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सहकारी समिति कुरडी खेडा में गडबडझाला सामने आया
Updated Fri, 24 Nov 2017 12:26 AM IST
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सहारनपुर। विकास खंड मुजफ्फराबाद की साधन सहकारी समिति कुरड़ीखेड़ा में एक चौकीदार की नियुक्ति में गड़बड़झाला सामने आया है। जांच में पाया गया कि नियमों की अनदेखी कर चौकीदार की नियुक्ति की गई है। नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता भी नहीं बरती गई है।
कुरड़ीखेड़ा चानचक निवासी अरविन्द कुमार ने जिलाधिकारी से शिकायत की थी कि नियमों की अनदेखी कर समिति में जयवीर सिंह की चौकीदार के पद पर नियुक्ति की गई है। डीएम पीके पांडे ने इसकी गहनता से जांच कराई। जिसमें सामने आया कि इस नियुक्ति में नियमों का पालन नहीं करने और पारदर्शिता नहीं अपनाई गई है।
जांच रिपोर्ट में बताया गया कि साधन सहकारी समिति कुुरड़ीखेड़ा में 6 अगस्त 2016 को प्रस्ताव संख्या-2 में चौकीदार, सहयोगी के पद पर नियुक्ति करने का निर्णय लिया गया। जिसे अनुमति के लिए सहायक निबंधक को भेजा गया। इस पर सहायक निबंधक ने समिति के सचिव को कार्रवाई करने का निर्देश दिया। समिति के संचालक मंडल ने निर्णय लिया कि भर्ती के लिए दैनिक समाचार पत्र में विज्ञापन छपवाया जाए। जबकि सचिव ने एक हिंदी साप्ताहिक में इस विज्ञापन को छपवाया गया। नियमानुसार भर्ती की कार्रवाई में विकास खंड स्तर के निवासियों से आवेदन पत्र आमंत्रित करने का प्रावधान है। इसके लिए कक्षा पांच उत्तीर्ण और साइकिल चलाने की अनिवार्यता है, लेकिन सचिव ने विज्ञापन फिल्में योग्यता हाईस्कूल अंकित की।
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इसके अलावा प्रकाशित विज्ञप्ति में भर्ती के लिए स्वयं उपस्थित होकर आवेदन देने के लिए कहा गया। जांच रिपोर्ट के मुताबिक सभी 7 आवेदक कुरड़ी खेड़ा के ही निवासी थे और उनकी जाति भी एक ही है। सभी आवेदकों ने प्रार्थना पत्र में लिखा कि विश्वस्त सूत्रों से ज्ञात हुआ कि समिति में चौकीदार का पद रिक्त है। इससे स्पष्ट है कि किसी भी अभ्यर्थी को प्रकाशित विज्ञप्ति से जानकारी नहीं हुई है। जांचकर्ता इस निष्कर्ष में पहुुंचे कि चौकीदार की नियुक्ति में प्राविधानित नियमों एवं निर्देशों अनुपालन सुनिश्चित नहीं किया गया है और नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती गई है।
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कुरड़ीखेड़ा चानचक निवासी अरविन्द कुमार ने जिलाधिकारी से शिकायत की थी कि नियमों की अनदेखी कर समिति में जयवीर सिंह की चौकीदार के पद पर नियुक्ति की गई है। डीएम पीके पांडे ने इसकी गहनता से जांच कराई। जिसमें सामने आया कि इस नियुक्ति में नियमों का पालन नहीं करने और पारदर्शिता नहीं अपनाई गई है।
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जांच रिपोर्ट में बताया गया कि साधन सहकारी समिति कुुरड़ीखेड़ा में 6 अगस्त 2016 को प्रस्ताव संख्या-2 में चौकीदार, सहयोगी के पद पर नियुक्ति करने का निर्णय लिया गया। जिसे अनुमति के लिए सहायक निबंधक को भेजा गया। इस पर सहायक निबंधक ने समिति के सचिव को कार्रवाई करने का निर्देश दिया। समिति के संचालक मंडल ने निर्णय लिया कि भर्ती के लिए दैनिक समाचार पत्र में विज्ञापन छपवाया जाए। जबकि सचिव ने एक हिंदी साप्ताहिक में इस विज्ञापन को छपवाया गया। नियमानुसार भर्ती की कार्रवाई में विकास खंड स्तर के निवासियों से आवेदन पत्र आमंत्रित करने का प्रावधान है। इसके लिए कक्षा पांच उत्तीर्ण और साइकिल चलाने की अनिवार्यता है, लेकिन सचिव ने विज्ञापन फिल्में योग्यता हाईस्कूल अंकित की।
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इसके अलावा प्रकाशित विज्ञप्ति में भर्ती के लिए स्वयं उपस्थित होकर आवेदन देने के लिए कहा गया। जांच रिपोर्ट के मुताबिक सभी 7 आवेदक कुरड़ी खेड़ा के ही निवासी थे और उनकी जाति भी एक ही है। सभी आवेदकों ने प्रार्थना पत्र में लिखा कि विश्वस्त सूत्रों से ज्ञात हुआ कि समिति में चौकीदार का पद रिक्त है। इससे स्पष्ट है कि किसी भी अभ्यर्थी को प्रकाशित विज्ञप्ति से जानकारी नहीं हुई है। जांचकर्ता इस निष्कर्ष में पहुुंचे कि चौकीदार की नियुक्ति में प्राविधानित नियमों एवं निर्देशों अनुपालन सुनिश्चित नहीं किया गया है और नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती गई है।