता जता रहे हैं। सीओ सिद्धार्थ का कहना है कि एटीएस की छापेमारी के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है।
विज्ञापन