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नजीर गैंग का सदस्य रह चुका था मृतक सलीम, अब अपना बनाया था गिरोह
Updated Mon, 26 Mar 2018 01:07 AM IST
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नजीर गैंग का सदस्य रह चुका था सलीम
सहारनपुर। पुलिस मुठभेड़ में ढेर हुआ बदमाश अहसान उर्फ सलीम लगभग 12 साल से जरायम की दुनियां में सक्रिय था। पहले वह नजीर गैंग का सक्रिय सदस्य रहा। लेकिन नजीर गैंग खत्म होने के बाद उसने अपना गैंग तैयार कर लिया था। पुलिस उसकी काफी समय से तलाश कर रही थी।
एसपी सिटी प्रबल प्रताप सिंह ने बताया कि मृतक बदमाश अहसान उर्फ सलीम 2005 से अपराध कर रहा था। उसने सहारनपुर में आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने के अलावा मेरठ, मुजफ्फरनगर, शामली में भी घटनाओं को अंजाम दिया। उन्होंने बताया कि सलीम पहले नजीर गैंग का सक्रिय सदस्य रहा और गैंग के साथ काफी वारदात कीं। लेकिन नजीर गैंग के खत्म होने के कुछ समय बाद ही इसने अपना अलग गैंग बना लिया था। जिसके चार सदस्यों को पुलिस ने शनिवार को ही मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया था। जबकि कुछ सदस्य अभी फरार चल रहे हैं।
एसपी सिटी ने बताया कि सलीम अपनी पहचान और पता बदलकर रुड़की में रह रहा था। उस पर विभिन्न थानों में डेढ़ दर्जन मामले दर्ज है। पुलिस उसकी काफी समय से तलाश कर रही थी। उस पर देवबंद थाना क्षेत्र से 25 हजार का इनाम घोषित था।
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बलवा, लूट समेत एक दर्जन से अधिक मामले हैं दर्ज
एसपी सिटी प्रबल प्रताप सिंह ने बताया कि सलीम पर मुजफ्फरनगर के थाना बुढ़ाना में जानलेवा हमला, धोखाधड़ी और शस्त्र अधिनियम के कई मामले दर्ज हैं, तो वहीं सिविल लाइन थाने में बलवा, जानलेवा हमला और लूट में नामजदगी है। थाना सरसावा में भी लूट के साथ जानलेवा हमले की रिपोर्ट दर्ज हुई, जनपद मुजफ्फरनगर के नई मंडी थाने में डकैती का मामला और देवबंद थाने में चोरी की रिपोर्ट दर्ज है। इसके अलावा उत्तराखंड के देहरादून के वसंत विहार थाने में लूट के माल की बरामदगी का मामला दर्ज है और इसी थाने में इस पर गैंगस्टर भी लग चुकी है। 2012 में खुर्जा में एक घर में घुसकर हत्या करने के साथ महिला से दुष्कर्म करने। 2012 में ही बड़ौत में एक महिला की हत्या करने, 2011 में अलीगढ़ के गांधी पार्क इलाके में नौ लोगों के साथ मिलकर एक महिला से दुष्कर्म का प्रयास और लूटपाट का मामला भी दर्ज है। देहरादून के बसंत विहार में एक सैन्य अधिकारी के घर में लूटपाट और अब थाना मंडी में पुलिस पार्टी पर जानलेवा हमला करने, लूट का माल बरामद होने और शस्त्र अधिनियम में नामजदगी की गई।
उप निरीक्षक सचिन शर्मा और किसान खतरे से बाहर
शनिवार की रात में हुई मुठभेड़ के दौरान उप निरीक्षक सचिन शर्मा के पेट में गोली लगी। जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। एसपी सिटी ने बताया कि फिलहाल सचिन शर्मा खतरे से बाहर हैं। इसके अलावा लूट के लिए बदमाशों द्वारा चलाई गई गोली किसान नवाब के हाथ में लगी है। किसान भी अस्पताल में भर्ती है और खतरे से बाहर हैं।
अहसान उर्फ सलीम का आपराधिक इतिहास
1-मु0अ0सं0 779/2017 धारा 307 भादवि थाना बुढ़ाना, मुजफ्फरनगर।
2-मु0अ0सं0 780/2017 धारा 420/465/414 भादवि थाना बुढ़ाना, मुजफ्फरनगर।
3-मु0अ0सं0 782/2017 धारा 25 आर्म्स एक्ट थाना बुढाना, मुजफ्फरनगर।
4-मु0अ0सं0 313/2014 धारा 395/412 भादवि थाना मंडी, सहारनपुर।
5-मु0अ0सं0 1065/2008 धारा 147/148/149/307 भादवि थाना सिविल लाइंस, मुजफ्फरनगर।
6-मु0अ0सं0 664/2008 धारा 392/411 भादवि थाना सिविल लाइंस, मुजफ्फरनगर।
7-मु0अ0सं0 100/2018 धारा 392 भादवि थाना सरसावा, सहारनपुर।
8-मु0अ0सं0 12/2003 धारा 395/411 भादवि थाना नई मंडी, मुजफ्फरनगर।
9-मु0अ0सं0 248/2018 धारा 457/380/382 भादवि थाना देवबंद, सहारनपुर।
10-मु0अ0सं0 108/2018 धारा 307/411 भादवि व धारा 41/102 द0प्र0सं0 थाना मंडी, सहारनपुर।
11-मु0अ0सं0 109/2018 धारा 3/25 आर्म्स एक्ट थाना मंडी, सहारनपुर।
12-मु0अ0सं0 97/2006 धारा 392/411 भादवि थाना बसंत बिहार, देहरादून।
13-मु0अ0सं0 133/2006 धारा 2/3 गैंगस्टर एक्ट थाना बसंत बिहार, देहरादून।
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सहारनपुर। पुलिस मुठभेड़ में ढेर हुआ बदमाश अहसान उर्फ सलीम लगभग 12 साल से जरायम की दुनियां में सक्रिय था। पहले वह नजीर गैंग का सक्रिय सदस्य रहा। लेकिन नजीर गैंग खत्म होने के बाद उसने अपना गैंग तैयार कर लिया था। पुलिस उसकी काफी समय से तलाश कर रही थी।
एसपी सिटी प्रबल प्रताप सिंह ने बताया कि मृतक बदमाश अहसान उर्फ सलीम 2005 से अपराध कर रहा था। उसने सहारनपुर में आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने के अलावा मेरठ, मुजफ्फरनगर, शामली में भी घटनाओं को अंजाम दिया। उन्होंने बताया कि सलीम पहले नजीर गैंग का सक्रिय सदस्य रहा और गैंग के साथ काफी वारदात कीं। लेकिन नजीर गैंग के खत्म होने के कुछ समय बाद ही इसने अपना अलग गैंग बना लिया था। जिसके चार सदस्यों को पुलिस ने शनिवार को ही मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया था। जबकि कुछ सदस्य अभी फरार चल रहे हैं।
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एसपी सिटी ने बताया कि सलीम अपनी पहचान और पता बदलकर रुड़की में रह रहा था। उस पर विभिन्न थानों में डेढ़ दर्जन मामले दर्ज है। पुलिस उसकी काफी समय से तलाश कर रही थी। उस पर देवबंद थाना क्षेत्र से 25 हजार का इनाम घोषित था।
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बलवा, लूट समेत एक दर्जन से अधिक मामले हैं दर्ज
एसपी सिटी प्रबल प्रताप सिंह ने बताया कि सलीम पर मुजफ्फरनगर के थाना बुढ़ाना में जानलेवा हमला, धोखाधड़ी और शस्त्र अधिनियम के कई मामले दर्ज हैं, तो वहीं सिविल लाइन थाने में बलवा, जानलेवा हमला और लूट में नामजदगी है। थाना सरसावा में भी लूट के साथ जानलेवा हमले की रिपोर्ट दर्ज हुई, जनपद मुजफ्फरनगर के नई मंडी थाने में डकैती का मामला और देवबंद थाने में चोरी की रिपोर्ट दर्ज है। इसके अलावा उत्तराखंड के देहरादून के वसंत विहार थाने में लूट के माल की बरामदगी का मामला दर्ज है और इसी थाने में इस पर गैंगस्टर भी लग चुकी है। 2012 में खुर्जा में एक घर में घुसकर हत्या करने के साथ महिला से दुष्कर्म करने। 2012 में ही बड़ौत में एक महिला की हत्या करने, 2011 में अलीगढ़ के गांधी पार्क इलाके में नौ लोगों के साथ मिलकर एक महिला से दुष्कर्म का प्रयास और लूटपाट का मामला भी दर्ज है। देहरादून के बसंत विहार में एक सैन्य अधिकारी के घर में लूटपाट और अब थाना मंडी में पुलिस पार्टी पर जानलेवा हमला करने, लूट का माल बरामद होने और शस्त्र अधिनियम में नामजदगी की गई।
उप निरीक्षक सचिन शर्मा और किसान खतरे से बाहर
शनिवार की रात में हुई मुठभेड़ के दौरान उप निरीक्षक सचिन शर्मा के पेट में गोली लगी। जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। एसपी सिटी ने बताया कि फिलहाल सचिन शर्मा खतरे से बाहर हैं। इसके अलावा लूट के लिए बदमाशों द्वारा चलाई गई गोली किसान नवाब के हाथ में लगी है। किसान भी अस्पताल में भर्ती है और खतरे से बाहर हैं।
अहसान उर्फ सलीम का आपराधिक इतिहास
1-मु0अ0सं0 779/2017 धारा 307 भादवि थाना बुढ़ाना, मुजफ्फरनगर।
2-मु0अ0सं0 780/2017 धारा 420/465/414 भादवि थाना बुढ़ाना, मुजफ्फरनगर।
3-मु0अ0सं0 782/2017 धारा 25 आर्म्स एक्ट थाना बुढाना, मुजफ्फरनगर।
4-मु0अ0सं0 313/2014 धारा 395/412 भादवि थाना मंडी, सहारनपुर।
5-मु0अ0सं0 1065/2008 धारा 147/148/149/307 भादवि थाना सिविल लाइंस, मुजफ्फरनगर।
6-मु0अ0सं0 664/2008 धारा 392/411 भादवि थाना सिविल लाइंस, मुजफ्फरनगर।
7-मु0अ0सं0 100/2018 धारा 392 भादवि थाना सरसावा, सहारनपुर।
8-मु0अ0सं0 12/2003 धारा 395/411 भादवि थाना नई मंडी, मुजफ्फरनगर।
9-मु0अ0सं0 248/2018 धारा 457/380/382 भादवि थाना देवबंद, सहारनपुर।
10-मु0अ0सं0 108/2018 धारा 307/411 भादवि व धारा 41/102 द0प्र0सं0 थाना मंडी, सहारनपुर।
11-मु0अ0सं0 109/2018 धारा 3/25 आर्म्स एक्ट थाना मंडी, सहारनपुर।
12-मु0अ0सं0 97/2006 धारा 392/411 भादवि थाना बसंत बिहार, देहरादून।
13-मु0अ0सं0 133/2006 धारा 2/3 गैंगस्टर एक्ट थाना बसंत बिहार, देहरादून।