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फर्जीवाड़ा की शिकायत करने पर हत्या की धमकी का आरोप
Updated Fri, 28 Jul 2017 12:02 AM IST
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सहारनपुर। गलीरा रोड केे दुर्गा विहार कालोनी निवासी आनंद सिंह तोमर ने दिल्ली रोड स्थित एक इंश्योरेंस कंपनी के शाखा प्रबंधक पर गलत तरीके से पालिसी बनवाकर कंपनी में लोगों का पैसा फंसाए जाने, शिकायत करने पर उसे नौकरी से निकलवाए जाने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है।
आनंद सिंह तोमर का आरोप है कि वह इंश्योरेंस कंपनी में बतौर एसोसिएट्स पार्टनर सेल्स के रूप में सेवारत था। लेकिन आरोपी ने अपने साथियों से साजिश करके यूपी और हरियाणा के कुछ उच्च पुलिस अधिकारियों से साठगांठ करके पुलिसकर्मियों को सामूहिक प्रस्तुतिकरण देने की अनुमति का प्रमाण-पत्र जारी करा लिया। पुलिस कर्मियों को अधिकारियों का पत्र दिखाकर पुलिस कर्मियों को बीमा पालिसी का प्रस्तुतिकरण देना शुरू कर दिया और लोगों को गुमराह करके एवं बहकाकर उनकी पालिसी जारी कर दी। जिसका पैसा पुलिसकर्मियों के वेतन से कटने लगा। लेकिन पुलिसियों पर उसने फर्जी हस्ताक्षर कराकर कंपनी में जमा करा दिए। फर्जी हस्ताक्षर होने के कारण पुलिस कर्मियों का पैसा जो वेतन से कट रहा है उनको वापस नहीं मिल पाएगा। जिसकी शिकायत उसने उच्चाधिकारियों को कर दी। जिसका पता आरोपी को चल गया। उसने साजिश करके उस पर झूठे आरोप लगाकर उसे नौकरी से हटवा दिया। आरोप है कि 26 जुलाई को आरोपी ने उसे एक व्यक्ति के माध्यम से अपने केबिन में बुलाया और उसे मुंह बंद कर चुपचाप बैठने की हिदायत दी। चेतावनी दी कि चुप नहीं बैठा तो उसकी हत्या कर दी जाएगी। इस संबंध में उसने एससपी को ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग की है।
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आनंद सिंह तोमर का आरोप है कि वह इंश्योरेंस कंपनी में बतौर एसोसिएट्स पार्टनर सेल्स के रूप में सेवारत था। लेकिन आरोपी ने अपने साथियों से साजिश करके यूपी और हरियाणा के कुछ उच्च पुलिस अधिकारियों से साठगांठ करके पुलिसकर्मियों को सामूहिक प्रस्तुतिकरण देने की अनुमति का प्रमाण-पत्र जारी करा लिया। पुलिस कर्मियों को अधिकारियों का पत्र दिखाकर पुलिस कर्मियों को बीमा पालिसी का प्रस्तुतिकरण देना शुरू कर दिया और लोगों को गुमराह करके एवं बहकाकर उनकी पालिसी जारी कर दी। जिसका पैसा पुलिसकर्मियों के वेतन से कटने लगा। लेकिन पुलिसियों पर उसने फर्जी हस्ताक्षर कराकर कंपनी में जमा करा दिए। फर्जी हस्ताक्षर होने के कारण पुलिस कर्मियों का पैसा जो वेतन से कट रहा है उनको वापस नहीं मिल पाएगा। जिसकी शिकायत उसने उच्चाधिकारियों को कर दी। जिसका पता आरोपी को चल गया। उसने साजिश करके उस पर झूठे आरोप लगाकर उसे नौकरी से हटवा दिया। आरोप है कि 26 जुलाई को आरोपी ने उसे एक व्यक्ति के माध्यम से अपने केबिन में बुलाया और उसे मुंह बंद कर चुपचाप बैठने की हिदायत दी। चेतावनी दी कि चुप नहीं बैठा तो उसकी हत्या कर दी जाएगी। इस संबंध में उसने एससपी को ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग की है।
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